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दूसरे दिन भी थमे रहे रोडवेज के पहिये
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़
Updated Mon, 08 Sep 2014 12:34 AM IST
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सरकार की ओर से प्राइवेट बस ऑपरेटरों को परमिट देने और निजीकरण करने के विरोध में रोडवेज कर्मियों का विरोध दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा।
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रोडवेज कर्मियों ने स्थानीय सब डिपो में पूरी तरह से चक्का जाम कर दिया। बस स्टैंड के प्रवेश व निकासी द्वार पर बसें आड़ी-तिरछी खड़ी कर दी गईं।
इस दौरान एक भी बसें नहीं चलने दी गई। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए धरना दिया। रोडवेज कर्मियों के तेवरों को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
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फिया विभाग के अधिकारी पल-पल की रिपोर्ट ऊपर पहुंचाते दिखाई दिए। चक्का जाम के कारण जहां बस अड्डा परिसर सूना पड़ा रहा, वहीं यात्रियों को खूब परेशानी झेलनी पड़ी।
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सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन की बहादुरगढ़ शाखा के प्रधान संजय रोहिल्ला, प्रधान जगदीश राणा व प्रधान जयवीर खेड़ी जट्ट ने धरना स्थल पर कहा कि यह हड़ताल निजीकरण के विरोध में है।
उन्होंने कहा कि बीती 20 जनवरी को सरकार व कर्मचारियों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने व प्राइवेट रूट परमिटों पर कमेटी बनाने का समझौता हुआ था।
इसके बावजूद कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के जगह अधूरी नीति के तहत केवल वेतन नियमित किया गया। सुप्रीम कोर्ट में प्राइवेट परमिटों पर स्टे होने के बावजूद सरकार जनता के विभाग को निजी हाथों में सौंपने के लिए डीटीओ के द्वारा परमिट जारी कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने रोडवेज कर्मियों के साथ धोखा किया है। इसी के चलते रोडवेज का चक्का जाम किया गया है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती, तब तक एक भी बस नहीं चलने दी जाएगी।
रोडवेज कर्मचारी दिन भर धरने पर बैठकर विरोध जताते रहे। धरने में तीनों प्रधानों के अलावा अशोक, विक्रम, कृष्ण, संदीप, कुलदीप, अनिल शर्मा, समेत काफी कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
तीन लाख से अधिक का नुकसान
रोडवेज कर्मियों की हड़ताल से जहां लोग परेशान रहे, वहीं रोडवेज को भी राजस्व का घाटा हुआ। अधिकारियों ने बताया कि बहादुरगढ़ सब डिपो के बेडे़ में 63 से ज्यादा बसें हैं।
इनमें से विभिन्न मार्गों पर करीब 51 बसें चलती है। रविवार को पूरी तरह से चक्का जाम होने से सब डिपो से विभाग को तीन लाख से अधिक का नुकसान हुआ।
ड्यूटी क्लर्क धर्मबीर राठी ने बताया कि लंबे मार्ग धर्मशाला, जालंधर, चंडीगढ़ सहित कई अन्य मार्गों से चलकर आई 11 बसें आज डिपो में पहुंची हैं। ऐसे में उनकी हाजिरी मानी जाएगी।
निजी वाहनों में भीड़
रोडवेज की बसें न चलने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में प्राइवेट बस और सवारी वाहन चालकों ने खूब फायदा उठाया। जो वाहन सवारियों को तरसते थे, वे रविवार को खचाखच भरे थे। अवैध वाहनों के फेरे भी दोगुने हो गए।
ऐसे में इन वाहनों के चालकों ने खूब चांदी कूटी। पूर्व में रविवार के दिन लोकल ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम रहती थी, लेकिन रविवार को बसें न चलने के कारण ट्रेनों में भी खासी भीड़ रही।