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सास-बहू के झगड़े ने उजाड़ दिया परिवार, एक ही चिता में हुआ मां-बेटे का अंतिम संस्कार
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विपिन कुमार बांगा
बेरी(झज्जर)। सास-बहू के झगड़े ने बुधवार देर शाम को एक और परिवार को उजाड़ दिया। गांव पलड़ा में बेटे के साथ फंदा लगाने वाली महिला का का शव वीरवार शाम को गांव पहुंचा। यहां पर दोनों की एक ही चिंता पर अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद ग्रामीण कुछ नहीं बोल रहे थे। जब इस मामले में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई तो ग्रामीणों की जुबान पर एक ही बात थी कि 2 साल के मासूम ने किसी का क्या बिगड़ा था। विवाहिता के बचपन में सिर से पिता का साया उठने के बाद मामा ने पाल-पोष कर बड़ा किया था। उसने बड़ी धूमधाम से उसकी शादी की थी।
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शादी में खूब दिया था दहेज
मृतका के मामा लाल सिंह निवासी कोयलपुर हाल गांव बोचड़िया, जिला महेंद्रगढ़ ने बताया कि सुमित्रा की शादी में अच्छा दहेज दिया था। दहेज देने के बावजूद उसके ससुराल वाले और दहेज की मांग करते थे। सुमित्रा से झगड़ा करते थे। इससे परेशान होकर सुमित्रा ने यह कदम उठाया है। उसकी 2 बहनों की भिंडावास में तो 2 बहनों की शादी पलड़ा में हुई है। मृतका के मामा ने बताया कि 1994 में सुमित्रा के पिता का बीमारी के चलते निधन हो गया था। परिवार में कोई सदस्य नहीं होने के कारण वह अपनी भांजी का पालन-पोषण करने के लिए गांव बोचड़िया गया। गांव में पालन-पोषण करके भांजी की शादी धूमधाम से की थी। सुमित्रा की छोटी बहन पूनम की शादी भी इसी घर में मनीष के छोटे भाई के साथ की गई है। सुमित्रा की बहन पूनम की ग्रुप डी में नौकरी लग गई थी, जिसकी नारनौल में ड्यूटी है। ड्यूटी के बाद वह अपने मायके बोचड़िया में चली जाती है।
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बेरी(झज्जर)। सास-बहू के झगड़े ने बुधवार देर शाम को एक और परिवार को उजाड़ दिया। गांव पलड़ा में बेटे के साथ फंदा लगाने वाली महिला का का शव वीरवार शाम को गांव पहुंचा। यहां पर दोनों की एक ही चिंता पर अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद ग्रामीण कुछ नहीं बोल रहे थे। जब इस मामले में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई तो ग्रामीणों की जुबान पर एक ही बात थी कि 2 साल के मासूम ने किसी का क्या बिगड़ा था। विवाहिता के बचपन में सिर से पिता का साया उठने के बाद मामा ने पाल-पोष कर बड़ा किया था। उसने बड़ी धूमधाम से उसकी शादी की थी।
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शादी में खूब दिया था दहेज
मृतका के मामा लाल सिंह निवासी कोयलपुर हाल गांव बोचड़िया, जिला महेंद्रगढ़ ने बताया कि सुमित्रा की शादी में अच्छा दहेज दिया था। दहेज देने के बावजूद उसके ससुराल वाले और दहेज की मांग करते थे। सुमित्रा से झगड़ा करते थे। इससे परेशान होकर सुमित्रा ने यह कदम उठाया है। उसकी 2 बहनों की भिंडावास में तो 2 बहनों की शादी पलड़ा में हुई है। मृतका के मामा ने बताया कि 1994 में सुमित्रा के पिता का बीमारी के चलते निधन हो गया था। परिवार में कोई सदस्य नहीं होने के कारण वह अपनी भांजी का पालन-पोषण करने के लिए गांव बोचड़िया गया। गांव में पालन-पोषण करके भांजी की शादी धूमधाम से की थी। सुमित्रा की छोटी बहन पूनम की शादी भी इसी घर में मनीष के छोटे भाई के साथ की गई है। सुमित्रा की बहन पूनम की ग्रुप डी में नौकरी लग गई थी, जिसकी नारनौल में ड्यूटी है। ड्यूटी के बाद वह अपने मायके बोचड़िया में चली जाती है।

सामान्य अस्पताल में कार्रवाई करती पुलिस। संवाद- फोटो : Jhjhar
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