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नमक का स्टाक खत्म होने की अफवाह ने बढ़ाई बेचैनी
ब्यूरो/बहादुरगढ़,अमर उजाला
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:43 AM IST
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गत दिवस सोशल मीडिया में उड़ी नमक खत्म होने की अफवाह का असर बहादुरगढ़ में भी देखने को मिला। टीवी पर इस अफवाह के समाचार ने जनता में बेचैनी इस कद्र बढ़ा दी कि कुछ ही देर में परचून की दुकानों पर नमक खरीदने वालों की संख्या बढ़ती चली गई। इन दुकानों पर देर रात तक नमक की बिक्री हुई।
बता दें कि गत दिवस शहर में आयकर विभाग व बिक्री कर विभाग की टीमों के छापों की अफवाह के कारण बाजार दिन में बंद हो गए थे। आमतौर पर शाम के समय बाजार में रहने वाली रौनक की जगह सन्नाटा पसरा रहा। इसके बाद किरियाना मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी सक्रिय हुए और एसोसिएशन से जुड़ी तमाम दुकानें खुलवाई। एसोसिएशन के प्रधान राममेहर गुप्ता ने सभी साथियों से आह्वान किया कि सरकार की घोषणानुसार हमें 1000 व 500 रुपये के नोट लेने से साफ इंकार कर देना चाहिए और सरकार का इस बेहतरीन कदम में साथ देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने दुकान बंद करके या सामान की अधिक कीमत लेकर जनता को परेशान नहीं करने की नसीहत भी दी। मगर कुछ देर बाद ही दुकानदार उनकी नसीहत भूल गए और शाम को नमक खत्म होने की अफवाह को जमकर भुुनाया।
आमतौर पर साढ़े नौ बजे तक बंद हो जाने वाली किरियाना की दुकानों पर रात ग्यारह बजे तक नमक की बिक्री होती रही। कुछ दुकानदारों ने अफवाह से सहमे लोगों की इस बेचैनी को जमकर भुनाया। रात को कुछ उपभोक्ता नमक का कट्टा ही खरीद ले गए। हालांकि दिन निकलने तक अफवाह का डर खत्म हो चुका था। मेन बाजार के दुकानदार सुंदर सेठी के अनुसार शनिवार को दिन में नमक की बिक्री के लिए मारामारी तो नहीं रही मगर अन्य दिनों की अपेक्षा नमक की मांग अधिक जरूर रही।
बता दें कि गत दिवस शहर में आयकर विभाग व बिक्री कर विभाग की टीमों के छापों की अफवाह के कारण बाजार दिन में बंद हो गए थे। आमतौर पर शाम के समय बाजार में रहने वाली रौनक की जगह सन्नाटा पसरा रहा। इसके बाद किरियाना मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी सक्रिय हुए और एसोसिएशन से जुड़ी तमाम दुकानें खुलवाई। एसोसिएशन के प्रधान राममेहर गुप्ता ने सभी साथियों से आह्वान किया कि सरकार की घोषणानुसार हमें 1000 व 500 रुपये के नोट लेने से साफ इंकार कर देना चाहिए और सरकार का इस बेहतरीन कदम में साथ देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने दुकान बंद करके या सामान की अधिक कीमत लेकर जनता को परेशान नहीं करने की नसीहत भी दी। मगर कुछ देर बाद ही दुकानदार उनकी नसीहत भूल गए और शाम को नमक खत्म होने की अफवाह को जमकर भुुनाया।
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आमतौर पर साढ़े नौ बजे तक बंद हो जाने वाली किरियाना की दुकानों पर रात ग्यारह बजे तक नमक की बिक्री होती रही। कुछ दुकानदारों ने अफवाह से सहमे लोगों की इस बेचैनी को जमकर भुनाया। रात को कुछ उपभोक्ता नमक का कट्टा ही खरीद ले गए। हालांकि दिन निकलने तक अफवाह का डर खत्म हो चुका था। मेन बाजार के दुकानदार सुंदर सेठी के अनुसार शनिवार को दिन में नमक की बिक्री के लिए मारामारी तो नहीं रही मगर अन्य दिनों की अपेक्षा नमक की मांग अधिक जरूर रही।
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