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Jhajjar-Bahadurgarh News: खेल सुविधाओं के बिना दम तोड़ता स्टेडियम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 01:57 AM IST
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The stadium is falling into disrepair due to a lack of sports facilities.
-फोटो 53 : डॉ. भीमराव अंबडेकर स्टेडियम में टूटे पड़े शीशे और जंग खाए दरवाजे। संवाद
बहादुरगढ़। बादली रोड पर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम इन दिनों बदहाली का प्रतीक बना हुआ है। करोड़ों रुपये की लागत से बने सरकारी स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ी और स्थानीय लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। खेल सुविधाओं का अभाव, गंदगी, टूटे-फूटे ढांचे और अवैध कब्जों ने स्टेडियम की पहचान ही बदल दी है।
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स्टेडियम के अंदर आने-जाने का रास्ता पूरी तरह जर्जर हो चुका है। मुख्य गेट के पास आवारा कुत्तों का जमावड़ा रहता है जिससे खिलाड़ियों और टहलने आने वाले लोगों को परेशानी होती है। स्टेडियम में नियमित अभ्यास कर रहे समाजसेवी बलजीत दलाल, सतीश कुमार, प्रदीप शर्मा का कहना है कि सरकार नए स्टेडियम बनाने के दावे तो करती है।
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वहीं पहले से मौजूद स्टेडियमों की देखरेख पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने बताया कि परिसर में फैली गंदगी और कूड़े को वह रोज खुद साफ करते हैं और पेड़-पौधों को पानी भी देते हैं लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सहयोग नहीं मिलता। स्टेडियम के शौचालय बंद पड़े हैं। दरवाजों में जंग लग चुका है। शीशे, सीटें और गेट टूटे हुए हैं।
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स्टेडियम की जमीन पर गोबर के ढेर लगे हैं और महिलाएं यहां गोबर के उपले बनाती नजर आती हैं। आरोप है कि स्टेडियम की जमीन पर गोशाला और डॉग शेल्टर बना दिए गए हैं।
उबड़-खाबड़ स्टेडियम का रनिंग ट्रैक
खिलाड़ी राहुल, शुभम और जितेंद्र ने बताया कि स्टेडियम का रनिंग ट्रैक भी उबड़-खाबड़ हो चुका है। खेल विभाग की ओर से न तो नियमित सफाई होती है और न ही मरम्मत। नालों की जालियां टूटी हैं और कई जगह चोरी हो चुकी है। मैनहोल के कवर गायब होने से गहरे गड्ढे बन गए हैं जिनमें गिरकर बच्चे घायल हो चुके हैं।
स्थायी चौकीदार व सफाईकर्मी की मांग
गौरतलब है कि इसी स्टेडियम में गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और योग दिवस जैसे बड़े सरकारी कार्यक्रम आयोजित होते हैं। कार्यक्रमों से पहले केवल औपचारिक सफाई कर दी जाती है लेकिन इसके बाद फिर कोई सुध लेने नहीं आता। लोगों ने सरकार से अपील की है कि स्टेडियमों की नियमित देखरेख के लिए स्थायी चौकीदार, सफाईकर्मी, माली और खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाए।

-फोटो 53 : डॉ. भीमराव अंबडेकर स्टेडियम में टूटे पड़े शीशे और जंग खाए दरवाजे। संवाद

-फोटो 53 : डॉ. भीमराव अंबडेकर स्टेडियम में टूटे पड़े शीशे और जंग खाए दरवाजे। संवाद

-फोटो 53 : डॉ. भीमराव अंबडेकर स्टेडियम में टूटे पड़े शीशे और जंग खाए दरवाजे। संवाद

-फोटो 53 : डॉ. भीमराव अंबडेकर स्टेडियम में टूटे पड़े शीशे और जंग खाए दरवाजे। संवाद

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