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जटवाड़ा में था कड़ा मुकाबला, 7 वोटों से हुई जीत
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
Updated Mon, 18 Jan 2016 01:45 AM IST
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पंचायत चुनाव में सबसे कड़ा मुकाबला साल्हावास खंड के गांव जटवाड़ा
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में हुआ है। यहां सरपंच का पद महिला के लिए आरक्षित था। कड़े मुकाबले में
यहां कक्षा 8 तक पढ़ी राजबाला को केवल 7 वोटों से जीत मिली। उनको राजो देवी
ने कड़ी टक्कर दी है।
इसी खंड के गांव बिठला में राकेश कुमार को केवल 36 वोटों से विजय मिली। उनको कुल 446 वोट मिले। गांव जटवाड़ा में कुल 884 वोटें थी।
मतदान के लिए गांव के प्राइमरी स्कूल में दो मतदान केंद्र बनाए गए थे। रविवार को मतदान हुआ तो यहां 90 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट का इस्तेमाल कर चुनाव को कड़ा कर दिया।
चुनाव राजबाला व राजदेवी के बीच था। दोनों में से कौन जीतेगा, इस पर अंतिम क्षण तक संयाय बना रहा। गांव में बूथ 79 पर 540 मे से 483 और बूथ 80 पर 436 वोटों में से 401 वोट पोल हुई। इनमें से राजबाला को 387 और राजदेवी को 380 वोट मिली। राजबाला को केवल 7 वोटों से सरपंच चुना गया।
पढ़े लिखे सरपंचों में मातनहेल का दबदबा
पढ़े लिखे सरपंच तो सभी गांवों में मिले हैं, लेकिन बात अधिक पढ़े लिखों की करें तो इसमें मातनहेल का दबदबा है। तीन खंडों बेरी, मातनहेल व साल्हावास में कुल 10 सरपंच ग्रेजुएट चुने गए हैं और इनमें अकेले 7 ग्रेजुएट मातनहेल खंड में हैं।
साल्हावास में केवल एक ग्रेजुएट है तो वहीं बेरी में 2 ग्रेजुएट को सरपंच चुना गया है। तीनों खंडों में इनके अलावा 12 सरपंच 12वीं पास, 75 सरपचं दसवीं पास और 19 सरपंच आठवीं पास है।
बात 12वीं पास सरपंचों की करें तो इसमें साल्हावास आगे है। यहां 12वीं पास पांच सरपंच हैं, जबकि मातनहेल में 4 व बेरी में 3 सरपंच 12वीं पास चुने गए हैं।
इसी खंड के गांव बिठला में राकेश कुमार को केवल 36 वोटों से विजय मिली। उनको कुल 446 वोट मिले। गांव जटवाड़ा में कुल 884 वोटें थी।
मतदान के लिए गांव के प्राइमरी स्कूल में दो मतदान केंद्र बनाए गए थे। रविवार को मतदान हुआ तो यहां 90 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट का इस्तेमाल कर चुनाव को कड़ा कर दिया।
चुनाव राजबाला व राजदेवी के बीच था। दोनों में से कौन जीतेगा, इस पर अंतिम क्षण तक संयाय बना रहा। गांव में बूथ 79 पर 540 मे से 483 और बूथ 80 पर 436 वोटों में से 401 वोट पोल हुई। इनमें से राजबाला को 387 और राजदेवी को 380 वोट मिली। राजबाला को केवल 7 वोटों से सरपंच चुना गया।
पढ़े लिखे सरपंचों में मातनहेल का दबदबा
पढ़े लिखे सरपंच तो सभी गांवों में मिले हैं, लेकिन बात अधिक पढ़े लिखों की करें तो इसमें मातनहेल का दबदबा है। तीन खंडों बेरी, मातनहेल व साल्हावास में कुल 10 सरपंच ग्रेजुएट चुने गए हैं और इनमें अकेले 7 ग्रेजुएट मातनहेल खंड में हैं।
साल्हावास में केवल एक ग्रेजुएट है तो वहीं बेरी में 2 ग्रेजुएट को सरपंच चुना गया है। तीनों खंडों में इनके अलावा 12 सरपंच 12वीं पास, 75 सरपचं दसवीं पास और 19 सरपंच आठवीं पास है।
बात 12वीं पास सरपंचों की करें तो इसमें साल्हावास आगे है। यहां 12वीं पास पांच सरपंच हैं, जबकि मातनहेल में 4 व बेरी में 3 सरपंच 12वीं पास चुने गए हैं।