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Jhajjar-Bahadurgarh News: वसंत पंचमी आज, पीले वस्त्र पहनकर करें सरस्वती की पूजा
Wed, 14 Feb 2024 02:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 14 Feb 2024 02:23 AM IST
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बहादुरगढ़ में सेक्टर-9 मोड़ पर रखी सरस्वती मां की प्रतिमाएं।
बहादुरगढ़। आज वसंत पंचमी है। इस दिन ज्ञान की देवी सरस्वती की आराधना की जाती है। मान्यता है कि वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ। मंगलवार को सरस्वती पूजन के लिए सेक्टर-9 मोड़ पर सरस्वती की खूब प्रतिमाएं बिकी। लोग हाथों में उठाकर सरस्वती मां की प्रतिमाएं ले जाते नजर आए।
14 फरवरी को शहर में अनेक स्थानों पर सरस्वती पूजन होगा। ब्रह्मांड में सात रंगों की आभा में पीला रंग सर्वप्रथम आया, इसलिए मां को पीला रंग अतिप्रिय है। मां के एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला है। चौथे हाथ से मां वरदान देती नजर आती हैं। ज्योतिषाचार्य लालचंद कॉलोनी निवासी रमेश भगत ने बताया कि बुधवार को रेवती नक्षत्र, गजकेसरी योग, शुक्ल योग, शुभ योग कुंभ राशि में और चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे। पंचांग के अनुसार पंचमी तिथि मंगलवार को 2 बजकर 44 मिनट से शुरू हुई, जो 14 फरवरी को 12:10 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि 14 फरवरी को है इसलिए इस साल वसंत पंचमी 14 फरवरी को ही मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त 7:16 से 12 बजे तक रहेगा।
वीणा-माला-किताब के संकेत
- वीणा की ध्वनि से सृष्टि को वाणी और संगीत की प्राप्ति हुई और ज्ञान का प्रकाश मिला।
- पुस्तक वेद है जोकि विद्या, ज्ञान, तेज, बुद्धि, साहित्य, शिक्षा, कला के प्रतीक हैं।
- माला सभी को जोड़ने और मानसिक तत्परता को बनाए रखने का प्रतीक हैं।
- माता सरस्वती पीले वस्त्र धारण करती है जो ऊर्जा, वैभव, सुख-संपदा, शक्ति समृद्धि एवं सौभाग्य का प्रतीक है।
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14 फरवरी को शहर में अनेक स्थानों पर सरस्वती पूजन होगा। ब्रह्मांड में सात रंगों की आभा में पीला रंग सर्वप्रथम आया, इसलिए मां को पीला रंग अतिप्रिय है। मां के एक हाथ में वीणा, दूसरे में पुस्तक, तीसरे में माला है। चौथे हाथ से मां वरदान देती नजर आती हैं। ज्योतिषाचार्य लालचंद कॉलोनी निवासी रमेश भगत ने बताया कि बुधवार को रेवती नक्षत्र, गजकेसरी योग, शुक्ल योग, शुभ योग कुंभ राशि में और चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे। पंचांग के अनुसार पंचमी तिथि मंगलवार को 2 बजकर 44 मिनट से शुरू हुई, जो 14 फरवरी को 12:10 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि 14 फरवरी को है इसलिए इस साल वसंत पंचमी 14 फरवरी को ही मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त 7:16 से 12 बजे तक रहेगा।
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वीणा-माला-किताब के संकेत
- वीणा की ध्वनि से सृष्टि को वाणी और संगीत की प्राप्ति हुई और ज्ञान का प्रकाश मिला।
- पुस्तक वेद है जोकि विद्या, ज्ञान, तेज, बुद्धि, साहित्य, शिक्षा, कला के प्रतीक हैं।
- माला सभी को जोड़ने और मानसिक तत्परता को बनाए रखने का प्रतीक हैं।
- माता सरस्वती पीले वस्त्र धारण करती है जो ऊर्जा, वैभव, सुख-संपदा, शक्ति समृद्धि एवं सौभाग्य का प्रतीक है।