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महिला थाने में सुनवाई नहीं हुई तो बच्ची के साथ सड़क पर बैठी गर्भव

Wed, 12 May 2021 12:58 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 12 May 2021 12:58 AM IST
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Pregnant sitting on the road with the girl, if there was no hearing in the woman police station
झज्जर। सुसराल पक्ष के लोगों ने एक गर्भवती को घर से निकाल दिया। वह मंगलवार को गोद में बेटी को लेकर चिलचिलाती धूप के बीच कई किलोमीटर पैदल चलकर महिला पुलिस थाने पहुंची, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह बच्ची को लेकर सड़क पर बैठ गई और रोते हुए कहने लगी कि कार्रवाई करनी तो दूर महिला थाने में उसे पानी तक नहीं पीने दिया गया। राहगीरों से इस बात पता चलने पर महिला पुलिसकर्मी वहां पहुंची और उसे समझाकर वापस पुलिस थाने ले गई।
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दरअसल, गांव पाटोदा निवासी एक गर्भवती के ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। उसके चलते वह अपनी मासूम बच्ची के साथ गांव से पैदल चलकर कुलाना पहुंची और बाद में किसी वाहन से लिफ्ट लेकर झज्जर पहुंची। महिला का आरोप है कि यहां महिला थाने पहुंचते पर उसकी फरियाद सुनने की बजाय उसे कोरोना की महामारी का बहाना बनाकर थाने से बाहर निकाल दिया गया।
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पीड़िता का आरोप है कि महिला थाने में जब उसने पानी पीना चाहा तो वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उसके साथ दुर्व्यवहार करते हुए उसे थाने से बाहर निकाल दिया। उसके बाद ही पीड़िता महिला थाने से बाहर आकर चिलचिलाती धूप में सड़क पर बैठकर रोने लगी। रोते हुए वह धरने पर बैठ गई और न्याय की गुहार लगाती रही। बाद में राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को समझाबुझाकर थाने ले आई।
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महिला ने बताया कि चार बार माछरौली पुलिस थाने में शिकायत की, वहां भी हर बार पैसे लेकर उसे समझाकर घर भेज दिया जाता है। अब पति ने घर से निकाल दिया तो पैदल चलकर व किसी से लिफ्ट लेकर वह यहां पहुंची है। महिला पुलिस थाने में भी कार्रवाई नहीं हुई तो वह बेटी के साथ मरने के लिए सड़क पर बैठ गई।
पीड़िता ने बताया कि न्याय के लिए वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। जब पुलिस से उसे न्याय नहीं मिल पाया तो वह अपनी मासूम बच्ची के साथ पुलिस स्टेशन के सामने ही रोते-बिलखते हुए सड़क पर बैठ गई। इस दौरान उसने सड़क पर दौड़ रहे वाहनों के नीचे आकर जान देने का भी प्रयास किया, लेकिन मासूम बच्ची ने उसका हाथ पकड़कर खींच लिया गया। इसकी वजह से उसकी जान बच गई।

पाटोदा गांव से गर्भवती शिकायत के लिए आई थी। उसके ससुराल पक्ष के लोगों को पुलिस थाने बुलाया गया था। महिला व उसके पति का झगड़ा था। उन्हें समझाकर वापस घर भेज दिया गया है। ससुराल पक्ष के लोगों को उसे परेशान न करने की चेतावनी दी गई है।
- कविता, महिला पुलिस थाना प्रभारी, झज्जर।
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