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यूरिया के लिए करना होगा दो-तीन दिन और इंतजार
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यूरिया के लिए करना होगा दो-तीन दिन और इंतजार
रोहतक में लगेगा रैक, 600 मीट्रिक टन मिलने की उम्मीद, बारिश के बाद बढ़ी खाद की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। बारिश के बाद यूरिया की मांग एक बार फिर से बढ़ गई है। जिले में मुख्य खाद बिक्री केंद्रों पर यूरिया खत्म हो गई है। जिले के किसानों को यूरिया के लिए दो-तीन दिन और इंतजार करना पड़ेगा। रोहतक में लगने वाले रैक से करीब 600 मीट्रिक टन (एमटी) यूरिया मिलने की उम्मीद कृषि अधिकारियों ने जताई है। किसान यूरिया लेने के लिए सुबह ही बिक्री केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। बिक्री केंद्रों पर यूरिया खत्म होने की बात सुनकर वह निराश होकर वापस लौट रहे हैं।
यूरिया के लिए किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जिले में करीब सौ एमटी यूरिया बिक्री केंद्रों पर बचा है, वह भी ग्रामीण क्षेत्रों के बिक्री पर है। जरूरतमंद किसानों को यूरिया के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इससे किसान काफी परेशान हैं। जिले के कई क्षेत्रों में यूरिया पुलिस की मौजूदगी में बांटी गई, लेकिन अब यूरिया खत्म हो चुकी है। वहीं कृषि अधिकारी ने बताया कि रोहतक में लगे रैक से जिले को पिछले शुक्रवार को 600 एमटी उपलब्ध करवाया था, जो वितरित किया जा चुका है। किसान रामबीर, बब्ल, विकास, ओमकुुंवार आदि का कहना है कि पहले फसलों की बिजाई के समय किसान अपना काम छोड़कर डीएपी के लिए लाइनों में लगा हुआ था। उस समय डीएपी की कमी झेलनी पड़ी और अब उन्हें यूरिया के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिले में यूरिया के लिए शहर में ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र के बिक्री केंद्रों पर चक्कर लगा रहे हैं। किसान कल्याण विभाग की तरफ से मार्च तक के लिए करीब 38 हजार एमटी खाद की डिमांड भेजी गई थी। मात्र दो माह का समय बचा हुआ है और अब तक करीब 50 प्रतिशत यूरिया जिले में आई है। जबकि मार्च के अंत में गेहूं की अगेती फसल की कटाई का कार्य शुरू हो जाता है।
वर्जन
किसानों के लिए अन्य जिलों में लगे रैक से यूरिया की सप्लाई करवाई जा रही है ताकि किसानों को यूरिया उपलब्ध हो सके। कुछ बिक्री केंद्र पर नाममात्र की यूरिया बची है। एक या दो दिन में रोहतक में रैक लगने की संभावना है। वहां से करीब 600 एमटी यूरिया मिलने की उम्मीद है। -डॉ जसवीर सिंह, कृषि एवं गुणवत्ता नियंत्रक अधिकारी, झज्जर।
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रोहतक में लगेगा रैक, 600 मीट्रिक टन मिलने की उम्मीद, बारिश के बाद बढ़ी खाद की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। बारिश के बाद यूरिया की मांग एक बार फिर से बढ़ गई है। जिले में मुख्य खाद बिक्री केंद्रों पर यूरिया खत्म हो गई है। जिले के किसानों को यूरिया के लिए दो-तीन दिन और इंतजार करना पड़ेगा। रोहतक में लगने वाले रैक से करीब 600 मीट्रिक टन (एमटी) यूरिया मिलने की उम्मीद कृषि अधिकारियों ने जताई है। किसान यूरिया लेने के लिए सुबह ही बिक्री केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। बिक्री केंद्रों पर यूरिया खत्म होने की बात सुनकर वह निराश होकर वापस लौट रहे हैं।
यूरिया के लिए किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जिले में करीब सौ एमटी यूरिया बिक्री केंद्रों पर बचा है, वह भी ग्रामीण क्षेत्रों के बिक्री पर है। जरूरतमंद किसानों को यूरिया के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इससे किसान काफी परेशान हैं। जिले के कई क्षेत्रों में यूरिया पुलिस की मौजूदगी में बांटी गई, लेकिन अब यूरिया खत्म हो चुकी है। वहीं कृषि अधिकारी ने बताया कि रोहतक में लगे रैक से जिले को पिछले शुक्रवार को 600 एमटी उपलब्ध करवाया था, जो वितरित किया जा चुका है। किसान रामबीर, बब्ल, विकास, ओमकुुंवार आदि का कहना है कि पहले फसलों की बिजाई के समय किसान अपना काम छोड़कर डीएपी के लिए लाइनों में लगा हुआ था। उस समय डीएपी की कमी झेलनी पड़ी और अब उन्हें यूरिया के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जिले में यूरिया के लिए शहर में ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र के बिक्री केंद्रों पर चक्कर लगा रहे हैं। किसान कल्याण विभाग की तरफ से मार्च तक के लिए करीब 38 हजार एमटी खाद की डिमांड भेजी गई थी। मात्र दो माह का समय बचा हुआ है और अब तक करीब 50 प्रतिशत यूरिया जिले में आई है। जबकि मार्च के अंत में गेहूं की अगेती फसल की कटाई का कार्य शुरू हो जाता है।
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किसानों के लिए अन्य जिलों में लगे रैक से यूरिया की सप्लाई करवाई जा रही है ताकि किसानों को यूरिया उपलब्ध हो सके। कुछ बिक्री केंद्र पर नाममात्र की यूरिया बची है। एक या दो दिन में रोहतक में रैक लगने की संभावना है। वहां से करीब 600 एमटी यूरिया मिलने की उम्मीद है। -डॉ जसवीर सिंह, कृषि एवं गुणवत्ता नियंत्रक अधिकारी, झज्जर।
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