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Jhajjar-Bahadurgarh News: 50 रुपये की बचत से राधा बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान
Sun, 12 Oct 2025 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 12 Oct 2025 11:49 PM IST
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12jjrp16- बुपनिया निवासी राधा
झज्जर। बुपनिया गांव निवासी राधा ने 50 रुपये बचत करने के साथ सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़कर अपनी शुरुआत की थी। अब वह खुद बालाजी सेल्फ हेल्प ग्रुप चला रही हैं जिससे 11 महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं। सबसे पहले राधा ने स्वयं ग्रुप से जुड़कर बचत करना सीखा और उसके बाद अपना ग्रुप बनाकर दूसरी महिलाओं को बचत करना सिखाया। आज उसके ग्रुप की बैंक लिमिट तीन लाख रुपये हो गई है।
राधा ने बताया कि वह 2018 में सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी थी। उस समय 50-50 रुपये इकट्ठे करके जिसको जरूरत होती थी उसको दिए जाते थे। उसके बाद वह आगे बढ़ी और अपना ग्रुप शुरू किया। पहले ग्रुप की बैंक लिमिट 50 हजार, उसके बाद एक लाख और अब तीन लाख रुपये लिमिट हो चुकी है। वह तीन लाख रुपये तक का लोन लेकर काम कर सकती हैं। ग्रुप से 11 महिलाएं जुड़ी हैं और हर कोई अपना-अपना स्वरोजगार भी चला रही हैं।
पति ने शुरू किया काम
राधा ने स्वरोजगार के जरिये अपने पति का काम भी शुरू करवाया। उसका पति पहले भट्ठे पर मजदूरी करता था लेकिन वह जूते-चप्पलों की फेरी लगाने का काम करता है। उसके परिवार की आमदनी भी बढ़ी है।
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राधा ने बताया कि वह 2018 में सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी थी। उस समय 50-50 रुपये इकट्ठे करके जिसको जरूरत होती थी उसको दिए जाते थे। उसके बाद वह आगे बढ़ी और अपना ग्रुप शुरू किया। पहले ग्रुप की बैंक लिमिट 50 हजार, उसके बाद एक लाख और अब तीन लाख रुपये लिमिट हो चुकी है। वह तीन लाख रुपये तक का लोन लेकर काम कर सकती हैं। ग्रुप से 11 महिलाएं जुड़ी हैं और हर कोई अपना-अपना स्वरोजगार भी चला रही हैं।
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पति ने शुरू किया काम
राधा ने स्वरोजगार के जरिये अपने पति का काम भी शुरू करवाया। उसका पति पहले भट्ठे पर मजदूरी करता था लेकिन वह जूते-चप्पलों की फेरी लगाने का काम करता है। उसके परिवार की आमदनी भी बढ़ी है।
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