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Jind News: 30 को उल्लास 2.0 की 10 हजार व्यस्क देंगे परीक्षा
Wed, 26 Mar 2025 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Wed, 26 Mar 2025 11:59 PM IST
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जींद। शिक्षा विभाग की ओर से 15 से 80 वर्ष के निरक्षर शिक्षार्थी को जोड़ने के लिए सर्वे किया जा रहा है। अभी तक इस योजना के तहत लगभग साढ़े 31 हजार शिक्षार्थी पंजीकृत हो चुके हैं।
विभाग ने 44 हजार 800 शिक्षार्थी जोड़ने का लक्ष्य रखा है। वहीं, 30 मार्च को उल्लास योजना के तहत द्वितीय चरण की परीक्षा जिले के 317 परीक्षा केंद्रों पर करवाई जाएगी।
परीक्षा केंद्र के लिए जिले से एक राजकीय स्कूल का चयन किया गया है। परीक्षा का समय सुबह दस बजे से लेकर शाम पांच बजे तक का रहेगा। जिले के लगभग दस हजार 15 साल से अधिक उम्र के व्यस्क परीक्षा में भाग लेंगे। इसके साथ ही विभाग की ओर से राजकीय स्कूलों में शिक्षार्थी को पढ़ाने के लिए बनाए गए सामाजिक चेतना केंद्र का भी विभाग अधिकारी निरीक्षण करेंगे। दरअसल उल्लास कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सभी के लिए शिक्षा लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। योजना के तहत वालंटियर शिक्षक सर्वे कर रहे हैं और घरों में ही शिक्षार्थी को पढ़ा रहे हैं। विभाग की ओर से पिछले साल सितंबर माह में पहले चरण की परीक्षा जिले के सभी 724 राजकीय स्कूलों में कराई गई थी।
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इस परीक्षा में 15 से 80 वर्ष आयु तक के शिक्षार्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में 18 हजार 295 शिक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। अब दूसरे चरण की परीक्षा 30 मार्च को करवाई जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने 2022 से पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम नामक उल्लास नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की। योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी लोगों को सशक्त बनाना है, जिन्हें खुद को शिक्षित करने का अवसर नहीं मिला है। यह न केवल शिक्षार्थियों को पढ़ने, लिखने और संख्यात्मक कौशल प्राप्त करने की अनुमति देता है, बल्कि आजीवन सीखने को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जीवन कौशल की समझ के साथ समृद्ध भी करता है।
यह योजना स्वयंसेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और कर्तव्य की भावना या कर्तव्यबोध को बढ़ावा देने के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है। इसके अलावा व्यवस्कों को दीक्षा पोर्टल के साथ-साथ उल्लास मोबाइल एप के माध्यम से एजुकेशन फॉर ऑल वर्टिकल पर क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
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विभाग ने 44 हजार 800 शिक्षार्थी जोड़ने का लक्ष्य रखा है। वहीं, 30 मार्च को उल्लास योजना के तहत द्वितीय चरण की परीक्षा जिले के 317 परीक्षा केंद्रों पर करवाई जाएगी।
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परीक्षा केंद्र के लिए जिले से एक राजकीय स्कूल का चयन किया गया है। परीक्षा का समय सुबह दस बजे से लेकर शाम पांच बजे तक का रहेगा। जिले के लगभग दस हजार 15 साल से अधिक उम्र के व्यस्क परीक्षा में भाग लेंगे। इसके साथ ही विभाग की ओर से राजकीय स्कूलों में शिक्षार्थी को पढ़ाने के लिए बनाए गए सामाजिक चेतना केंद्र का भी विभाग अधिकारी निरीक्षण करेंगे। दरअसल उल्लास कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सभी के लिए शिक्षा लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। योजना के तहत वालंटियर शिक्षक सर्वे कर रहे हैं और घरों में ही शिक्षार्थी को पढ़ा रहे हैं। विभाग की ओर से पिछले साल सितंबर माह में पहले चरण की परीक्षा जिले के सभी 724 राजकीय स्कूलों में कराई गई थी।
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इस परीक्षा में 15 से 80 वर्ष आयु तक के शिक्षार्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में 18 हजार 295 शिक्षार्थी उत्तीर्ण हुए थे। अब दूसरे चरण की परीक्षा 30 मार्च को करवाई जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने 2022 से पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम नामक उल्लास नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की। योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी लोगों को सशक्त बनाना है, जिन्हें खुद को शिक्षित करने का अवसर नहीं मिला है। यह न केवल शिक्षार्थियों को पढ़ने, लिखने और संख्यात्मक कौशल प्राप्त करने की अनुमति देता है, बल्कि आजीवन सीखने को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जीवन कौशल की समझ के साथ समृद्ध भी करता है।
यह योजना स्वयंसेवा, सामाजिक जिम्मेदारी और कर्तव्य की भावना या कर्तव्यबोध को बढ़ावा देने के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है। इसके अलावा व्यवस्कों को दीक्षा पोर्टल के साथ-साथ उल्लास मोबाइल एप के माध्यम से एजुकेशन फॉर ऑल वर्टिकल पर क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।