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Jhajjar-Bahadurgarh News: बेखौफ बदमाशों की रणनीति... फाटक खुलने से पहले ताबड़तोड़ फायरिंग की

Mon, 26 Feb 2024 02:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Mon, 26 Feb 2024 02:21 AM IST
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The strategy of fearless miscreants... opened fire indiscriminately before the gate opened.
बहादुरगढ़ में अस्पताल के बाहर जुटी लोगों की भीड़।
बहादुरगढ़। इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी की हत्या की वजह बेशक अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन हत्यारों ने पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्होंने पूर्व विधायक नफे सिंह की रेकी की और जब फाटक पर गाड़ी रुकी तो वारदात को अंजाम दिया। फाटक 5 बजकर 10 मिनट पर बंद हुआ था, उसके चंद मिनटों बाद ही फाटक खुलने से पहले बदमाशों ने धावा बोल दिया।
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फाटक बंद होने के कारण आसपास कई अन्य वाहन चालक व राहगीर भी थे, लेकिन बदमाशों ने लक्ष्य करके नफे सिंह की गाड़ी को ही घेरकर गोलियां बरसाईं। बदमाश 50 से अधिक गोली चलाने के बाद हवाई फायरिंग करते हुए भाग गए। कुछ मीटर आगे जाकर गाड़ी मोड़ते वक्त भी बदमाशों ने गोलियां चलाईं। घटनास्थल के नजदीक ही रेलवे फाटक के साथ सोमवार को होने वाले कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। जैसे ही गोली चली लोग दौड़ पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बदमाशों ने अत्याधुनिक हथियारों से गोलियां चलाईं। हमलावर नौजवान थे। उन्होंने चेहरा भी नहीं ढक रखा था। मौके पर मौजूद एक युवक ही उनकी गाड़ी लेकर अस्पताल तक पहुंचा और भर्ती कराया।
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10वीं तक ही पढ़े थे पर थी राजनीतिक सूझबूझ: इनेलो नेता नफेसिंह की शिक्षा 10वीं तक जरूर थी मगर वह राजनीतिक अनुभव के विद्वान कहे जाते थे। वहीं देर रात तक राठी की हत्या की जिम्मेदारी किसी ने भी नहीं ली। सोशल मीडिया पर लॉरेंश बिश्नाेई, काला जठेड़ी और प्रॉपर्टी विवादों से जोड़कर लोग चर्चा करते रहे।
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पहले से रेकी की आशंका : पूर्व विधायक नफे सिंह आसौदा में आयोजित एक समारोह में शिरकत करने के बाद बराही पहुंचे थे और यहां से लौट रहे थे। ऐसे में ये अनुमान भी है कि वहीं से उनका पीछा अथवा रेकी की जा रही हो। राठी के गले, रीढ़ की हड्डी के पास, पेट के साइड तरफ, कंधे और जांघ आदि में गोली लगी है। वहीं जयकिशन की भी कई गोली लगने से जान गई। जयकिशन गांव मांडोठी के निवासी थे। जनस्वास्थ्य विभाग से बतौर एसडीई रिटायर्ड थे। फिलहाल बहादुरगढ़ में रह रहे थे।
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