{"_id":"769f81e9e3f6cffb4bbe03dc312e16ee","slug":"protest-against-salary-delay-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन माह से वेतन नहीं, काले बिल्ले लगाकर किया काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन माह से वेतन नहीं, काले बिल्ले लगाकर किया काम
अमर उजाला ब्यूरो/ बहादुरगढ़
Updated Wed, 17 Jun 2015 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में कार्य करने वाले डॉक्टरों व अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ को तीन माह से वेतन नहीं मिला है।
विज्ञापन
ऐसे में महंगाई व बच्चों के एडमिशन के इस दौर में परिवार का गुजारा चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में नौबत यहां तक आन खड़ी हो गई है कि कई कर्मचारियों को उधार में पैसे लेकर घरेलू काम-काज तक निपटाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ऐसा नहीं है कि इस बारे में उच्च अधिकारियों को पता ही नहीं। कई बार वेतन दिलाए जाने की मांग वे सीएमओ और एनआरएचएम के नोडल ऑफिसर के समक्ष कर चुके हैं लेकिन पीछे से बजट न आने का बहाना बनाकर उन्हें टरकाया जा रहा है।
विज्ञापन
इसी से परेशान होकर जिले में सभी एनआरएचएम स्टाफ ने दो दिन का सांकेतिक रोष जताया है। वे काले बिल्ले लगाकर कार्य कर रहे हैं।
एनएचएम के तहत झज्जर जिले में 400 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी अलग-अलग विभागों में कार्य कर रहे हैं। इनमें अनेक डॉक्टर भी शामिल हैं। बहादुरगढ़ सामान्य अस्पताल में 34 कर्मचारी कार्यरत हैं।
जिला लेखा प्रबंधक वीरेंद्र गोयल, बहादुरगढ़ सामान्य अस्पताल के सहायक लेखाकार भूपेंद्र सिंह, कर्ण सिंह, पवन कुमार, सुरेंद्र, प्रवीण, पूनम, मंजू सहित कई अन्य ने बताया कि जब से सत्ता परिवर्तन हुआ है, तभी से उन्हें वेतन के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मार्च से लेकर मई माह तक का उन्हें अभी तक वेतन नहीं मिला है, जिससे अब उनके परिवार पर आर्थिक संकट भी छा गया है।
वेतन न मिलने के कारण जहां घरेलू परेशानियां उठानी पड़ रही है वहीं बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होने लगी है। किसी तरह से अपने परिचितों से पैसे उधार लेकर उन्हें गुजारा चलाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
भूपेंद्र के अनुसार गत पांच जून को भी एनआरएचएम कर्मियों ने सिविल सर्जन और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन देकर समस्या के निदान की मांग की थी, लेकिन दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी उनकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया बल्कि पीछे से बजट न आने की बात कहकर उन्हें टरकाया जा रहा है। इसी कारण वे हड़ताल व आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
वेतन की बाट जोह रहे एनआरएचएम कर्मियों ने मंगलवार से दो दिन का सांकेतिक रोष जताना शुरू कर दिया। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से लेकर डाक्टरों तक ने काले बिल्ले लगाकर अपना काम किया।
एनआरएचएम के तहत लगे कर्मचारियों ने अधिकारियों को चेताया कि यदि बुधवार तक उन्हें वेतन नहीं मिला तो वे बृहस्पतिवार से कामकाज छोड़कर हड़ताल पर चले जाएंगे।
केंद्र सरकार से अभी बजट नहीं मिला है। इसके लिए पत्र व्यवहार किया जा चुका है। अगल-दो-तीन रोज में ही बजट पास होकर आ जाएगा। किसी भी तरह से कर्मचारियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निदान कराने का प्रयास है। -डॉ. अशोक शर्मा, एनआरएचएम नोडल ऑफिसर, डिप्टी सीएमओ झज्जर