{"_id":"69c1ae7d80a8ff073e0b1ed9","slug":"yogesh-kathuniya-wins-gold-in-discus-throw-bahadurgarh-news-c-200-1-bgh1005-122128-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: योगेश कथुनिया ने डिस्कस थ्रो में जीता स्वर्ण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: योगेश कथुनिया ने डिस्कस थ्रो में जीता स्वर्ण
विज्ञापन
फोटो-56: योगेश कथुनिया।
- फोटो : samvad
बहादुरगढ़। गांव मांडौठी निवासी योगेश कथुनिया (29) ने 24वीं नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की डिस्कस थ्रो एफ-56 श्रेणी में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह प्रतियोगिता 19 से 21 मार्च तक भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित की गई जिसमें देशभर के शीर्ष पैरा एथलीटों ने भाग लिया।
योगेश ने 42.50 मीटर का प्रभावशाली थ्रो करते हुए प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ा। इससे पहले उन्होंने टोक्यो 2021 और पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में रजत पदक जीते हैं। योगेश को केंद्र सरकार की ओर से अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
वर्ष 2006 में पैरालिसिस से प्रभावित होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वर्ष 2017 में दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान उन्होंने एथलेटिक्स में कदम रखा और जल्द ही डिस्कस थ्रो में अपनी पहचान बना ली। पिता कैप्टन ज्ञानचंद ने कहा कि योगेश की सफलता न केवल परिवार बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
योगेश ने 42.50 मीटर का प्रभावशाली थ्रो करते हुए प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ा। इससे पहले उन्होंने टोक्यो 2021 और पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में रजत पदक जीते हैं। योगेश को केंद्र सरकार की ओर से अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
विज्ञापन
वर्ष 2006 में पैरालिसिस से प्रभावित होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। वर्ष 2017 में दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान उन्होंने एथलेटिक्स में कदम रखा और जल्द ही डिस्कस थ्रो में अपनी पहचान बना ली। पिता कैप्टन ज्ञानचंद ने कहा कि योगेश की सफलता न केवल परिवार बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
विज्ञापन