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Jhajjar-Bahadurgarh News: जनगणना 2027 के चलते स्व-गणना अभियान 16 अप्रैल से
Thu, 16 Apr 2026 03:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Thu, 16 Apr 2026 03:29 AM IST
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- सही जानकारी से जिले की योजनाओं को मिलेगा मजबूत आधार, विकास को मिलेगी गति : डीसी
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। जिला उपायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि जनगणना 2027 के अंतर्गत जिला झज्जर में वीरवार 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक पोर्टल se.census.gov. in के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने जिलावासियों से आह्वान किया कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और सही व पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से तैयार की जा सकें। जनगणना से जनकल्याणकारी योजनाओं को भी गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात एक मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान गणनाकर्मी घर-घर जाकर स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।
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स्व-गणना करने वाले प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान की जाएगी जिसे सत्यापन के समय दिखाना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल शासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे नागरिकों को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
अब लोग अपने मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से कहीं से भी आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं जिससे समय की बचत के साथ-साथ त्रुटियों में भी कमी आएगी। डीसी ने स्व-गणना की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते बताया कि नागरिक सबसे पहले पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी के जरिए पंजीकरण करें।
इसके बाद डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिह्नित करें परिवार के सभी सदस्यों का विवरण दर्ज करें तथा आवास और सुविधाओं से संबंधित जानकारी भरें। अंत में जानकारी की समीक्षा कर प्रपत्र जमा करें जिसके बाद उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या प्राप्त होगी।
स्व-गणना प्रपत्र में सभी 33 प्रश्नों की जानकारी देना जरूरी : डीसी
डीसी ने बताया कि स्व-गणना प्रपत्र में लगभग 33 प्रश्न शामिल हैं जिनमें परिवार के सदस्यों का विवरण, मकान का प्रकार, ग्रामीण या शहरी स्थिति, पेयजल, बिजली, स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं, शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित जानकारी शामिल है। इस प्रक्रिया में मोबाइल नंबर देना अनिवार्य रखा गया है। उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि इस बार जनगणना में आधुनिक सुविधाओं जैसे इंटरनेट एवं स्मार्टफोन का उपयोग, दूरदर्शन, रेडियो, कंप्यूटर या लैपटॉप की उपलब्धता और वाहनों (साइकिल, मोटरसाइकिल, कार) से संबंधित जानकारी को भी शामिल किया गया है इससे नागरिकों के जीवन स्तर का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
नागरिकों की जानकारी गोपनीय और पूरी तरह रहेगी सुरक्षित
डीसी ने जिलावासियों को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दी गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय और सुरक्षित रखी जाएगी और इनका उपयोग केवल सांख्यिकीय और विकासात्मक उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। जिला उपायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बताया कि जनगणना 2027 के अंतर्गत जिला झज्जर में वीरवार 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिक पोर्टल se.census.gov. in के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
उन्होंने जिलावासियों से आह्वान किया कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और सही व पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं ताकि भविष्य की योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से तैयार की जा सकें। जनगणना से जनकल्याणकारी योजनाओं को भी गति मिलेगी।
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उन्होंने बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात एक मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान गणनाकर्मी घर-घर जाकर स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।
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स्व-गणना करने वाले प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान की जाएगी जिसे सत्यापन के समय दिखाना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल शासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे नागरिकों को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
अब लोग अपने मोबाइल, टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से कहीं से भी आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं जिससे समय की बचत के साथ-साथ त्रुटियों में भी कमी आएगी। डीसी ने स्व-गणना की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते बताया कि नागरिक सबसे पहले पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी के जरिए पंजीकरण करें।
इसके बाद डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिह्नित करें परिवार के सभी सदस्यों का विवरण दर्ज करें तथा आवास और सुविधाओं से संबंधित जानकारी भरें। अंत में जानकारी की समीक्षा कर प्रपत्र जमा करें जिसके बाद उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या प्राप्त होगी।
स्व-गणना प्रपत्र में सभी 33 प्रश्नों की जानकारी देना जरूरी : डीसी
डीसी ने बताया कि स्व-गणना प्रपत्र में लगभग 33 प्रश्न शामिल हैं जिनमें परिवार के सदस्यों का विवरण, मकान का प्रकार, ग्रामीण या शहरी स्थिति, पेयजल, बिजली, स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं, शिक्षा और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से संबंधित जानकारी शामिल है। इस प्रक्रिया में मोबाइल नंबर देना अनिवार्य रखा गया है। उपायुक्त स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि इस बार जनगणना में आधुनिक सुविधाओं जैसे इंटरनेट एवं स्मार्टफोन का उपयोग, दूरदर्शन, रेडियो, कंप्यूटर या लैपटॉप की उपलब्धता और वाहनों (साइकिल, मोटरसाइकिल, कार) से संबंधित जानकारी को भी शामिल किया गया है इससे नागरिकों के जीवन स्तर का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
नागरिकों की जानकारी गोपनीय और पूरी तरह रहेगी सुरक्षित
डीसी ने जिलावासियों को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दी गई सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय और सुरक्षित रखी जाएगी और इनका उपयोग केवल सांख्यिकीय और विकासात्मक उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।