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रेलवे ट्रैक पर जाने से रोका तो किसानों ने केएमपी फ्लाईओवर के नीचे शुरू किया धरना

Thu, 15 Aug 2019 12:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 15 Aug 2019 12:00 AM IST
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picketing of farmers
---फोटो 7 : रेलवे ट्रैक के पास धरने पर बैठे किसान। - - फोटो : Bahadurgarh
हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन के तहत आसौदा में रेलवे ट्रैक बाधित करने जा रहे आंदोलनकारी किसानाें को रेलवे ट्रैक से 100 मीटर पहले पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद किसान वहीं पर धरने पर बैठ गए। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से काफी समझाने के बाद भी किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। बोले कि अगर रात दस बजे तक स्थानीय प्रशासन उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक सुनिश्चित नहीं कराता है तो 15 अगस्त को वे तिरंगा थामकर रेलवे ट्रैक पर बैठ जाएंगे। सुबह 4 बजे से ही बड़ी संख्या में किसान रेलवे ट्रैक के पास जुट गए। सुबह करीब सात बजे जब आसौदा में रेलवे ट्रैक के नजदीक पहुंचे तो लाइन से 100 मीटर पहले ही पुलिस ने इनको रोक लिया। ऐसे में किसानों ने आसौदा-रोहतक मार्ग पर केएमपी फ्लाईओवर के नीचे धरना शुरू कर दिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रमेश दलाल ने बताया कि जब तक प्रशासन व पुलिस बल मौके पर मौजूद है, किसान रेलवे ट्रैक को नहीं रोकेंगे तथा पुलिस बल के जाते ही किसान रेलवे ट्रैक को रोकने का काम करेंगे। ऐसे में अब किसानों दिन रात वहीं रुकने का फैसला कर लिया है।
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अधिकारियों की एक भी नहीं सुनीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए दोपहर करीब डेढ़ बजे झज्जर उपायुक्त संजय जून, एसएसपी अशोक कुमार, एसडीएम तरुण पावरिया सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। शाम तक अधिकारी किसानों को समझाते रहे लेकिन किसान अपनी बात पर अड़े रहे। आसौदा थाना पुलिस व राजकीय रेलवे पुलिस भी पूरी तरह से मुस्तैद रही।
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किसान बोले, आज रेलवे ट्रैक पर बैठ जाएंगे
किसान नेता रमेश दलाल ने बताया कि झज्जर उपायुक्त को स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि आंदोलन की जो मांगें उनके अधिकार क्षेत्र में आती हैं उसके लिए वह जल्द निर्णय करके बताए। बाकी मांगों के लिए मुख्यमंत्री व उच्च अधिकारियों से 15 अगस्त को ही वार्ता सुनिश्चित करके बताए। किसानों के प्रतिनिधिमंडल व मुख्यमंत्री के बीच 15 अगस्त को वार्ता का समय निश्चित करने के लिए उपायुक्त को रात्रि तक का समय दिया गया है। अगर रात्रि 10 बजे तक उन्हें सरकार या झज्जर उपायुक्त से मुख्यमंत्री व अन्य उच्च अधिकारियों से 15 अगस्त की वार्ता को लेकर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो किसान 15 अगस्त को तिरंगा हाथ में लेकर रेलवे ट्रैक पर जा कर बैठ जाएंगे।
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