सुनसान पड़े रहने वाले चौकों पर बढ़ी चहल-कदमी
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नया बस अड्डा शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर बनाए जाने पर भले ही पुराने बस अड्डा क्षेत्र के दुकानदार कामकाज ठप्प होने की बात कह रहे हो, लेकिन सच्चाई यह है कि बस अड्डा शहर से दूर जाने पर शहर की रौनक बढ़ी है। शहर के उन चौक-चौराहों पर भी काफी संख्या में लोग खड़े रहते है, जहां एक या दो व्यक्ति भी दिखाई नहीं देते थे। शहर के छिकारा चौक, भगत सिंह चौक, जहांआरा बाग स्टेडियम मोड़, धौड़ चौक, सरकुलर रोड सहित तमाम चौक-चौराहों पर सुबह से ही लोगों की आवाजाही रहते है, क्योंकि बस अड्डा रोहतक रोड पर शहर से करीब तीन किलोमीटर दूरी पर बना है।
ऐसे में दिल्ली, सोनीपत, बादली, गुड़गांव, दादरी, कोसली, बहूझोलरी सहित अन्य रूटों पर जाने वाले लोग बस स्टैंड जाने की बजाए, चौक-चौराहों पर ही बसों का इंतजार करते है। ऐसे में इन चौक- चौराहों पर रौनक बढ़ गई। साथ में रोजगार भी बढ़ा है। काफी संख्या में रेहड़ी वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों की रेहड़ियां लगाते है, जबकि जहांआरा बाग स्टेडियम मोड़ पर तो पूरा बाजार सा ही बन गया है। ऐसे में शहर में चहल-कदमी बढ़ी है और पूरे शहर के चौक-चौराहों पर रौनक दिखाई देती है। जिसके चलते झज्जर शहर भी बड़ा-बड़ा सा प्रतीत होने लगा है। स्थानीय निवासी रमेश, संजय कहते है कि पहले सिर्फ अंबेडकर चौक और रावतुलाराम चौक पर ही भीड़ दिखाई देती थी और रेहड़ी आदि भी वहीं लगती थी, लेकिन अब पूरे शहर के चौक-चौराहों की रोनक बढ़ी है। किसी भी समय देखो, चाहे दोपहर में या फिर शाम या अलसुबह विभिन्न चौक-चौराहों पर चहल-कदमी होती है। ऐसा देखकर अच्छा लगता है कि शहर विकसित होने लगा है।