Haryana: झज्जर में राशन डिपो संचालक ने हड़पा गरीबों का अनाज, लोगों को नहीं मिला सरसों का तेल; केस दर्ज
जांच अधिकारियों ने गांव के 29 राशन कार्डधारकों से व्यक्तिगत और 9 कार्डधारकों से सामूहिक रूप से बयान लिए। 9 कार्डधारकों ने बताया कि 25 जनवरी को उन्हें सरसों का तेल नहीं दिया गया, जबकि 17 अन्य लाभार्थियों ने भी यही शिकायत की।
विस्तार
झज्जर जिले के तुम्बाहेड़ी गांव में गरीबों के राशन की हेराफेरी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने डिपो संचालक सुरजप्रकाश के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोप है कि जनवरी माह का सरसों का तेल पात्र लाभार्थियों को दिए बिना ही बायोमेट्रिक सिस्टम से निकाल लिया गया।
खाद्य आपूर्ति विभाग की जांच में खुलासा
खाद्य आपूर्ति विभाग के उप निरीक्षक धर्मबीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पी.आर. केंद्र मातनहेल में कार्यरत हैं और गांव तुम्बाहेड़ी के राशन डिपो की निगरानी की जिम्मेदारी उनकी है। विभाग को डिपो संचालक के खिलाफ शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर संयुक्त निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, चंडीगढ़ के निर्देशानुसार जांच की गई।
जांच के दौरान जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी झज्जर, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी अमरजीत, निरीक्षक रंजन यादव, निरीक्षक हरिओम, उप निरीक्षक महावीर और अन्य अधिकारियों की टीम ने डिपो का निरीक्षण किया। इस दौरान राशन वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई।
राशन डिपो पर नहीं मिला तय मात्रा में अनाज
जांच टीम के अनुसार डिपो पर केवल 54 क्विंटल बाजरा मिला, जबकि विभागीय पोर्टल के अनुसार डिपो संचालक के पास निम्नलिखित राशन होना चाहिए था।
- गेहूं - 40.28 क्विंटल
- चीनी - 2.40 क्विंटल
- सरसों का तेल - 212 लीटर
- बाजरा - 85.19 क्विंटल
लेकिन भौतिक जांच में गेहूं, चीनी और सरसों का तेल पूरी तरह से गायब मिला, जबकि बाजरा भी 31.19 क्विंटल कम पाया गया। इससे साफ जाहिर होता है कि डिपो संचालक ने लाखों रुपये के राशन की हेराफेरी की है।
ग्रामीणों ने बताया नहीं मिला सरसों का तेल
जांच अधिकारियों ने गांव के 29 राशन कार्डधारकों से व्यक्तिगत और 9 कार्डधारकों से सामूहिक रूप से बयान लिए। 9 कार्डधारकों ने बताया कि 25 जनवरी को उन्हें सरसों का तेल नहीं दिया गया, जबकि 17 अन्य लाभार्थियों ने भी यही शिकायत की।
जब खाद्य आपूर्ति विभाग ने इन राशन कार्डधारकों की जानकारी पोर्टल पर चेक की, तो पता चला कि उनके नाम से सरसों का तेल डिपो संचालक ने पहले ही बायोमेट्रिक सत्यापन कर निकाल लिया था। इससे यह साफ हो गया कि डिपो संचालक ने लाभार्थियों को उनका हक का राशन नहीं दिया और खुद ही उसे खुर्द-बुर्द कर लिया।
डिपो संचालक के खिलाफ केस दर्ज
डिपो संचालक की इस अनियमितता को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने डिपो संचालक सुरजप्रकाश के खिलाफ धोखाधड़ी और राशन की हेराफेरी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
जांच जारी, होगी सख्त कार्रवाई
जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी ने कहा कि ऐसे भ्रष्ट डिपो संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है और डिपो संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।