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स्कूल गेट पर ताला जड़ छात्रों ने लगाया जाम

Sun, 01 Sep 2019 01:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2019 01:57 AM IST
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road jam
road jam - फोटो : Jhjhar
कासनी गांव में राजकीय स्कूल के छात्र-छात्राओं ने शनिवार को स्कूल स्टाफ पर दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाकर स्कूल गेट पर ताला लगा दिया। इतना ही नहीं छात्रों ने कोसली-झज्जर मार्ग पर पेड़ों की टहनियां डालकर जाम लगा दिया। छात्रों द्वारा जाम लगाए जाने और स्कूल गेट पर ताला लगाए जाने की जानकारी स्कूल स्टाफ के सदस्यों ने उच्चाधिकारियों को दी।
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मामले की जानकारी होते ही ब्लाक मौलिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने जाम लगाए छात्रों से बातचीत की। इसके बाद छात्रों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया। लगभग एक घंटे तक सड़क पर जाम लगने से वाहन चालकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। जाम लगाए छात्रों का आरोप था कि यदि किसी कारण कोई छात्र स्कूल नहीं पहुंचता है तो अगले दिन अध्यापक स्कूल न आने का कारण जाने बिना उनकी पिटाई करना शुरू कर देते हैं। आरोप लगाया कि स्कूल की प्रधानाचार्य भी बच्चों की शिकायत नहीं सुनतीं। बल्कि उलटे उन्हें ही डांटा जाता है। उधर कासनी स्कूल की प्रधानाचार्य सुनीता का कहना है कि छात्रों की पिटाई तथा दुर्व्यवहार जैसा स्कूल में कुछ भी नहीं है। छात्रों को बहका कर इस प्रकार के आरोप लगवाए गए हैं। स्कूल में पढ़ाई का माहौल है, छात्रों को समझाया जाएगा।
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जाम में फंसे रहे वाहन
स्कूली छात्रों के द्वारा जाम लगाए जाने के कारण करीब एक घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहे। सड़क पर करीब 200 ट्रक तथा छोटी गाड़ियां जाम के दौरान फंस गई। जाम में फंसे लोगों ने भी छात्रों को समझाने का प्रयास किया था लेकिन छात्र बिना अधिकारियों के किसी की भी सुनने को तैयार नहीं हुए। छात्रों ने ब्लाक मौलिक शिक्षा अधिकारी के आश्वासन पर ही जाम खोला।
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ये बोली छात्राएं
1. स्टाफ का व्यवहार सही नहीं है। हर छोटी सी बात पर पिटाई की जाती है। नई प्राचार्या भी स्टाफ को कुछ नहीं कहती, शिकायत करने पर उन्हें ही धमकाती है। ऐसे प्राचार्या को यहां से बदलना चाहिए।
ज्योति, छात्रा, कासनी स्कूल।
2. अगर कोई छात्र स्कूल में किसी वजह से नहीं आ पाता है तो उसे अगले दिन पीटा जाता है। मजबूरी में कई बार बच्चे एप्लीकेशन नहीं भेज पाते तो टीचर अगले दिन पिटाई शुरू कर देते हैं। इस प्रकार का अध्यापकों का व्यवहार सही नहीं है।

जाम की सूचना पर वे कासनी गांव में गए थे। छात्रों को समझाकर जाम खुलवा दिया है। छात्रों ने जो आरोप लगाए हैं, वो सहीं नहीं दिख रहे। बच्चों को बहकाकर कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं, जो कि गलत है। वे छात्रों को समझाकर सही रास्ते पर लाने का प्रयास करेंगे।
देवेंद्र, बीइईओ, साल्हावास।
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