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Jhajjar-Bahadurgarh News: आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए फील्ड में निगरानी टीमें गठित

Mon, 21 Apr 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़ Updated Mon, 21 Apr 2025 12:50 AM IST
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Monitoring teams have been formed in the field to prevent incidents of fire
झज्जर। जिला प्रशासन ने गेहूं की कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष (फाने) जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए पूरी गंभीरता है। जिले में फसल अवशेषों को आग लगाना भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधित है और ऐसे मामलों में सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत कार्रवाई करते हुए कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगा।
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फसल अवशेष जलाने से आग अनियंत्रित हो जाती है और साथ लगते खेत में खड़ी पकी हुई फसल आग की चपेट में आ जाती है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होता है। डीसी ने संबंधित एसडीएम और विभागीय अधिकारियों को फील्ड में निरंतर निगरानी रखने के कड़े आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हर आगजनी की घटना की जवाबदेही तय होगी। इसलिए अधिकारी सजग और सतर्क होकर कार्य करें। आगजनी से फसलों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। उपायुक्त प्रदीप दहिया ने स्पष्ट किया है कि खेतों में फसल अवशेष जलाना न केवल पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि यह एक दंडनीय अपराध भी है। इस पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निगरानी व नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था की गई है। डीसी ने आमजन से आह्वान करते हुए कहा कि वे इस विषय पर प्रशासन का सहयोग करें और कहीं भी फसल अवशेष या गेहूं के फाने जलते हुए देखें तो तुरंत डायल 112 या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें।
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112 पर करें सूचना, तत्काल होगी कार्रवाई
डीसी दहिया ने आमजन और किसानों से अपील की है कि यदि कहीं भी फसल अवशेष जलाने की घटना नजर आती है तो तुरंत डायल 112 या जिला प्रशासन के अधिकारियों को सूचित करें ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य किया जा सके और पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।
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सख्त कार्रवाई का प्रावधान
फसलों के अवशेष जलाने के मामलों में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, वायु (प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम, और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत भी फसल अवशेष जलाना प्रतिबंधित है। साथ ही, आरोपी की सब्सिडी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी रोका जा सकता है।
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