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विदेशी धरती पर नेहा ने फिर लहराया परचम
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नेहा पिलानिया व विजेता खिलाड़ी अपना पदक दिखाते हुए। फाइल फोटो
- फोटो : Jhjhar
झज्जर। जिले के खानपुर खुर्द गांव की लाडली नेहा पिलानिया ने एक बार फिर से विदेशी धरती पर तिरंगे का मान बढ़ाया है। साउथ यूरोप के मॉन्टेनीग्रो में रविवार को सम्पन्न हुई अंतरराष्ट्रीय महिला एवं पुरुष मुक्केबाजी प्रतियोगिता के 54 किलोग्राम भारवर्ग में नेहा ने कांस्य पदक जीत लिया। इससे अप्रैल में होने वाली वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में पोलैंड जाने के लिए उनका टिकट पक्का हो गया है। हिसार के आर्मी स्कूल में पढ़ने वाली नेहा कई बार विदेशी की धरती पर पदक जीत चुकी हैं।
राष्ट्रपति बाल शक्ति पुरस्कार से हो चुकी हैं सम्मानित
नेहा पिलानिया को पिछले साल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा था और वह गणतंत्र दिवस पर परेड का हिस्सा भी बनी थी। जिसके बाद नेहा को सेना ने हिसार कैंट में भी सम्मानित किया था। फिलहाल उनका परिवार हिसार में रह रहा है और नेहा पिलानिया रोहतक के नेशनल बॉक्सिंग एकेडमी में अभ्यास कर रही हैं।
सबसे कम उम्र में सबसे अधिक पदक जीतने पर किया था सम्मानित
जनवरी 2020 में नेहा ने सबसे कम उम्र में बॉक्सिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पदक जीतने का श्रेय प्राप्त किया था। इस उपलब्धि पर उन्हें भारत सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा गया। नेहा को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 22 जनवरी 2020 को इस पुरस्कार से सम्मानित किया था। भारतीय सेना की हिसार छावनी में स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में 12वीं कक्षा में शिक्षा ग्रहण करने वाली नेहा पिलानिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांच पदक जीत चुकी हैं। वह सितंबर 2018 में पोलैंड में आयोजित हुई आठवीं अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, स्पेन में अप्रैल 2019 में आयोजित हुए इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल, जर्मनी में जून 2019 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल व बेस्ट बॉक्सर का अवॉर्ड जीत चुकी हैं। इसके अलावा वह अक्तूबर 2019 में यूएई में आयोजित जूनियर वुमन एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। इससे पहले वह राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पदक प्राप्त कर चुकी हैं। नेहा के पिता बलजीत सिंह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। नेहा की मां रीना बेटी के साथ रहकर उसका हौसला बढ़ाती हैं।
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राष्ट्रपति बाल शक्ति पुरस्कार से हो चुकी हैं सम्मानित
नेहा पिलानिया को पिछले साल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा था और वह गणतंत्र दिवस पर परेड का हिस्सा भी बनी थी। जिसके बाद नेहा को सेना ने हिसार कैंट में भी सम्मानित किया था। फिलहाल उनका परिवार हिसार में रह रहा है और नेहा पिलानिया रोहतक के नेशनल बॉक्सिंग एकेडमी में अभ्यास कर रही हैं।
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सबसे कम उम्र में सबसे अधिक पदक जीतने पर किया था सम्मानित
जनवरी 2020 में नेहा ने सबसे कम उम्र में बॉक्सिंग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पदक जीतने का श्रेय प्राप्त किया था। इस उपलब्धि पर उन्हें भारत सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार से नवाजा गया। नेहा को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 22 जनवरी 2020 को इस पुरस्कार से सम्मानित किया था। भारतीय सेना की हिसार छावनी में स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में 12वीं कक्षा में शिक्षा ग्रहण करने वाली नेहा पिलानिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांच पदक जीत चुकी हैं। वह सितंबर 2018 में पोलैंड में आयोजित हुई आठवीं अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, स्पेन में अप्रैल 2019 में आयोजित हुए इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल, जर्मनी में जून 2019 में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल व बेस्ट बॉक्सर का अवॉर्ड जीत चुकी हैं। इसके अलावा वह अक्तूबर 2019 में यूएई में आयोजित जूनियर वुमन एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। इससे पहले वह राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पदक प्राप्त कर चुकी हैं। नेहा के पिता बलजीत सिंह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। नेहा की मां रीना बेटी के साथ रहकर उसका हौसला बढ़ाती हैं।
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