{"_id":"611d488c8ebc3e79bb06ce69","slug":"the-farmers-are-troubled-by-coming-to-the-external-area-crops-getting-worse-bahadurgarh-news-rtk6212982175","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाहरी क्षेत्र का पानी आने से किसान परेशान, फसलें हो रही खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाहरी क्षेत्र का पानी आने से किसान परेशान, फसलें हो रही खराब
विज्ञापन
बादली। देशलपुर, शाहपुर और बुपनियां गांव के खेतों में बाहरी क्षेत्र का पानी आने से किसानों में फसल खराब होने के कारण रोष बना हुआ है। उक्त गांवों के किसानों का आरोप है कि दूसरे गांवों के खेतों से ड्रेन के माध्यम से पानी छोड़ा जा रहा है। किसानों के अनुसार 10 दिन से धान और गन्ने की फसल में पानी भरा हुआ है।
किसान दीपक, अमित, प्रदीप, रामेहर, राजेंद्र, रामकुमार, दुष्यंत, सुधीर और सुखबीर का कहना है कि प्रशासन की ओर से पानी की मोटर लगाने में भेदभाव किया गया है। ऐसी जगह पानी निकासी की मोटर नहीं लगाई गई, जहां फसल को बचाया जा सकता है। जबकि कुछ ऐसी जगह पानी निकासी की मोटर लगा दी गई, जहां फसल खराब हो चुकी है और बचाव की कोई संभावना नहीं है।
किसानों का कहना है कि देशलपुर और बुपनियां गांव के बीच सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है, अभी तक उन्हें कोई सहायता नहीं दी गई है। किसानों ने मांग को लेकर एक सप्ताह पहले एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। साथ ही समस्या को लेकर तहसीलदार को भी समस्या से अवगत करवा चुके हैं। किसानों की मांग की है उनके खेतों में निरंतर बह रहे पानी को रोका जाए, ताकि फसल को खराब होने से बचाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान दीपक, अमित, प्रदीप, रामेहर, राजेंद्र, रामकुमार, दुष्यंत, सुधीर और सुखबीर का कहना है कि प्रशासन की ओर से पानी की मोटर लगाने में भेदभाव किया गया है। ऐसी जगह पानी निकासी की मोटर नहीं लगाई गई, जहां फसल को बचाया जा सकता है। जबकि कुछ ऐसी जगह पानी निकासी की मोटर लगा दी गई, जहां फसल खराब हो चुकी है और बचाव की कोई संभावना नहीं है।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि देशलपुर और बुपनियां गांव के बीच सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है, अभी तक उन्हें कोई सहायता नहीं दी गई है। किसानों ने मांग को लेकर एक सप्ताह पहले एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। साथ ही समस्या को लेकर तहसीलदार को भी समस्या से अवगत करवा चुके हैं। किसानों की मांग की है उनके खेतों में निरंतर बह रहे पानी को रोका जाए, ताकि फसल को खराब होने से बचाया जा सके।
विज्ञापन