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Jhajjar-Bahadurgarh News: नवंबर का माह शुरू, अभी तक नहीं बना रैन बसेरा
Thu, 02 Nov 2023 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 02 Nov 2023 01:00 AM IST
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बहादुरगढ़। नवंबर का महीना शुरू हो चुका है। ठंड ने दस्तक दे दी है, लेकिन शहर में बालौर रोड पर राजकीय महाविद्यालय के नजदीक नगर परिषद की तरफ से रैन बसेरे का निर्माण शुरू तो किया गया, लेकिन निर्माण कार्य तीन वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में गरीबों व बाहर से आने वाले लोगों को रात होने पर ठहरने के लिए कोई स्थान नहीं है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। रैन बसेरे के निर्माण कार्य तीन साल पहले शुरू हुआ था और इस पर दो करोड़ की राशि खर्च होनी थी, लेकिन अभी तक केवल 30 प्रतिशत कार्य ही हुआ है।
कई वर्षों से कार्य बंद पड़ा है। नगर परिषद चेयरपर्सन की ओर से जल्द ही इस कार्य को दोबारा शुरू करने की बात कही गई है। रैन बसेरे का निर्माण यहां पर इसलिए किया जाना था कि लोगों को फुटपाथों, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर खुले आसमान के नीचे ठंड के मौसम में रात काटने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा, लेकिन कार्य पूरा न होने के चलते अब फिर से गरीबों को खुले आसमान के नीचे ठंड में रात बितानी होगी। रैन बसेरे का निर्माण कार्य करीब 30 फीसद ही पूरा हुआ है। यह दो मंजिला भवन बनना था। रैन बसेरे में नगर परिषद की ओर से ठंड को देखते हुए रसोई, रजाई, गद्दे व अन्य सुविधाओं का पूरा प्रबंध किया जाने का दावा किया गया था, लेकिन लोगों को यह सुविधा तो मिलना दूर, अभी तक निर्माण कार्य ही पूरा नहीं हो पाया है। यहां के निवासी विजय कुमार, शैलेंद्र ने बताया कि इस अधूरे रैन बसेरे में अब पशुओं के साथ-साथ नशेड़ी युवक बैठे रहते हैं। यदि इसका समय पर निर्माण कार्य पूरा हो जाता तो यह ठंड के मौसम में गरीबों के काम आता। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2020 में शुरू हुआ था।
शहर में नहीं है रैन बसेरा
अब तक शहर में कोई भी स्थायी रैन बसेरा नहीं है। इससे मजबूरन लोगों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन के नीचे व फुटपाथों पर ही ठंडी रात काटने को मजबूर होना पड़ता है।
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वर्जन...
बालौर रोड पर रैन बसेरे के रुके कार्य को जल्द ही शुरू कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर लगाया गया है। टेंडर खुलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके निर्माण पर अब लगभग एक करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
-सरोज राठी, चेयरपर्सन, नगर परिषद बहादुरगढ़।
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कई वर्षों से कार्य बंद पड़ा है। नगर परिषद चेयरपर्सन की ओर से जल्द ही इस कार्य को दोबारा शुरू करने की बात कही गई है। रैन बसेरे का निर्माण यहां पर इसलिए किया जाना था कि लोगों को फुटपाथों, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर खुले आसमान के नीचे ठंड के मौसम में रात काटने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा, लेकिन कार्य पूरा न होने के चलते अब फिर से गरीबों को खुले आसमान के नीचे ठंड में रात बितानी होगी। रैन बसेरे का निर्माण कार्य करीब 30 फीसद ही पूरा हुआ है। यह दो मंजिला भवन बनना था। रैन बसेरे में नगर परिषद की ओर से ठंड को देखते हुए रसोई, रजाई, गद्दे व अन्य सुविधाओं का पूरा प्रबंध किया जाने का दावा किया गया था, लेकिन लोगों को यह सुविधा तो मिलना दूर, अभी तक निर्माण कार्य ही पूरा नहीं हो पाया है। यहां के निवासी विजय कुमार, शैलेंद्र ने बताया कि इस अधूरे रैन बसेरे में अब पशुओं के साथ-साथ नशेड़ी युवक बैठे रहते हैं। यदि इसका समय पर निर्माण कार्य पूरा हो जाता तो यह ठंड के मौसम में गरीबों के काम आता। इसका निर्माण कार्य वर्ष 2020 में शुरू हुआ था।
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शहर में नहीं है रैन बसेरा
अब तक शहर में कोई भी स्थायी रैन बसेरा नहीं है। इससे मजबूरन लोगों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन के नीचे व फुटपाथों पर ही ठंडी रात काटने को मजबूर होना पड़ता है।
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बालौर रोड पर रैन बसेरे के रुके कार्य को जल्द ही शुरू कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर लगाया गया है। टेंडर खुलने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके निर्माण पर अब लगभग एक करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
-सरोज राठी, चेयरपर्सन, नगर परिषद बहादुरगढ़।