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जर्जर भवन में चल रहा सैनिक बोर्ड कार्यालय, गिर चुका है लेंटर का हिस्सा
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भवन के लेंटर का गिरा हुआ हिस्सा।
- फोटो : Jhjhar
जिला सैनिक बोर्ड एवं सैनिक विश्राम गृह का भवन जर्जर हो चुका है। जिला सैनिक बोर्ड के कर्मचारी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। वहीं जिले भर से सैनिक बोर्ड से संबंधित कामकाज के लिए पूर्व सैनिक और उनके परिजन भी यहां हर रोज आते रहते हैं। इस भवन के जर्जर होने के कारण कई बार इसके लेंटर के टुकड़े टूटकर गिर चुके हैं और कर्मचारी बाल-बाल बच चुके हैं। फिलहाल भवन की छत के लेंटर के टुकड़े फूले हुए हैं, जिनकी वजह से किसी भी समय कोई बड़ी घटना हो सकती है। पूर्व सैनिकों के ठहरने के लिए बनाए गए विश्राम गृह की भी यही स्थिति है। इसकी छत भी पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है। इसके छज्जों के हिस्सों में दरार आ चुकी हैं और कई स्थानों से गिर भी चुके हैं। लेकिन भवन निर्माण के लिए मुख्यालय को भी कई बार लिखा जा चुका है। फिलहाल इस भवन की ड्राइंग व एस्टीमेट तक तैयार नहीं हो पाया है। जिला बनने से करीब 20 साल पूर्व इस भवन का पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए निर्माण किया गया था।
उपायुक्त निवास व कैंप कार्यालय भी रह चुका है भवन
15 जुलाई 1997 को झज्जर को जिला बनाया गया था। उसके बाद से लघु सचिवालय व उपायुक्त निवास का निर्माण होनेे तक इस भवन का उपायुक्त निवास व कैंप कार्यालय के रूप में प्रयोग किया गया था। उसके बाद इसे जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय को दे दिया गया था। अब इस भवन को जिला सैनिक बोर्ड का कार्यालय व सैनिक विश्राम गृह के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।
41 साल पूर्व हुआ था भवन का निर्माण
जिला सैनिक बोर्ड व सैनिक विश्राम गृह का निर्माण वर्ष 1979 में किया गया था। तत्कालीन राज्यपाल सरदार हरचरण सिंह बरार ने 7 नवंबर 1979 को इसका उद्घाटन किया था। उस समय झज्जर जिला नहीं बल्कि रोहतक जिले का उपमंडल होता था। इस भवन में शहीद स्मारक का निर्माण भी किया गया है। इस भवन की हालत अब पूरी तरह से दयनीय हो चुकी है और किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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नए भवन के निर्माण के लिए सरकार की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है। इस भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
अमन यादव, सचिव, जिला सैनिक बोर्ड, झज्जर।
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उपायुक्त निवास व कैंप कार्यालय भी रह चुका है भवन
15 जुलाई 1997 को झज्जर को जिला बनाया गया था। उसके बाद से लघु सचिवालय व उपायुक्त निवास का निर्माण होनेे तक इस भवन का उपायुक्त निवास व कैंप कार्यालय के रूप में प्रयोग किया गया था। उसके बाद इसे जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय को दे दिया गया था। अब इस भवन को जिला सैनिक बोर्ड का कार्यालय व सैनिक विश्राम गृह के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।
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41 साल पूर्व हुआ था भवन का निर्माण
जिला सैनिक बोर्ड व सैनिक विश्राम गृह का निर्माण वर्ष 1979 में किया गया था। तत्कालीन राज्यपाल सरदार हरचरण सिंह बरार ने 7 नवंबर 1979 को इसका उद्घाटन किया था। उस समय झज्जर जिला नहीं बल्कि रोहतक जिले का उपमंडल होता था। इस भवन में शहीद स्मारक का निर्माण भी किया गया है। इस भवन की हालत अब पूरी तरह से दयनीय हो चुकी है और किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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नए भवन के निर्माण के लिए सरकार की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है। इस भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
अमन यादव, सचिव, जिला सैनिक बोर्ड, झज्जर।