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लॉकडाउन के बाद गर्मी का कर्फ्यू, दोपहर में हर तरफ परस जाता है सन्नाटा
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दोपहर के समय सुनसान पड़ी सड़क। संवाद
- फोटो : Jhjhar
झज्जर। कोरोना काल के दौरान लगे लॉकडाउन के बाद अब शहर में दोपहर के समय गर्मी से कर्फ्यू जैसे हालात बन रहे हैं। अब गर्मी तन को झुलसाने भी लगी है। इन दिनों सूर्य देव के तेवर ऐसे हैं कि वीरवार को अधिकतम तापमान 42 व न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। बाजारों में सन्नाटा पसर गया है। पहले कोरोना के कारण लोग बाहर निकलने से कतराते थे तो अब सूर्यदेव के गर्म मिजाज से बाजार व शहर की सड़कें सुनसान दिखाई देने लगी हैं। सूर्य देव ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शहर सहित जिले में करीब एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी से पूरा जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग उमस भरी गर्मी को सहन नहीं कर पा रहे हैं। सुबह से निकल रही धूप आग के गोले के रूप में तब्दील होकर बदन को झुलसा रही हैं। राहगीरों को गला तर करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। गर्मी की वजह से बाहर निकलने की किसी की हिम्मत नहीं हो रही है। ऐसे में लोगों का हाल बेहाल है। जहां धूप से बचने के लिए लोग पूरे शरीर को ढक कर घरों से बाहर निकल रहे हैं वहीं तमाम लोग सुबह-शाम ही निकल रहे हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तरल पेय पदार्थों का करें सेवन
डॉ. विकास का कहना है कि गर्मी के मौसम में ठोस भोजन की बजाए तरल पेय पदार्थ जैसे ठंडा पानी, नीबू पानी, शिकंजी, शरबत, फलों का रस, छाछ, लस्सी ज्यादा मात्रा में लें। इनसे शरीर में तरावट बनी रहेगी और ऊर्जा का स्तर भी बना रहेगा। डॉक्टरों कहना है कि लोग इस समय गर्मी से स्वयं को बचाएं एवं अन्य लोगों को भी इससे बचने की सलाह दें। लू से बचाव व प्राथमिक इलाज के लिए सावधानियां रखना आवश्यक है।
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ये बरतें सावधानी
गर्मी के दिनों में धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले कपड़ों का इस्तेमाल करें। बिना भोजन किए बाहर न निकलें। भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकलें। गर्मी के मौसम में गर्दन के पिछले भाग कान व सिर को गमछे या तौलिये से ढककर ही धूप में निकलें। रंगीन चश्मा व छतरी का प्रयोग करें। गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पीएं एवं पेय पदार्थों का अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करें। जहां तक संभव हो, ज्यादा समय तक धूप में खड़े होकर व्यायाम, मेहनत वाले अन्य कार्य न करें। गर्मी के दिनों में अपने घरों को ठंडा रखें। दरवाजे एवं खिड़कियां बंद रखें एवं रात में तापमान कम होने के समय खिड़कियां दरवाजे खोले जा सकते हैं।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों का रखें ध्यान
डॉ. संजीव हसीजा का कहना है कि गर्मी के दिनों में गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग एवं अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का विशेष रूप से ध्यान रखें। घबराहट, कमजोरी अत्यधिक प्यास लगना, सिर में दर्द एवं हाथ पैरों में जकड़न की शिकायत हो तो शीघ्रता से ठंडी जगह पर जाकर आराम करें। गर्मी के दिनों में बाहर का खाना एवं बासी खाने का सेवन न करें। दोपहर 12 से 3 बजे के समय में घर से बाहर न जाए। बाजारों से कटे हुए फल न लें, तले हुए भोजन का सेवन भी कम से कम करें।
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गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। बाजारों में सन्नाटा पसर गया है। पहले कोरोना के कारण लोग बाहर निकलने से कतराते थे तो अब सूर्यदेव के गर्म मिजाज से बाजार व शहर की सड़कें सुनसान दिखाई देने लगी हैं। सूर्य देव ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शहर सहित जिले में करीब एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी से पूरा जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग उमस भरी गर्मी को सहन नहीं कर पा रहे हैं। सुबह से निकल रही धूप आग के गोले के रूप में तब्दील होकर बदन को झुलसा रही हैं। राहगीरों को गला तर करने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। गर्मी की वजह से बाहर निकलने की किसी की हिम्मत नहीं हो रही है। ऐसे में लोगों का हाल बेहाल है। जहां धूप से बचने के लिए लोग पूरे शरीर को ढक कर घरों से बाहर निकल रहे हैं वहीं तमाम लोग सुबह-शाम ही निकल रहे हैं। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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तरल पेय पदार्थों का करें सेवन
डॉ. विकास का कहना है कि गर्मी के मौसम में ठोस भोजन की बजाए तरल पेय पदार्थ जैसे ठंडा पानी, नीबू पानी, शिकंजी, शरबत, फलों का रस, छाछ, लस्सी ज्यादा मात्रा में लें। इनसे शरीर में तरावट बनी रहेगी और ऊर्जा का स्तर भी बना रहेगा। डॉक्टरों कहना है कि लोग इस समय गर्मी से स्वयं को बचाएं एवं अन्य लोगों को भी इससे बचने की सलाह दें। लू से बचाव व प्राथमिक इलाज के लिए सावधानियां रखना आवश्यक है।
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ये बरतें सावधानी
गर्मी के दिनों में धूप में बाहर जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले कपड़ों का इस्तेमाल करें। बिना भोजन किए बाहर न निकलें। भोजन करके एवं पानी पीकर ही बाहर निकलें। गर्मी के मौसम में गर्दन के पिछले भाग कान व सिर को गमछे या तौलिये से ढककर ही धूप में निकलें। रंगीन चश्मा व छतरी का प्रयोग करें। गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पीएं एवं पेय पदार्थों का अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करें। जहां तक संभव हो, ज्यादा समय तक धूप में खड़े होकर व्यायाम, मेहनत वाले अन्य कार्य न करें। गर्मी के दिनों में अपने घरों को ठंडा रखें। दरवाजे एवं खिड़कियां बंद रखें एवं रात में तापमान कम होने के समय खिड़कियां दरवाजे खोले जा सकते हैं।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों का रखें ध्यान
डॉ. संजीव हसीजा का कहना है कि गर्मी के दिनों में गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग एवं अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का विशेष रूप से ध्यान रखें। घबराहट, कमजोरी अत्यधिक प्यास लगना, सिर में दर्द एवं हाथ पैरों में जकड़न की शिकायत हो तो शीघ्रता से ठंडी जगह पर जाकर आराम करें। गर्मी के दिनों में बाहर का खाना एवं बासी खाने का सेवन न करें। दोपहर 12 से 3 बजे के समय में घर से बाहर न जाए। बाजारों से कटे हुए फल न लें, तले हुए भोजन का सेवन भी कम से कम करें।