फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   not land found thats why highway projest late

जमीन नहीं मिलने से अटका रोड़ा, खटाई में छुछकवास बाईपास प्रोजेक्ट

Mon, 22 May 2017 12:17 AM IST
amarujala/ jhajjar
amarujala/ jhajjar Updated Mon, 22 May 2017 12:17 AM IST
विज्ञापन
छुछकवास चौक पर जाम से लगने वाले जाम से निपटने के लिए छुछकवास गांव में बाईपास बनाया जाना है। पीडब्ल्यूडी विभाग का यह प्रोजेक्ट जमीन नहीं मिलने के कारण अटक गया है क्योंकि किसान क्लेक्टर रेट पर जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं। इसके चलते बाईपास की आस छुछकवास और झाड़ली प्लांट पर रूटीन में जाने वाले ट्रक चालकों के लिए धुंधली होती दिख रही है। हालांकि विभागीय अधिकारी अभी दावा कर रहे हैं कि उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है। छुछकवास प्रोजेक्ट क्षेत्र के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस जगह पर लोगों को हर रोज घंटो जाम में फंसा रहना पड़ता है। इसके चलते गंतव्य तक पहुंचने के लिए आसपास के लोग तो अब दूसरे रास्तों का प्रयोग करने लगे हैं।
विज्ञापन

14 दिसंबर को सीएम ने की थी घोषणा
बाईपास प्रोजेक्ट के लिए सीएम ने मातनहेल में हुई रैली के दौरान 14 दिसंबर 2016 को घोषणा की थी। घोषणा के दौरान सीएम ने साफ किया था कि अगर जमीन मिली तो बाईपास प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाया जाएगा। सीएम ने घोषणा के दौरान कहा था कि वे किसी किसान की जमीन को पूर्व की सरकारों की तरह अधिग्रहित नहीं करेगा। अधिकारियों के द्वारा प्रोजेक्ट तो तैयार किया गया लेकिन धरातल पर जो प्रयास किए जाने थे, वो अभी तक होते नहीं दिख रहे। हालांकि सरकार द्वारा अभी तक किसानों को क्लेक्टर रेट पर 20 प्रतिशत प्रीमीयम का ऑफर दिया गया है लेकिन किसान जमीन देते नहीं दिख रहे।
विज्ञापन

6.85 किलोमीटर है बाईपास का दायरा
ट्रैफिक कंट्रोल के लिए बनाया जा रहा यह बाईपास विभाग के अनुसार 6.85 किलोमीटर लंबा है। बाईपास फोरलेन होने के कारण इसकी चौड़ाई को 45 मीटर रखा गया है। इसके चलते छुछकवास गांव के चारों तरफ पड़ने वाले जमीन से करीब 95 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। अगर बाईपास प्रोजेक्ट सिरे चढ़ता है तो ट्रैफिक की समस्या से लोगों को छुटकारा मिल जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसलिए जरूरी है बाईपास प्रोजेक्ट
छुछकवास बाईपास प्रोजेक्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि छुछकवास चौक से दादरी, कोसली, मातनेहल, झज्जर व जहाजगढ़ होते हुए बेरी को रास्ते जाते हैं। वहीं, झाड़ली पावर प्लांट के लिए भी झज्जर की ओर से जाने वाले वाहनों को इसी चौक से होकर गुजरना पड़ता है। छुछकवास चौकी पर भारी वाहनों का बड़ा लोड रहता है, जिसके चलते यहां आए दिन जाम की समस्या रहती है।
ये बोले छुछकवास के लोग
1. दुकानदार कपिल का कहना है कि बाईपास की घोषणा होने से उन्हें उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें हर रोज के जाम से छुटकारा मिल जाएगा। लेकिन बाईपास के लिए जमीन नहीं मिलने की बात पता लगी तो उम्मीदें टूटती दिख रही हैं।
2. निजी बस परिचालक सतबीर ने बताया कि सुबह-सुबह स्कूली बसें छुछकवास चौक पर जाम में फंसी रहती हैं, जिसके चलते बच्चे स्कूलों में लेट पहुंचते हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई भी चौक पर लगने वाले जाम की वजह से प्रभावित हो रही है।
3. दुकानदार रणबीर का कहना है कि रोज-रोज लगने वाले जाम की वजह से चौक के दुकानदारों का धंधा चौपट हो रहा है। किसानों को अधिक पैसे देकर बाईपास के लिए जमीन ली जानी चाहिए।
4. दुकानदार पंकज ने कहा कि जाम से केवल बाईपास ही बचा सकता है। बाईपास की जमीन के लिए अधिकारियों को और अधिक प्रयास किए जाने चाहिएं। अगर यहां पर बाईपास नहीं बनता है तो दिनोंदिन समस्या बढ़ती जा रही है।

वर्जन
किसानों से जमीन मिलने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है, किसानों को मनाने का प्रयास वे लगातार जारी रखेंगे। वहीं उच्च अधिकारियों को भी इस बारे में अवगत करवाया जा चुका है। जमीन के रेट को लेकर तो मुख्यालय के द्वारा ही फैसला किया जाना है।
-एसएस दलाल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed