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Haryana: इस शिक्षक को राष्ट्रपति से मिलेगा सम्मान, माई भारत नेशनल सर्विस स्कीम के तहत किए सराहनीय कार्य
Sun, 21 Sep 2025 12:43 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी बेरी
संवाद न्यूज एजेंसी बेरी
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 21 Sep 2025 12:43 PM IST
सार
राजकीय कॉलेज दूबलधन के प्रिंसिपल डॉ. कर्मवीर को वर्ष 2022-23 के लिए माई भारत नेशनल सर्विस स्कीम के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
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प्रिंसिपल डॉ. कर्मवीर
- फोटो : संवाद
विस्तार
राजकीय कॉलेज दूबलधन के प्रिंसिपल डॉ. कर्मवीर को वर्ष 2022-23 के लिए माई भारत नेशनल सर्विस स्कीम के तहत उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। यह सम्मान 29 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा।
कॉलेज और समाज के लिए योगदान
डॉ. कर्मवीर ने 2012 में राजकीय कॉलेज दूबलधन में प्रिंसिपल के रूप में कार्य शुरू किया था। पिछले 13 वर्षों में उन्होंने कॉलेज परिसर और समाज को नई दिशा प्रदान की है। उनकी अगुवाई में कॉलेज परिसर में 25000 से अधिक पेड़-पौधे लगाए गए हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा कॉलेज और आसपास के गांवों में समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें हजारों यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
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कॉलेज और समाज के लिए योगदान
डॉ. कर्मवीर ने 2012 में राजकीय कॉलेज दूबलधन में प्रिंसिपल के रूप में कार्य शुरू किया था। पिछले 13 वर्षों में उन्होंने कॉलेज परिसर और समाज को नई दिशा प्रदान की है। उनकी अगुवाई में कॉलेज परिसर में 25000 से अधिक पेड़-पौधे लगाए गए हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा कॉलेज और आसपास के गांवों में समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें हजारों यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
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नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता
डॉ. कर्मवीर के नेतृत्व में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने गांव-गांव जाकर नशामुक्ति अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है। इसके साथ ही वे समाज के बुजुर्गों के साथ प्रेरक चर्चाएं आयोजित करते हैं, ताकि सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जा सके।
पहले भी मिल चुके हैं सम्मान
डॉ. कर्मवीर को उनके सामाजिक कार्यों के लिए पहले भी कई पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता का प्रथम पुरस्कार और नेशनल कांटिनेंटल लीडर अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
प्रेरणादायक जीवन यात्रा
डॉ. कर्मवीर ने बताया कि बचपन में उन्हें पढ़ाई के लिए पांच किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता था। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी के छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग कर युवा अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। उनकी पत्नी महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक के वाणिज्य विभाग में कार्यरत हैं।
डॉ. कर्मवीर के नेतृत्व में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने गांव-गांव जाकर नशामुक्ति अभियान चलाया, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है। इसके साथ ही वे समाज के बुजुर्गों के साथ प्रेरक चर्चाएं आयोजित करते हैं, ताकि सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा दिया जा सके।
पहले भी मिल चुके हैं सम्मान
डॉ. कर्मवीर को उनके सामाजिक कार्यों के लिए पहले भी कई पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें विश्वविद्यालय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता का प्रथम पुरस्कार और नेशनल कांटिनेंटल लीडर अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
प्रेरणादायक जीवन यात्रा
डॉ. कर्मवीर ने बताया कि बचपन में उन्हें पढ़ाई के लिए पांच किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता था। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी के छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग कर युवा अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। उनकी पत्नी महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक के वाणिज्य विभाग में कार्यरत हैं।