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Jhajjar-Bahadurgarh News: 10 साल की उम्र में लघु चित्रकारी में दिलचस्पी दिखाई, हासिल किए कई नेशनल और स्टेट अवार्ड
Sun, 12 Oct 2025 02:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 12 Oct 2025 02:47 AM IST
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बहादुरगढ़। राजस्थान के जयपुर के रहने वाले हनुमान सैनी अपनी लघु चित्रकार (पेंटिंग) से सभी को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। बहादुरगढ़ के सेक्टर-6 कम्यूनिटी सेंटर में नाबार्ड की ओर से लगाए गए हस्तशिल्प कला उत्सव मेले में भी उनकी पेंटिंग छाई हुई है। 10 वर्ष की उम्र में ही लघु चित्रकारी का शौक रखने वाले हनुमान सैनी चार दशक से लगातार चित्रकारी कर रहे हैं। कई स्टेट और राष्ट्रपति से नेशनल अवार्ड भी हासिल कर चुके हैं। अबकी बार प्रदर्शनी में पहाड़ों के पत्थर घिसकर बनाए गए रंगों से तैयार की गई सरस्वती माता की तस्वीर छाई हुई है। खास बात यह है कि तस्वीर को बनाने में गोल्ड का भी इस्तेमाल किया गया है।
बचपन की यादों को ताजा करते हुए चित्रकार हनुमान सैनी ने बताया कि चित्रकारी का शौक उन्हें चौथी-पांचवीं कक्षा में होने लगा था। समय-समय पर स्कूलों में आयोजित होने वाली पेंटिंग प्रतियोगिताओं में भाग लिया और प्रथम स्थान हासिल किया तो इसके बाद मन में बेहतरीन पेंटिंग बनाने का जज्बा जागा और लगातार पेंटिंग करनी शुरू कर दी।
स्कूल में ब्लैक बोर्ड पर भी खाली समय में पेंटिंग बनाई और अब वे आकर्षक पेंटिंग बनाकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। उन्होंने बताया कि अकेले बहादुरगढ़ में उनसे 350 विद्यार्थी लघु चित्रकारी का प्रशिक्षण लेते हैं। कई बार फोन पर तो कई बार वीडियो कॉल के जरिए भी उनसे अपनी पेंटिंग के बारे में चर्चा करते हैं।
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पक्षियों की मिट्टी में बनाते थे आकृति
लघु चित्रकारी का शौक रखने वाले हनुमान सैनी बताते हैं कि जैसे ही पढ़ाई पूरी की तो परिजनों के साथ खेतों में आना-जाना शुरू हुआ। खेतों में बैठकर आसमान में उड़ने वाले पक्षियों का चित्र मिट्टी में बनाया। अब उन्होंने जीवन चक्र को पेेंटिंग के जरिए दर्शाया है। इसमें आकाश, वायु, अग्नि, पृथ्वी, जल सभी एक चित्र में दिखाए हैं। कैसे मनुष्य का जीवन शुरू होता और कैसे समयानुसार बीतता है।
मिले हैं कई स्टेट और नेशनल अवार्ड
हनुमान सैनी को वर्ष 2024 में फरवरी माह में हरियाणा सरकार की ओर से मानद उपाधि से नवाजा गया है। वहीं वर्ष 2014 में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से और राजस्थान सरकार से स्टेट अवार्ड मिल चुका है।
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बचपन की यादों को ताजा करते हुए चित्रकार हनुमान सैनी ने बताया कि चित्रकारी का शौक उन्हें चौथी-पांचवीं कक्षा में होने लगा था। समय-समय पर स्कूलों में आयोजित होने वाली पेंटिंग प्रतियोगिताओं में भाग लिया और प्रथम स्थान हासिल किया तो इसके बाद मन में बेहतरीन पेंटिंग बनाने का जज्बा जागा और लगातार पेंटिंग करनी शुरू कर दी।
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स्कूल में ब्लैक बोर्ड पर भी खाली समय में पेंटिंग बनाई और अब वे आकर्षक पेंटिंग बनाकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। उन्होंने बताया कि अकेले बहादुरगढ़ में उनसे 350 विद्यार्थी लघु चित्रकारी का प्रशिक्षण लेते हैं। कई बार फोन पर तो कई बार वीडियो कॉल के जरिए भी उनसे अपनी पेंटिंग के बारे में चर्चा करते हैं।
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पक्षियों की मिट्टी में बनाते थे आकृति
लघु चित्रकारी का शौक रखने वाले हनुमान सैनी बताते हैं कि जैसे ही पढ़ाई पूरी की तो परिजनों के साथ खेतों में आना-जाना शुरू हुआ। खेतों में बैठकर आसमान में उड़ने वाले पक्षियों का चित्र मिट्टी में बनाया। अब उन्होंने जीवन चक्र को पेेंटिंग के जरिए दर्शाया है। इसमें आकाश, वायु, अग्नि, पृथ्वी, जल सभी एक चित्र में दिखाए हैं। कैसे मनुष्य का जीवन शुरू होता और कैसे समयानुसार बीतता है।
मिले हैं कई स्टेट और नेशनल अवार्ड
हनुमान सैनी को वर्ष 2024 में फरवरी माह में हरियाणा सरकार की ओर से मानद उपाधि से नवाजा गया है। वहीं वर्ष 2014 में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से और राजस्थान सरकार से स्टेट अवार्ड मिल चुका है।