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Jhajjar-Bahadurgarh News: बदलते समय में भी सबसे भरोसेमंद बीए
Fri, 22 May 2026 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 22 May 2026 12:39 AM IST
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21jjrp04- राजकीय नेहरू कॉलेज में पढ़ते विद्यार्थी। स्रोत : कॉलेज
झज्जर। विभिन्न कॉलेजों में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए और बीसीए आदि स्नातक कक्षाओं के दाखिलों के लिए ऑनलाइन आवेदन जारी हैं।
राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय झज्जर के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित भारद्वाज ने बताया कि विद्यार्थी 31 मई तक उच्चतर शिक्षा विभाग के एडमिशन पोर्टल admissions.highereduhry.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वर्तमान समय में भी बीए (बैचलर ऑफ आर्ट्स) विद्यार्थियों के बीच सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद पाठ्यक्रमों में शामिल है।
बदलते शैक्षणिक और व्यावसायिक परिवेश के बावजूद बीए की उपयोगिता लगातार बनी हुई है। झज्जर जिले के 12 सरकारी, 2 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में स्नातक स्तर पर कुल 7240 सीटें उपलब्ध हैं जिनमें अकेले बीए की लगभग 3800 सीटें हैं। यह कुल सीटों का लगभग 52 प्रतिशत है यानी बाकी सभी कोर्सों की सारी सीटें मिलाकर भी बीए से कम हैं और सबसे ज्यादा आवेदन बीए के लिए ही किए जाते हैं।
बीए पाठ्यक्रम में हिंदी, अंग्रेज़ी, इतिहास, राजनीति शास्त्र, भूगोल, पत्रकारिता एवं जनसंचार, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, संगीत, मनोविज्ञान, संस्कृत, शारीरिक शिक्षा और रक्षा अध्ययन जैसे अनेक विषय पढ़ाए जाते हैं। ये विषय विद्यार्थियों में तार्किक सोच, अभिव्यक्ति क्षमता, सामाजिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होते हैं।
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बीए केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि यह कई प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार क्षेत्रों के लिए मजबूत आधार तैयार करता है। बीए के बाद विद्यार्थी बीएड, एमए, नेट, पीएचडी के माध्यम से शिक्षण एवं शोध क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। वहीं यूपीएससी, एचएसएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और अन्य प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी में भी बीए के विषयों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके अलावा बीए के किसी भी विषय में निपुणता हासिल करके उसमें स्वतंत्र करियर बनाया जा सकता है।
इंसेट
लचीला और बहुविषयी बना पाठ्यक्रम
नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद बीए पाठ्यक्रम अधिक लचीला और बहुविषयी बन गया है। विद्यार्थी अब विज्ञान और वाणिज्य के विषयों को भी बीए के साथ पढ़ सकते हैं और अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न विषयों का कॉम्बिनेशन चुन सकते हैं। कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
इंसेट
किस कॉलेज में हैं बीए की कितनी सीटें
राजकीय महाविद्यालय झज्जर में बीए की 480 सीटें, राजकीय महाविद्यालय बहादुरगढ़ में 320, राजकीय महाविद्यालय बहादुरगढ़ (सायंकालीन) में 200, राजकीय महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़ में 280, राजकीय महाविद्यालय बादली में 400, राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ में 280, राजकीय महाविद्यालय छारा में 240, राजकीय महाविद्यालय दूबलधन में 240, राजकीय महाविद्यालय दुजाना में 240, राजकीय महाविद्यालय मातनहेल में 240, राजकीय महाविद्यालय बहू में 160, राजकीय महाविद्यालय जसौर खेड़ी में 160, राजकीय महिला महाविद्यालय कुलाना में 80, महाराजा अग्रसेन महिला महाविद्यालय झज्जर में 320 तथा वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय बहादुरगढ़ में 160 सीटें हैं।
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राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय झज्जर के मीडिया प्रभारी डॉ. अमित भारद्वाज ने बताया कि विद्यार्थी 31 मई तक उच्चतर शिक्षा विभाग के एडमिशन पोर्टल admissions.highereduhry.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वर्तमान समय में भी बीए (बैचलर ऑफ आर्ट्स) विद्यार्थियों के बीच सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद पाठ्यक्रमों में शामिल है।
बदलते शैक्षणिक और व्यावसायिक परिवेश के बावजूद बीए की उपयोगिता लगातार बनी हुई है। झज्जर जिले के 12 सरकारी, 2 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में स्नातक स्तर पर कुल 7240 सीटें उपलब्ध हैं जिनमें अकेले बीए की लगभग 3800 सीटें हैं। यह कुल सीटों का लगभग 52 प्रतिशत है यानी बाकी सभी कोर्सों की सारी सीटें मिलाकर भी बीए से कम हैं और सबसे ज्यादा आवेदन बीए के लिए ही किए जाते हैं।
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बीए पाठ्यक्रम में हिंदी, अंग्रेज़ी, इतिहास, राजनीति शास्त्र, भूगोल, पत्रकारिता एवं जनसंचार, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, संगीत, मनोविज्ञान, संस्कृत, शारीरिक शिक्षा और रक्षा अध्ययन जैसे अनेक विषय पढ़ाए जाते हैं। ये विषय विद्यार्थियों में तार्किक सोच, अभिव्यक्ति क्षमता, सामाजिक समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होते हैं।
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बीए केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि यह कई प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार क्षेत्रों के लिए मजबूत आधार तैयार करता है। बीए के बाद विद्यार्थी बीएड, एमए, नेट, पीएचडी के माध्यम से शिक्षण एवं शोध क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। वहीं यूपीएससी, एचएसएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और अन्य प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी में भी बीए के विषयों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके अलावा बीए के किसी भी विषय में निपुणता हासिल करके उसमें स्वतंत्र करियर बनाया जा सकता है।
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लचीला और बहुविषयी बना पाठ्यक्रम
नई शिक्षा नीति के लागू होने के बाद बीए पाठ्यक्रम अधिक लचीला और बहुविषयी बन गया है। विद्यार्थी अब विज्ञान और वाणिज्य के विषयों को भी बीए के साथ पढ़ सकते हैं और अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न विषयों का कॉम्बिनेशन चुन सकते हैं। कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
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किस कॉलेज में हैं बीए की कितनी सीटें
राजकीय महाविद्यालय झज्जर में बीए की 480 सीटें, राजकीय महाविद्यालय बहादुरगढ़ में 320, राजकीय महाविद्यालय बहादुरगढ़ (सायंकालीन) में 200, राजकीय महिला महाविद्यालय बहादुरगढ़ में 280, राजकीय महाविद्यालय बादली में 400, राजकीय महाविद्यालय बिरोहड़ में 280, राजकीय महाविद्यालय छारा में 240, राजकीय महाविद्यालय दूबलधन में 240, राजकीय महाविद्यालय दुजाना में 240, राजकीय महाविद्यालय मातनहेल में 240, राजकीय महाविद्यालय बहू में 160, राजकीय महाविद्यालय जसौर खेड़ी में 160, राजकीय महिला महाविद्यालय कुलाना में 80, महाराजा अग्रसेन महिला महाविद्यालय झज्जर में 320 तथा वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय बहादुरगढ़ में 160 सीटें हैं।