{"_id":"5d6d78f98ebc3e01451c05a9","slug":"police-jhjhar-news-rtk515585020","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना हेलमेट स्कूटी दौड़ा रही थी महिला, पुलिसकर्मी ने रोका तो बोली : डीसी ऑफिस में हूं, कैसे रोका मुझे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना हेलमेट स्कूटी दौड़ा रही थी महिला, पुलिसकर्मी ने रोका तो बोली : डीसी ऑफिस में हूं, कैसे रोका मुझे
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मोटर व्हीक्ल एक्ट के नए नियमों के तहत सोमवार को दोपहर तक चालानिंग मशीनों में सॉफ्टवेयर अपडेट हो पाया। उसके बाद शाम तक चालान करने का दौर चला तो पहले दिन केवल 20 चालान किए गए। अमर उजाला टीम ने ट्रैफिक पुलिस के साथ एक घंटा रहकर शहर के लोगों का यातायात नियमों के प्रति रवैया जानने का प्रयास किया। इसी दौरान एक बिना हेल्मेट के एक महिला स्कूूटी पर सवार होकर पहुंची। पुलिसकर्मी ने जैसे ही महिला को रोका तो उसने कहा कि डीसी ऑफिस में हूं, मुझे कैसे रोका तुमने। पुलिसकर्मी ने इसके जवाब में कहा कि मैडम धमकी से नहीं, हेलमेट लगाने का काम चलेगा। इसके बाद महिला कर्मी से स्कूूटी की डिग्गी से हेलमेट निकाला और लगाकर वहां से चली गई।
शिक्षिका को पढ़ाया नियमों का पाठ
राव तुलाराम चौक से बिना हेलमेट लगाए दो शिक्षिका स्कूटी पर सवार होकर आई। पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें रोका तो वे परिचय देते हुए बोली कि हम टीचर हैं, हमें जाने दो। इस पर पुलिसकर्मियों ने कहा कि मैडम जी, आप स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हो और आप खुद ही यातायात नियम तोड़ रही हो। इस पर शिक्षिका ने सॉरी कहते हुए भविष्य में यातायात नियम नहीं तोड़ने की बात कहते हुए पीछा छुड़वाया।
चालान से ज्यादा जागरूकता पर फोकस
सोमवार को ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का चालान से ज्यादा नए मोटर व्हीकल एक्ट की जागरूकता पर फोकस रहा। बिना हेलमेट के पहुंचने वालों को चालान की बजाए नया हेल्मेट मौके पर ही मंगवाया तथा भविष्य में हेलमेट का प्रयोग करने को कहा। वहीं हर किस को नए एक्ट के बारे में भी समझाया जा रहा था।
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हाथ में था हेलमेट, रुकवाया तो पहना
वाहन चलाते समय शहर के लोग अपनी सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं हैं। लापरवाही का आलम यह नजर आया कि एक घंटे में पुलिस ने करीब 50 से अधिक बाइक व स्कूटी रुकवाई। हर दूसरे व्यक्ति के पास हेलमेट तो था लेकिन वो सिर पर नहीं बल्कि हाथ में। महिलाओं ने अपने हेलमेट स्कूटी की डिग्गी में रखे हुए थे। जब पुलिसकर्मी रुकवा रहे थे तो सभी लोग हेल्मेट पहन रहे थे। ऐसे में आमजन अपनी सुरक्षा को लेकर खुद ही सजग नहीं है।
नॉलेज: ट्रैफिक विभाग में सात के पास चालान की पावर
नए नियम के अनुसार अब ईएसआई रैंक तक का अधिकारी ही चालान कर सकता है। झज्जर ट्रैफिक पुलिस के पास तीन एसआई और चार ईएसएआई हैं। ऐसे में ट्रैफिक शाखा में सात लोगों को ही चालान की पावर है। वहीं अब चालान के नकद भुगतान का भी सिस्टम खत्म कर दिया गया है। चालान का भुगतान अब पूरी तरह कैशलेस सिस्टम के माध्यम से होगा।
वर्जन
नए मोटर व्हीक्ल एक्ट के तहत सोमवार को 20 चालान किए गए हैं। फिलहाल लोगों को जागरूक करने पर ज्यादा फोकस है। अगर फिर भी लोग नहीं समझते हैं तो सख्ती दिखाना पुलिस की मजबूरी होगी।
बलजीत सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज, झज्जर।
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शिक्षिका को पढ़ाया नियमों का पाठ
राव तुलाराम चौक से बिना हेलमेट लगाए दो शिक्षिका स्कूटी पर सवार होकर आई। पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें रोका तो वे परिचय देते हुए बोली कि हम टीचर हैं, हमें जाने दो। इस पर पुलिसकर्मियों ने कहा कि मैडम जी, आप स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हो और आप खुद ही यातायात नियम तोड़ रही हो। इस पर शिक्षिका ने सॉरी कहते हुए भविष्य में यातायात नियम नहीं तोड़ने की बात कहते हुए पीछा छुड़वाया।
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चालान से ज्यादा जागरूकता पर फोकस
सोमवार को ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का चालान से ज्यादा नए मोटर व्हीकल एक्ट की जागरूकता पर फोकस रहा। बिना हेलमेट के पहुंचने वालों को चालान की बजाए नया हेल्मेट मौके पर ही मंगवाया तथा भविष्य में हेलमेट का प्रयोग करने को कहा। वहीं हर किस को नए एक्ट के बारे में भी समझाया जा रहा था।
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हाथ में था हेलमेट, रुकवाया तो पहना
वाहन चलाते समय शहर के लोग अपनी सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं हैं। लापरवाही का आलम यह नजर आया कि एक घंटे में पुलिस ने करीब 50 से अधिक बाइक व स्कूटी रुकवाई। हर दूसरे व्यक्ति के पास हेलमेट तो था लेकिन वो सिर पर नहीं बल्कि हाथ में। महिलाओं ने अपने हेलमेट स्कूटी की डिग्गी में रखे हुए थे। जब पुलिसकर्मी रुकवा रहे थे तो सभी लोग हेल्मेट पहन रहे थे। ऐसे में आमजन अपनी सुरक्षा को लेकर खुद ही सजग नहीं है।
नॉलेज: ट्रैफिक विभाग में सात के पास चालान की पावर
नए नियम के अनुसार अब ईएसआई रैंक तक का अधिकारी ही चालान कर सकता है। झज्जर ट्रैफिक पुलिस के पास तीन एसआई और चार ईएसएआई हैं। ऐसे में ट्रैफिक शाखा में सात लोगों को ही चालान की पावर है। वहीं अब चालान के नकद भुगतान का भी सिस्टम खत्म कर दिया गया है। चालान का भुगतान अब पूरी तरह कैशलेस सिस्टम के माध्यम से होगा।
वर्जन
नए मोटर व्हीक्ल एक्ट के तहत सोमवार को 20 चालान किए गए हैं। फिलहाल लोगों को जागरूक करने पर ज्यादा फोकस है। अगर फिर भी लोग नहीं समझते हैं तो सख्ती दिखाना पुलिस की मजबूरी होगी।
बलजीत सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज, झज्जर।