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Jhajjar-Bahadurgarh News: राम को वनवास, दशरथ ने पुत्र वियोग में तोड़ा दम
Sat, 27 Sep 2025 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sat, 27 Sep 2025 10:39 PM IST
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26jjrp28- वनवास के दौरान नदी पार करवाते खेवट। स्रोत-आयोजक
झज्जर। शहर के बहादुरगढ़ रोड स्थित श्री प्राचीन रामलीला कमेटी के ग्राउंड में शुक्रवार को राम वनवास और दशरथ की मृत्यु का मंचन किया गया। इस दौरान भगवान राम अपने पिता राजा दशरथ और माता कौशल्य, कैकेयी व सुमित्रा से वन जाने की आज्ञा ली और वन की तरफ चले गए।उनके साथ सीता और लक्ष्मण भी मौजूद रहे।
रामलीला में वनवास के दौरान राम, सीता और लक्ष्मण चित्रकूट में पहुंच गए। वहीं, शहर के भगत सिंह चौक स्थित श्री विकास रामलीला क्लब में कैकेयी और राजा दशरथ के संवाद का मंचन किया गया। इस दौरान कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने दो वचन मांगे, जिसमें भरत के राजगद्दी और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास शामिल रहा। दोनों रामलीलाओं शहर व आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में लोग देखने के लिए पहुंचे।
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रामलीला में वनवास के दौरान राम, सीता और लक्ष्मण चित्रकूट में पहुंच गए। वहीं, शहर के भगत सिंह चौक स्थित श्री विकास रामलीला क्लब में कैकेयी और राजा दशरथ के संवाद का मंचन किया गया। इस दौरान कैकेयी ने राजा दशरथ से अपने दो वचन मांगे, जिसमें भरत के राजगद्दी और राम के लिए 14 वर्ष का वनवास शामिल रहा। दोनों रामलीलाओं शहर व आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में लोग देखने के लिए पहुंचे।
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