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मां भीमेश्वरी की आरती कर किया नए साल का आगाज
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बेरी। माता भीमेश्वरी देवी के मंदिर में विशेष पूजा अर्चना और आरती गाकर श्रद्धालुओं ने नए साल का आगाज किया। इसके अलावा माजरा के बाबा श्यामजी, मोहन दास धाम और जटेला धाम में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। तपो भूमि के नाम से प्रसिद्ध बेरी में जहां बेरी वाली मां का दरबार है वहीं दूबलधन दुर्वासा ऋषि की तपोभूमि है। जहां पुजारी ने मंत्रोच्चारण के साथ स्नान करवाया उसके बाद मंगला आरती करके मां के दर्शन भक्तों के लिए खोल दिए गए। मां के दर्शनों का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। दूबलधन से तीन किलोमीटर की दूरी पर बाबा श्याम जी और मोहन दास का मंदिर भक्तों के लिए आस्था का केंद्र हैं। माजरा से 5 किलोमीटर की दूरी पर झज्जर और भिवानी जिले के बीचोंबीच जटेला धाम है। जहां पर नव वर्ष के दिन शनिवार को हजारों भक्तों ने स्वामी नितानंद की समाधि पर माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।
महाभारत की याद दिलाता है श्याम बाबा मंदिर
बाबा मोहन दास व श्याम जी के मंदिर में श्रद्धालु ने माथा टेककर नववर्ष की शुरुआत करते हैं। वर्तमान में जहां पर मंदिर स्थित हैैं वहां पर धर्मराज युधिष्ठर ने घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक के धड़ को समाधि दी थी। तब से लेकर अब तक लोग इस समाधि को पूजते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि महाभारत के युद्ध के दौरान वासुदेव श्रीकृष्ण ने बर्बरीक से उसका शीश दान के रूप में मांग लिया था। बर्बरीक ने बिना देरी किए श्रीकृष्ण को अपना शीश दे दिया तब श्रीकृष्ण ने बर्बरीक से कहा था कि भविष्य में उनके नाम यानी श्याम बाबा के नाम से आराधना की जाएगी। श्रद्धालु रमेश सैन माजरा ने बताया कि राजस्थान के खाटू श्याम के बाद बाबा का दूसरा बड़ा मंदिर हैं।
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महाभारत की याद दिलाता है श्याम बाबा मंदिर
बाबा मोहन दास व श्याम जी के मंदिर में श्रद्धालु ने माथा टेककर नववर्ष की शुरुआत करते हैं। वर्तमान में जहां पर मंदिर स्थित हैैं वहां पर धर्मराज युधिष्ठर ने घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक के धड़ को समाधि दी थी। तब से लेकर अब तक लोग इस समाधि को पूजते आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि महाभारत के युद्ध के दौरान वासुदेव श्रीकृष्ण ने बर्बरीक से उसका शीश दान के रूप में मांग लिया था। बर्बरीक ने बिना देरी किए श्रीकृष्ण को अपना शीश दे दिया तब श्रीकृष्ण ने बर्बरीक से कहा था कि भविष्य में उनके नाम यानी श्याम बाबा के नाम से आराधना की जाएगी। श्रद्धालु रमेश सैन माजरा ने बताया कि राजस्थान के खाटू श्याम के बाद बाबा का दूसरा बड़ा मंदिर हैं।
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