{"_id":"6972968fb305e366cb0c5fda","slug":"the-factory-spread-over-250-square-yards-had-neither-fire-fighting-equipment-nor-emergency-exits-bahadurgarh-news-c-17-1-roh1026-799247-2026-01-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhajjar-Bahadurgarh News: ढाई सौ वर्ग गज में फैक्टरी में अग्निशमन उपकरण था न आपातकालीन निकास द्वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhajjar-Bahadurgarh News: ढाई सौ वर्ग गज में फैक्टरी में अग्निशमन उपकरण था न आपातकालीन निकास द्वार
Fri, 23 Jan 2026 02:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Fri, 23 Jan 2026 02:58 AM IST
विज्ञापन
बहादुरगढ़। शहर के एमआइई पार्ट-ए के प्लाॅट नंबर 817 में आग से खाक हुई उत्कर्ष इंटरप्राइजेज जूता फैक्टरी में सुरक्षा मानकों का कड़ा उल्लंघन हो रहा था। ढाई सौ वर्ग गज की फैक्टरी में न तो अग्निशमन उपकरण था और न आपातकालीन निकास द्वार। यही वजह थी कि अग्नि हादसे के वक्त फैक्टरी में सो रहे चचेरे भाइयों गांव पाली, हरदोई (यूपी) निवासी अब्दुल अतावारिस (30) और अमीरुद्दीन (40) को निकलने का रास्ता भी नहीं मिला।
फैक्टरी कर्मी नबी अहमद, आफताब, सुहैल, नबी आलम ने बताया कि जूता फैक्टरी पूरी तरह से कवर थी। इसमें पर्याप्त अग्निशमन उपकरण नहीं थे और न ही आपातकालीन निकास की सही व्यवस्था थी। फैक्टरी में टिनशेड लगे हुए थे। यही वजह थी कि आग बुझाने पहुंचे दमकल कर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आठ साल पहले चार मजदूरों की गई थी जान :
इसे दुर्योग कहें या लापरवाही, दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी नितेश गुप्ता की जूता फैक्टरी में साल 2018 में भी आग लगी थी। तब दिल्ली के सुल्तानपुरी स्थित रिहायशी इलाके में संचालित उनकी फैक्टरी में चार मजदूरों रजी, भूरा, महबूब वारिस, अयूब वारिस की मौत हुई थी। आरोप है कि वहां भी आग बुझाने के कोई ठोस इंतजाम नहीं थे। तब जांच के बाद फैक्टरी मालिक नितेश गुप्ता को जेल जाना पड़ा था। संवाद
विज्ञापन
वर्जन-
-वीरवार सुबह आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के पार्ट ए में जिस फैक्टरी में आग में जलकर दो लोगों की मौत हुई वहां आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं थे। फैक्टरी को भी पूरा कवर किया गया था। आग बुझाने में भी काफी दिक्कत आई है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
-रविन्द्र कुमार, फायर अधिकारी, बहादुरगढ़।
..............
विज्ञापन
फैक्टरी कर्मी नबी अहमद, आफताब, सुहैल, नबी आलम ने बताया कि जूता फैक्टरी पूरी तरह से कवर थी। इसमें पर्याप्त अग्निशमन उपकरण नहीं थे और न ही आपातकालीन निकास की सही व्यवस्था थी। फैक्टरी में टिनशेड लगे हुए थे। यही वजह थी कि आग बुझाने पहुंचे दमकल कर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
विज्ञापन
आठ साल पहले चार मजदूरों की गई थी जान :
इसे दुर्योग कहें या लापरवाही, दिल्ली के सुल्तानपुरी निवासी नितेश गुप्ता की जूता फैक्टरी में साल 2018 में भी आग लगी थी। तब दिल्ली के सुल्तानपुरी स्थित रिहायशी इलाके में संचालित उनकी फैक्टरी में चार मजदूरों रजी, भूरा, महबूब वारिस, अयूब वारिस की मौत हुई थी। आरोप है कि वहां भी आग बुझाने के कोई ठोस इंतजाम नहीं थे। तब जांच के बाद फैक्टरी मालिक नितेश गुप्ता को जेल जाना पड़ा था। संवाद
विज्ञापन
वर्जन-
-वीरवार सुबह आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के पार्ट ए में जिस फैक्टरी में आग में जलकर दो लोगों की मौत हुई वहां आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं थे। फैक्टरी को भी पूरा कवर किया गया था। आग बुझाने में भी काफी दिक्कत आई है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
-रविन्द्र कुमार, फायर अधिकारी, बहादुरगढ़।
..............