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पॉलिसी बेस लोन दिलाने के नाम पर ठग लिए सात लाख
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बहादुरगढ़। शहर की काठमंडी के निवासी एक कामकाजी व्यक्ति से पॉलिसी बेस लोन दिलाने के नाम पर एक शातिर व्यक्ति व उसके साथियों ने सात लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, मामला बीते वर्ष का है। काठ मंडी की आरा मशीन वाली गली के निवासी घनश्याम एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। एसपी झज्जर को दी शिकायत में उन्होंने कहा है कि घरेलू जरूरतों व अपना घर बनवाने के लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी। इस बीच 20 मार्च 2021 को उनके मोबाइल फोन पर एक साइबर ठग की 8527035138 नंबर से कॉल आई। उसने अपने आपको बजाज फिनसर्व कंपनी का एजेंट संजीव कुमार बताया। जबकि यह फर्जी फाइंनेंस कंपनी थी। इस बात का इल्म घनश्याम को शुरू में नहीं था और कथित ठग संजीव कुमार ने उन्हेें सब्जबाग दिखाकर झांसे में ले लिया। इस साइबर ठग ने उन्हेें पॅलिसी बेस पर 14,00,000 रुपये लोन दिलाने का वादा किया। यह दस साल में भरना था।
संजीव कुमार ने आवेदक घनश्याम को सालाना 70,000 रुपये ईएमआई भरने बारे कहा। पॅलिसी की पहली किश्त भरने बाद इस ठग ने प्रार्थी को बताया कि उनकी किश्त जमा हो गई है और इसकी रसीद भी प्रार्थी को आनलाइन भेज दी। साथ ही इस पॉलिसी बांड कंपनी के पास रखने के लिए कहा। घनश्याम ठग के जालसाजी में आ गए और ठग द्वारा दिए गए उसके गिरोह के सदस्यों (जिनको कंपनी अफसर बताया) के खाते में 7,00000 रुपये भेज दिए। ठग ने घनश्याम से सात लाख रुपये ऐंठ लिए और एक पैसा भी लोन नहीं दिलवाया। जिनके खातों में पैसा भेजा उनके नाम बिमला देवी, विकास राहुल और संजीव हैं। ठग ने ये पैसा बैंक लिंक कराने, जीएसटी व कार रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूला। घनश्याम ने बताया कि सात लाख रुपये ऐंठने के बाद इस साइबर ठग संजीव का फोन नंबर बंद आ रहा है। उससे उनकी आखरी बार बातचीत 17 जुलाई 2021 को हुई थी। लाइनपार थाना प्रभारी राजेश कुमार के मुताबिक, एसपी झज्जर के आदेश पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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दरअसल, मामला बीते वर्ष का है। काठ मंडी की आरा मशीन वाली गली के निवासी घनश्याम एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। एसपी झज्जर को दी शिकायत में उन्होंने कहा है कि घरेलू जरूरतों व अपना घर बनवाने के लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी। इस बीच 20 मार्च 2021 को उनके मोबाइल फोन पर एक साइबर ठग की 8527035138 नंबर से कॉल आई। उसने अपने आपको बजाज फिनसर्व कंपनी का एजेंट संजीव कुमार बताया। जबकि यह फर्जी फाइंनेंस कंपनी थी। इस बात का इल्म घनश्याम को शुरू में नहीं था और कथित ठग संजीव कुमार ने उन्हेें सब्जबाग दिखाकर झांसे में ले लिया। इस साइबर ठग ने उन्हेें पॅलिसी बेस पर 14,00,000 रुपये लोन दिलाने का वादा किया। यह दस साल में भरना था।
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संजीव कुमार ने आवेदक घनश्याम को सालाना 70,000 रुपये ईएमआई भरने बारे कहा। पॅलिसी की पहली किश्त भरने बाद इस ठग ने प्रार्थी को बताया कि उनकी किश्त जमा हो गई है और इसकी रसीद भी प्रार्थी को आनलाइन भेज दी। साथ ही इस पॉलिसी बांड कंपनी के पास रखने के लिए कहा। घनश्याम ठग के जालसाजी में आ गए और ठग द्वारा दिए गए उसके गिरोह के सदस्यों (जिनको कंपनी अफसर बताया) के खाते में 7,00000 रुपये भेज दिए। ठग ने घनश्याम से सात लाख रुपये ऐंठ लिए और एक पैसा भी लोन नहीं दिलवाया। जिनके खातों में पैसा भेजा उनके नाम बिमला देवी, विकास राहुल और संजीव हैं। ठग ने ये पैसा बैंक लिंक कराने, जीएसटी व कार रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूला। घनश्याम ने बताया कि सात लाख रुपये ऐंठने के बाद इस साइबर ठग संजीव का फोन नंबर बंद आ रहा है। उससे उनकी आखरी बार बातचीत 17 जुलाई 2021 को हुई थी। लाइनपार थाना प्रभारी राजेश कुमार के मुताबिक, एसपी झज्जर के आदेश पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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