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Jhajjar-Bahadurgarh News: महापंचायत की तैयारियों को लेकर छारा में जनसंपर्क अभियान
Wed, 09 Sep 2026 05:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Wed, 09 Sep 2026 05:34 PM IST
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फोटो-51: गांव छारा में जनसंपर्क करते संगठन के पदाधिकारी। स्रोत संगठन
बहादुरगढ़। 26 अक्तूबर को रोहतक के नांदल भवन बोहर में प्रस्तावित हरियाणा प्रदेश स्तरीय किसान-मजदूर-छात्र-युवा-महिला महापंचायत की तैयारियों को लेकर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन ने बुधवार को गांव छारा में जनसंपर्क अभियान चलाया। कार्यकर्ता जयकरण मांडौठी और जिला कमेटी सदस्य जिले सिंह ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
अभियान के दौरान गांव की विभिन्न पोलियों में किसानों और भूमिहीन ग्रामीणों से बातचीत की गई। ग्रामीणों ने सिंचाई के पानी की कमी, महंगी शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं, बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई, आय के सीमित साधनों, कम बुढ़ापा पेंशन और खेती की बढ़ती लागत जैसी समस्याएं उठाईं।
जयकरण मांडौठी ने कहा कि किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं और फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं मिल रही। उन्होंने यूरिया-डीएपी की किल्लत, फसल बीमा, बिजली व बीज के निजीकरण तथा मनरेगा में कटौती जैसी नीतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मजदूरों से लंबे समय तक काम कराने, युवाओं के रोजगार के अवसर घटाने और परिवार पहचान पत्र जैसी नीतियों के खिलाफ जन आंदोलन जरूरी है।
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उन्होंने ग्रामीणों से 26 अक्तूबर को सुबह 11:30 बजे नांदल भवन पहुंचने की अपील की। महापंचायत में किसान नेता सत्यवान, गुरजीत कौर और अर्थशास्त्री प्रो. अरुण कुमार शामिल होंगे। संवाद
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अभियान के दौरान गांव की विभिन्न पोलियों में किसानों और भूमिहीन ग्रामीणों से बातचीत की गई। ग्रामीणों ने सिंचाई के पानी की कमी, महंगी शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं, बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई, आय के सीमित साधनों, कम बुढ़ापा पेंशन और खेती की बढ़ती लागत जैसी समस्याएं उठाईं।
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जयकरण मांडौठी ने कहा कि किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं और फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं मिल रही। उन्होंने यूरिया-डीएपी की किल्लत, फसल बीमा, बिजली व बीज के निजीकरण तथा मनरेगा में कटौती जैसी नीतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मजदूरों से लंबे समय तक काम कराने, युवाओं के रोजगार के अवसर घटाने और परिवार पहचान पत्र जैसी नीतियों के खिलाफ जन आंदोलन जरूरी है।
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उन्होंने ग्रामीणों से 26 अक्तूबर को सुबह 11:30 बजे नांदल भवन पहुंचने की अपील की। महापंचायत में किसान नेता सत्यवान, गुरजीत कौर और अर्थशास्त्री प्रो. अरुण कुमार शामिल होंगे। संवाद