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ट्रैक्टरों से चालू किए सात पंप, शहर में पानी की किल्लत जल्द होगी दूर
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आसौदा नहर से शहर के जलघरों में पानी की आपूर्ति के लिए सात पंप ट्रैक्टरों से चला दिए गए हैं। उम्मीद है कि अब शहर में जल्द ही पानी की किल्लत दूर हो जाएगी।
पिछले कई दिन से नगर में पानी की किल्लत बनी हुई है। मुख्य जलघर के पांच में से तीन टैंक तो सूखे पड़े हैं। दो टैंकों में एक फुट से भी कम पानी बचा है। भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एनसीआर माइनर की सफाई का काम चलने के कारण बहुत कम पानी नहर में छोड़ा जा रहा है। दूसरा झज्जर रोड स्थित 132 केवी पावर हाउस में मुख्य ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है। इसलिए बिजली की मोटरों से जलघर में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। अब सिंचाई विभाग ने ट्रैक्टरों से पंप चलवा दिए हैं। जिस से एक दो दिन में हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
वार्ड-14 से पार्षद जसबीर व उसके साथी शुक्रवार को आसौदा के पास नहर पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से नहरों पर पहरा रखने की मांग की है। ताकि रात को नहर से पानी चोरी न हो सके और बहादुरगढ़ शहर को पूरा पानी मिलता रहे। उन्होंनेे कहा कि पेयजल की चोरी करने वालों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।
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नहर में पानी कम आने और बिजली गुल रहने का पेयजल आपूर्ति पर भारी असर पड़ रहा है। झुलसा देने वाली गर्मी में पहले ही पेयजल का संकट शहर के विभिन्न हिस्सों में बना हुआ है तो ऊपर से बिजली गुल रहने के कारण और ज्यादा परेशानी लोगों को उठानी पड़ रही है। बिजली-पानी को लेकर लोगों में संबंधित विभाग के प्रति खासा रोष बना हुआ है। टैंकरों से पानी लोगों को पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति बाधित रहने को लेकर अब टैंकर चालकों ने भी मनमानी करनी शुरू कर दी है। जो पानी का एक मटका पांच रुपये में दे रहे थे वही एक मटका पानी अब छह से सात रुपये में देने लगे हैं। ऐसे में लोगों ने संकट के इस समय में मनमानी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने व टैंकरों से वार्डों में नि:शुल्क पानी उपलब्ध कराए जाने की भी मांग की है।
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पिछले कई दिन से नगर में पानी की किल्लत बनी हुई है। मुख्य जलघर के पांच में से तीन टैंक तो सूखे पड़े हैं। दो टैंकों में एक फुट से भी कम पानी बचा है। भीषण गर्मी में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एनसीआर माइनर की सफाई का काम चलने के कारण बहुत कम पानी नहर में छोड़ा जा रहा है। दूसरा झज्जर रोड स्थित 132 केवी पावर हाउस में मुख्य ट्रांसफार्मर खराब पड़ा है। इसलिए बिजली की मोटरों से जलघर में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। अब सिंचाई विभाग ने ट्रैक्टरों से पंप चलवा दिए हैं। जिस से एक दो दिन में हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
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वार्ड-14 से पार्षद जसबीर व उसके साथी शुक्रवार को आसौदा के पास नहर पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से नहरों पर पहरा रखने की मांग की है। ताकि रात को नहर से पानी चोरी न हो सके और बहादुरगढ़ शहर को पूरा पानी मिलता रहे। उन्होंनेे कहा कि पेयजल की चोरी करने वालों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।
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नहर में पानी कम आने और बिजली गुल रहने का पेयजल आपूर्ति पर भारी असर पड़ रहा है। झुलसा देने वाली गर्मी में पहले ही पेयजल का संकट शहर के विभिन्न हिस्सों में बना हुआ है तो ऊपर से बिजली गुल रहने के कारण और ज्यादा परेशानी लोगों को उठानी पड़ रही है। बिजली-पानी को लेकर लोगों में संबंधित विभाग के प्रति खासा रोष बना हुआ है। टैंकरों से पानी लोगों को पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति बाधित रहने को लेकर अब टैंकर चालकों ने भी मनमानी करनी शुरू कर दी है। जो पानी का एक मटका पांच रुपये में दे रहे थे वही एक मटका पानी अब छह से सात रुपये में देने लगे हैं। ऐसे में लोगों ने संकट के इस समय में मनमानी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने व टैंकरों से वार्डों में नि:शुल्क पानी उपलब्ध कराए जाने की भी मांग की है।