बहादुरगढ़ः पेड़ से जा टकराई कार, देखते ही देखते लग गई आग, प्राध्यापक जिंदा जला
ईस्माइलपुर-बादली मार्ग पर ड्यूटी पर जाते समय प्राध्यापक की कार अनियंत्रित होकर एक कार पेड़ से टकरा गई। टकराने के बाद गाड़ी में आग लग गई और कार में फंसे चालक की मौत हो गई। मरने वाला शख्स बहादुरगढ़ का निवासी था। रविवार को पीजीआई रोहतक में शव का पोस्टमार्टम होगा।
मृतक की पहचान संजय मलिक निवासी दयानंद नगर बहादुरगढ़ के रूप में हुई है। दरअसल, संजय राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक थे। फिलहाल उनकी ईस्माइलपुर गांव स्थित स्कूल में ड्यूटी चल रही थी। शनिवार की सुबह जब वह अपनी मारुति इग्निस कार से बादली से ईस्माइलपुर गांव की ओर जा रहे थे तो रास्ते में कार का संतुलन बिगड़ गया। संतुलन बिगड़ने के बाद कार सड़क किनारे नाले को कूदकर खेतों में एक पेड़ से टकरा गई। कार के पेड़ से टकराते ही कार में आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि देखते ही देखते आग पूरी कार में फैल गई और चालक को बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। राहगीरों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड का घटना की सूचना दी। लेकिन जब फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तो कार पूरी तरह से जल चुकी थी और चालक बुरी तरह से आग में झुलसा हुआ था।
किसी तरह से उसे कार से बाहर निकालकर झज्जर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले के जांच अधिकारी राजेश ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई में रखवाया गया है। फिलहाल सड़क दुर्घटना मानते हुए कार्रवाई शुरू की गई है। परिजनों को भी घटना से अवगत करवाया गया है।
कार क्षतिग्रस्त होने से नहीं खुली खिड़की
दुर्घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कार पहले पेड़ से टकराई जिसके चलते कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। देखते ही देखते कार में आग लग गई और लपटे निकलनी शुरू हो गई है। ऐसे में क्षतिग्रस्त कार की खिड़की नहीं खुल गई और चालक संजय को बाहर नहीं निकाला जा सका। कार की लपटे तेज होने के चलते कार के नजदीक जाना भी आसान नहीं रहा और बचाव नहीं हो सका।
मिलनसार छवि रही पहचान
प्राध्यापक संजय मलिक ईस्माइलपुर गांव के राजकीय विद्यालय में राजनीतिक विज्ञान के प्राध्यापक थे। स्कूल के अध्यापकों ने बताया कि काफी मिलनसार छवि के संजय मलिक की दुर्घटना में मौत से काफी दुख पहुंचा है। सूचना मिलते ही प्राध्यापक झज्जर अस्पताल पहुंचे लेकिन जब तक संजय मलिक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।