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इंसाफ से नाउम्मीद पीड़ित ले गए अपनों के शव

Fri, 05 Aug 2022 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 05 Aug 2022 12:39 AM IST
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The victims who were hopeless from justice took the dead bodies of their loved ones
रोहद स्थित फैक्टरी ऐरोफ्लेक्स में जहरीली गैस चढ़ने से मरने वाले चारों कामगारों के शवों को वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन यूपी में पैतृक गांव ले गए। पहले तो पीड़ितों ने शव लेने से इनकार कर दिया लेकिन पुलिस के समझाने पर पीड़ित मान गए। पुलिस ने फैक्टरी मालिक समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने उन्हें न्याय का भरोसा भी दिया लेकिन जाते-जाते रोते बिलखते पीड़ितों ने कहा कि उन्हें यहां से न्याय की कोई उम्मीद नहीं है। उधर, अस्पताल में भर्ती दोनों श्रमिकों की हालत में लगातार सुधार हो रहा है।
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इस हादसे में मरे बाराबंकी के रोटी गांव के निवासी प्रकाश, शाहजहांपुर जिले के कपसेड़ा गांव के राजबीर, बाराबंकी के मदारीपुर निवासी अजय और शाहजहांपुर के मदारीपुर गांव के जगतपाल के परिजन बुधवार देर रात ही बहादुरगढ़ पहुंच गए थे। पीड़ित परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। पोस्टमार्टम होने के बाद मामला सहायता राशि को लेकर अटक गया। दोनों पक्षों में 30 लाख रुपये सहायता राशि पर सहमति बनी। मृतक जगतपाल का बड़ा भाई मोहनलाल सारी राशि तुरंत देने और जगतपाल के पीड़ित बच्चों व पत्नी को पेंशन देने की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने काफी जद्दोजहद कर जगतपाल व अन्य पीड़ितों को समझाया तो पीड़ित पक्ष सभी मृतकों के शव ले जाने के लिए तैयार हो गए। पुलिस ने कहा कि फैक्टरी प्रबंधन ने फिलहाल मृतकों का अंतिम संस्कार करने और बाद में सारे मामले को सही ढंग से सुलझा लेने का वादा किया है। वहीं जाते-जाते रोते बिलखते जगतपाल व अन्य पीड़ितों ने कहा कि फैक्टरी के दोषी प्रबंधन को बचाने का प्रयास किया गया है और उन्हें यहां से न्याय मिलने की कोई आस नहीं है। जगतपाल की दो साल पहले ही शादी हुई थी और उसकी पत्नी गर्भवती है।
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परिजन बोले- परदेशी हैं, शव लेने के बाद कोई नहीं सुनेगा
फैक्टरी प्रबंधन ने 30 लाख रुपये मदद और पेंशन देने की मांग पर यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि पहले शवों का दाह संस्कार करें, उसके बाद जब दोबारा आएंगे तो इस विषय में बात की जाएगी। मृतक अजय के पिता राम सुमिरन व अन्य परिजनों का कहना था कि अभी उन्हें शव ले जाने के लिए वाहन और दाह संस्कार के लिए खर्च के पैसे दिए गए हैं। लेकिन वे परदेशी है और उन्हें अच्छी तरह पता है कि यहां से शव लेने के बाद उनकी कोई नहीं सुनेगा। फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही से चार परिवार उजड़ गए और उन पर शवों का यहां से ले जाने का दबाव बनाया जा रहा है।
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फैक्टरी मालिक, सुपरवाइजर व प्लांट हेड पर कार्रवाई
आसौदा थाना पुलिस ने चार श्रमिकों की मौत के मामले में फैक्टरी मालिक, सुपरवाइजर व प्लांट हेड के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तीनों की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मृतक अजय के पिता राम सुमिरन की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। राम सुमिरन का आरोप है कि फैक्टरी मालिक हितेश धींगढ़ा, सुपरवाइजर विश्वास और प्लांट हेड अतुल ने उसके बेटे अजय व अन्य कर्मचारियों को हौद (टैंक) को साफ करने के लिए उसमें उतारा था। हौद में जहरीली गैस चढ़ने से अजय समेत चार की मौत हुई है। बिना सेफ्टी किट के सभी श्रमिकों को उतारा गया था। इस वजह से उनकी मौत हो गई और दो गंभीर हो गए। तीनों आरोपियों मे से किसी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

मामले में कानूनी कार्रवाई चल रही है। नियमानुसार आरोपियों को गिरफ्तारी भी हो सकती है। घटना की विभागीय जांच भी की जा रही है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा उप निदेशक संजय मलिक के नेतृत्व में एक टीम मामले की जांच कर रही है।
-जसबीर, थाना प्रभारी, आसौदा।
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