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Jhajjar-Bahadurgarh News: सांसद ने हड़ताली सफाई कर्मचारियों को समर्थन दिया
Fri, 11 Sep 2026 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:21 AM IST
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10jjrp14- नगर परिषद के प्रांगण में सफाई कर्मचारियों को संबोधित करते सांसद दीपेंद्र हुड्डा। संव
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद झज्जर के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 36वें दिन भी जारी रही। वीरवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हड़ताली सफाई कर्मचारियों को समर्थन दिया।
कहा कि वह कर्मचारियों की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने सरकार पर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को तोड़ने का आरोप लगाया। हुड्डा ने सरकार से सफाई कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की। धरने की अध्यक्षता इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने की। चावरिया ने कहा कि जब तक सरकार मांगों का समाधान नहीं करेगी, आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार पर डाली।
कर्मचारियों ने 13 मई 2026 के संघ व सरकार के बीच हुए समझौते को लागू करने की मांग की। उन्होंने फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये व सरकारी नौकरी देने की बात कही। पैरोल के सफाई कर्मचारी व सीवरमैन को पक्का करने और झज्जर के 2014 में हटाए गए 61 कर्मचारियों को वापस लेने की भी मांग रखी गई।
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अन्य मांगों में ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर 20 लाख रुपये आर्थिक सहायता, ठेका प्रथा बंद करना और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये देना शामिल है। सभी पैरोल फायरमैन व चालकों को नियमित करने और 5000 रुपये जोखिम भत्ता देने की भी मांग की गई।
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झज्जर। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद झज्जर के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 36वें दिन भी जारी रही। वीरवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हड़ताली सफाई कर्मचारियों को समर्थन दिया।
कहा कि वह कर्मचारियों की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने सरकार पर सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को तोड़ने का आरोप लगाया। हुड्डा ने सरकार से सफाई कर्मचारियों को पक्का करने की मांग की। धरने की अध्यक्षता इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने की। चावरिया ने कहा कि जब तक सरकार मांगों का समाधान नहीं करेगी, आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार पर डाली।
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कर्मचारियों ने 13 मई 2026 के संघ व सरकार के बीच हुए समझौते को लागू करने की मांग की। उन्होंने फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये व सरकारी नौकरी देने की बात कही। पैरोल के सफाई कर्मचारी व सीवरमैन को पक्का करने और झज्जर के 2014 में हटाए गए 61 कर्मचारियों को वापस लेने की भी मांग रखी गई।
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अन्य मांगों में ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर 20 लाख रुपये आर्थिक सहायता, ठेका प्रथा बंद करना और सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये देना शामिल है। सभी पैरोल फायरमैन व चालकों को नियमित करने और 5000 रुपये जोखिम भत्ता देने की भी मांग की गई।