{"_id":"0995a854ca6e456f933b264909700415","slug":"weapons-factory-seized-in-factory-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहराणा में हथियार बनाने की फैक्टरी पकड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहराणा में हथियार बनाने की फैक्टरी पकड़ी
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Tue, 21 Jul 2015 02:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झज्जर पुलिस की एसआईटी ने गांव बहराणा
विज्ञापन
से हथियार बनाने की एक फैक्ट्री पकड़ी है। पुलिस ने हथियारों के जखीरे सहित
एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं, हथियार बनाने का काफी सामान भी बरामद
किया गया है।
आरोपी के एक भाई को छोड़कर पूरा परिवार यही काम करता है तथा सभी हो हथियार बनाने में महारत हासिल है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है।
एसपी सुमित कुमार ने पत्रकारवार्ता में बताया कि पिछले कई दिन से बहराणा में अवैध हथियार बनाए जाने का कारखाना चलाने की खबर पुलिस को मिल रही थी। उसी दिन से एसआईटी स्टाफ झज्जर ने कड़ी निगरानी रखनी शुरू कर दी।
रविवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि गांव का सुनील ऊर्फ अंगूर ऊर्फ लीलू अपने मकान में हथियार बना रहा है। इस पर एसआईटी ने गांव में छापा मारकर सुनील को रिवॉल्वर बनाते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके मकान से तैयार किए जा रहे दो रिवॉल्वर तथा हथियार बनाने में प्रयोग होने वाला सामान बरामद किया।
50 साल से फल-फूल रहा कारोबार
बेरी के बहराणा गांव में 50 साल से अवैध हथियार बनाने का कारोबार फल फूल रहा है। कई बार ग्रामीणों ने सामाजिक पंचायत कर अवैध हथियारों के कारोबार को बंद करवाने के लिए कदम उठाए। कुछ लोगों ने पंचायत की बात मानकर इस कारोबार को छोड़ दूसरे कामों के लिए अन्य शहरों का रुख किया।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच दशक से गांव हरियाणा समेत आस-पास के राज्यों में अवैध हथियारों के कारोबार की बदनामी झेल रहा है। उनके गांव में पुलिस का आना आम बात लगती है। किसी भी एरिया में अवैध हथियार पकड़ा जाए तो जांच करने पुलिस यहीं आती है। साल 2013 में भी बहादुरगढ़ सीआईए की टीम ने अमित नामक युवक को बड़े स्तर पर अवैध हथियारों की फैक्टरी समेत पकड़ा था।
ये सामान किया बरामद
पुलिस ने फैक्टरी से दो रिवॉल्वर, एक फिटर, 22 बैरल छोटी बड़ी, 10 चक्की, 2 ट्रैगर, 80 स्प्रिंग, एक ड्रील मशीन, 50 बट लोहे के, 15 वैल्डिंग रॉड, 5 छोटी रेती, 2 छेनी, 2 हथौड़े, 1 ग्राइंडर, 1 पंखा बरामद किया। आरोपी सुनील के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत बेरी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया है।
मेड इन जापान की लगा देते मुहर
बेरी-सांपला रोड पर बसे बहराणा गांव में अवैध हथियार की फैक्टरी चलाने वाले कारीगारों के चर्चा दूसरे राज्यों तक है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि बहराणा में बना हथियार दूसरे राज्यों में प्रसिद्ध है।
अवैध हथियार व असली हथियार को साथ रख दें तो अंतर पता नहीं चलता था। अवैध हथियार बहराणा में बनाए जाते हैं, लेकिन इन पर अवैध मुहर उत्तर प्रदेश में लगाई जाती है। यहां तक कि मेड इन जापान तथा मेड इन यूएसए की मुहर लगा दी जाती है।
ग्राहक दर ग्राहक जुड़ती हैं कड़ी
गांव में हथियार बनाने वालों को ग्राहक भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। जो लोग एक बार यहां से हथियार ले जाते हैं, वे अपने जानकारों को यहां से हथियार दिलवा देते हैं। केवल 10 से 15 हजार रुपये में यहां से हथियार मिल जाता है।
आरोपी के एक भाई को छोड़कर पूरा परिवार यही काम करता है तथा सभी हो हथियार बनाने में महारत हासिल है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है।
एसपी सुमित कुमार ने पत्रकारवार्ता में बताया कि पिछले कई दिन से बहराणा में अवैध हथियार बनाए जाने का कारखाना चलाने की खबर पुलिस को मिल रही थी। उसी दिन से एसआईटी स्टाफ झज्जर ने कड़ी निगरानी रखनी शुरू कर दी।
रविवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि गांव का सुनील ऊर्फ अंगूर ऊर्फ लीलू अपने मकान में हथियार बना रहा है। इस पर एसआईटी ने गांव में छापा मारकर सुनील को रिवॉल्वर बनाते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके मकान से तैयार किए जा रहे दो रिवॉल्वर तथा हथियार बनाने में प्रयोग होने वाला सामान बरामद किया।
50 साल से फल-फूल रहा कारोबार
बेरी के बहराणा गांव में 50 साल से अवैध हथियार बनाने का कारोबार फल फूल रहा है। कई बार ग्रामीणों ने सामाजिक पंचायत कर अवैध हथियारों के कारोबार को बंद करवाने के लिए कदम उठाए। कुछ लोगों ने पंचायत की बात मानकर इस कारोबार को छोड़ दूसरे कामों के लिए अन्य शहरों का रुख किया।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले पांच दशक से गांव हरियाणा समेत आस-पास के राज्यों में अवैध हथियारों के कारोबार की बदनामी झेल रहा है। उनके गांव में पुलिस का आना आम बात लगती है। किसी भी एरिया में अवैध हथियार पकड़ा जाए तो जांच करने पुलिस यहीं आती है। साल 2013 में भी बहादुरगढ़ सीआईए की टीम ने अमित नामक युवक को बड़े स्तर पर अवैध हथियारों की फैक्टरी समेत पकड़ा था।
ये सामान किया बरामद
पुलिस ने फैक्टरी से दो रिवॉल्वर, एक फिटर, 22 बैरल छोटी बड़ी, 10 चक्की, 2 ट्रैगर, 80 स्प्रिंग, एक ड्रील मशीन, 50 बट लोहे के, 15 वैल्डिंग रॉड, 5 छोटी रेती, 2 छेनी, 2 हथौड़े, 1 ग्राइंडर, 1 पंखा बरामद किया। आरोपी सुनील के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत बेरी पुलिस थाने में मामला दर्ज किया है।
मेड इन जापान की लगा देते मुहर
बेरी-सांपला रोड पर बसे बहराणा गांव में अवैध हथियार की फैक्टरी चलाने वाले कारीगारों के चर्चा दूसरे राज्यों तक है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि बहराणा में बना हथियार दूसरे राज्यों में प्रसिद्ध है।
अवैध हथियार व असली हथियार को साथ रख दें तो अंतर पता नहीं चलता था। अवैध हथियार बहराणा में बनाए जाते हैं, लेकिन इन पर अवैध मुहर उत्तर प्रदेश में लगाई जाती है। यहां तक कि मेड इन जापान तथा मेड इन यूएसए की मुहर लगा दी जाती है।
ग्राहक दर ग्राहक जुड़ती हैं कड़ी
गांव में हथियार बनाने वालों को ग्राहक भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। जो लोग एक बार यहां से हथियार ले जाते हैं, वे अपने जानकारों को यहां से हथियार दिलवा देते हैं। केवल 10 से 15 हजार रुपये में यहां से हथियार मिल जाता है।