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Jhajjar-Bahadurgarh News: पैठणी साड़ियां महिलाओं की खास पसंद बनीं
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फोटो- 62: बहादुरगढ़ के रेलवे रोड स्थित दुकान में साड़ी खरीदती महिलाएं। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। गणेश महोत्सव के चलते बाजारों में पूजा और सजावट सामग्री की खरीदारी बढ़ गई है। इस दौरान महिलाओं में पारंपरिक परिधानों को लेकर खासा उत्साह दिख रहा है। पैठणी साड़ियां इस बार गणेश उत्सव में महिलाओं की खास पसंद बनी हुई हैं।
आकर्षक डिजाइन, चमकदार रंग और पारंपरिक बॉर्डर वाली पैठणी साड़ियों की दुकानों पर मांग में वृद्धि हुई है। महिलाएं गणेश पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारिवारिक आयोजनों के लिए इनकी खरीदारी कर रही हैं। मोर, कमल और अन्य पारंपरिक आकृतियों वाले डिजाइन विशेष रूप से पसंद किए जा रहे हैं। लाल, हरे, पीले, बैंगनी और गुलाबी रंगों की साड़ियों की मांग अधिक है। महाराष्ट्र की यह पारंपरिक साड़ी अपने रेशमी कपड़े, रंगों और कलात्मक बुनाई के लिए प्रसिद्ध है। इसे साड़ियों की रानी भी कहा जाता है।
त्योहार में महिलाएं पारंपरिक रूप के साथ आधुनिक अंदाज भी अपना रही हैं। वे साड़ी को शर्ट या जींस के साथ पहनकर नया रूप दे रही हैं। दुकानदार पुरुषोत्तम गुप्ता ने बताया कि गणेश महोत्सव के कारण साड़ियों की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। सेक्टर छह निवासी सविता और मोनिका के अनुसार, पैठणी साड़ी त्योहारों और विशेष आयोजनों में आकर्षक और अलग रूप देती है। डिजाइन, कपड़े और कारीगरी के आधार पर इनकी कीमत करीब एक हजार रुपये से शुरू होकर पांच हजार रुपये या इससे अधिक है।
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बहादुरगढ़। गणेश महोत्सव के चलते बाजारों में पूजा और सजावट सामग्री की खरीदारी बढ़ गई है। इस दौरान महिलाओं में पारंपरिक परिधानों को लेकर खासा उत्साह दिख रहा है। पैठणी साड़ियां इस बार गणेश उत्सव में महिलाओं की खास पसंद बनी हुई हैं।
आकर्षक डिजाइन, चमकदार रंग और पारंपरिक बॉर्डर वाली पैठणी साड़ियों की दुकानों पर मांग में वृद्धि हुई है। महिलाएं गणेश पूजा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारिवारिक आयोजनों के लिए इनकी खरीदारी कर रही हैं। मोर, कमल और अन्य पारंपरिक आकृतियों वाले डिजाइन विशेष रूप से पसंद किए जा रहे हैं। लाल, हरे, पीले, बैंगनी और गुलाबी रंगों की साड़ियों की मांग अधिक है। महाराष्ट्र की यह पारंपरिक साड़ी अपने रेशमी कपड़े, रंगों और कलात्मक बुनाई के लिए प्रसिद्ध है। इसे साड़ियों की रानी भी कहा जाता है।
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त्योहार में महिलाएं पारंपरिक रूप के साथ आधुनिक अंदाज भी अपना रही हैं। वे साड़ी को शर्ट या जींस के साथ पहनकर नया रूप दे रही हैं। दुकानदार पुरुषोत्तम गुप्ता ने बताया कि गणेश महोत्सव के कारण साड़ियों की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। सेक्टर छह निवासी सविता और मोनिका के अनुसार, पैठणी साड़ी त्योहारों और विशेष आयोजनों में आकर्षक और अलग रूप देती है। डिजाइन, कपड़े और कारीगरी के आधार पर इनकी कीमत करीब एक हजार रुपये से शुरू होकर पांच हजार रुपये या इससे अधिक है।
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