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सहमति संबंध के फैसले पर पुनर्विचार करे कोर्ट : जयसिंह
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झज्जर। सहमति संबंध को लेकर खाप प्रधानों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अहलावत खाप प्रधान जयसिंह अहलावत ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि हमारी सभ्यता और संस्कृति ऐसे संबंधों को स्वीकार नहीं करती।
उन्होंने कहा कि यदि महिला और पुरुष के विचार नहीं मिलते हैं तो उन्हें अदालत का सहारा लेना चाहिए न कि सहमति संबंध जैसे रास्तों को अपनाना चाहिए। कोर्ट के फैसलों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कोर्ट को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
कादियान खाप के प्रधान राजपाल कादियान ने कहा कि उनकी तरफ से गावों में जाकर युवाओं को समाज के अनुरूप चलने के लिए जागरूक किया जा रहा है हिंदू एक्ट में बदलाव न होना समाज के लिए बड़ी चुनौती है और युवा लड़के-लड़कियां समाज के विपरीत जाकर शादी कर लेते हैं।
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उन्होंने कहा कि यदि महिला और पुरुष के विचार नहीं मिलते हैं तो उन्हें अदालत का सहारा लेना चाहिए न कि सहमति संबंध जैसे रास्तों को अपनाना चाहिए। कोर्ट के फैसलों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कोर्ट को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
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कादियान खाप के प्रधान राजपाल कादियान ने कहा कि उनकी तरफ से गावों में जाकर युवाओं को समाज के अनुरूप चलने के लिए जागरूक किया जा रहा है हिंदू एक्ट में बदलाव न होना समाज के लिए बड़ी चुनौती है और युवा लड़के-लड़कियां समाज के विपरीत जाकर शादी कर लेते हैं।
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