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Jhajjar-Bahadurgarh News: सामान्य से छह डिग्री अधिक पहुंचा पारा, गेहूं की फसल में पकाव प्रभावित होने की आशंका
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फोटो संख्या:64-अधिक तापमान के चलते पीली पड़ी गेंहू की बालियां--संवाद
महेंद्रगढ़। मार्च के पहले पखवाड़े में सामान्य से छह डिग्री अधिक चल रहे अधिकतम तापमान व तेज धूप के कारण गेहूं की फसल में पकाव प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इस समय जिले में 70 हजार एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल में बालियां बन चुकी हैं और बालियों में दाना बनना शुरू हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की फसल में पकाव के समय 21 से 26 डिग्री तापमान अनुकूल माना जाता है लेकिन पिछले एक सप्ताह से सामान्य से अधिक चल रहे तापमान के कारण तेजी से खेतों की नमी सूख रही है।
कृषि विशेषज्ञों की ओर से खेतों में हल्की सिंचाई कर नमी की मात्रा उचित बनाए रखने की सलाह दी जाती है। मार्च के प्रथम पखवाड़े में औसतन तापमान 25 से 30 डिग्री के आसपास रहता है जो गेहूं के अच्छे पकाव व बालियों के भराव के लिए उचित है।
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इस बार अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री तक पहुंच चुका है। फसल में पत्तियों तेजी से सूख रही हैं और बालियों का विकास भी प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। दिन के समय चलने वाली हल्की गर्म हवाओं के कारण भी खेतों से नमी तेजी से सूखने लगी है जिससे बालियां भी पीली पड़नी शुरू हो गई हैं।
गांव अगिहार निवासी किसान देवेंद्र सिंह, पाथेड़ा निवासी रामकिशन, झूक निवासी रमेश यादव, मालड़ा निवासी धर्मबीर यादव ने बताया कि मार्च के पहले पखवाड़े में इस बार गर्मी की अधिकता के चलते बालियाें में दाना पकने की प्रक्रिया की रफ्तार थम गई है।
फसल की इस बार अच्छी बढ़वार होने से दिन के समय सिंचाई करने से गिरने का भय बना रहता है। कृषि बिजली आपूर्ति दिन व रात को बारी-बारी से होती है जिसके कारण रात के समय पूरे खेतों में एक साथ सिंचाई करना संभव नहीं है। हल्की गर्म हवाओं से गेहूं की नीचे की पत्तियां सूखने लगी हैं। दाने का पूरा भराव नहीं होने से उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है।
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वर्जन
30 डिग्री से अधिक तापमान हो तो किसान हल्की सिंचाई कर खेतों में उचित नमी की मात्रा रखें। दो किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट 13.0.45 का 150 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे कर सकते हैं। दिन के समय गहरी सिंचाई से फसल गिरने का भय बना रहेगा। संभव हो तो रात के समय ही सिंचाई करें या दिन में करनी है तो फिर हल्की सिंचाई कर नमी की मात्रा उचित बना सकते हैं। -डॉ. अजय यादव, उपमंडल अधिकारी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग महेंद्रगढ़।
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विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की फसल में पकाव के समय 21 से 26 डिग्री तापमान अनुकूल माना जाता है लेकिन पिछले एक सप्ताह से सामान्य से अधिक चल रहे तापमान के कारण तेजी से खेतों की नमी सूख रही है।
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कृषि विशेषज्ञों की ओर से खेतों में हल्की सिंचाई कर नमी की मात्रा उचित बनाए रखने की सलाह दी जाती है। मार्च के प्रथम पखवाड़े में औसतन तापमान 25 से 30 डिग्री के आसपास रहता है जो गेहूं के अच्छे पकाव व बालियों के भराव के लिए उचित है।
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इस बार अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री तक पहुंच चुका है। फसल में पत्तियों तेजी से सूख रही हैं और बालियों का विकास भी प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। दिन के समय चलने वाली हल्की गर्म हवाओं के कारण भी खेतों से नमी तेजी से सूखने लगी है जिससे बालियां भी पीली पड़नी शुरू हो गई हैं।
गांव अगिहार निवासी किसान देवेंद्र सिंह, पाथेड़ा निवासी रामकिशन, झूक निवासी रमेश यादव, मालड़ा निवासी धर्मबीर यादव ने बताया कि मार्च के पहले पखवाड़े में इस बार गर्मी की अधिकता के चलते बालियाें में दाना पकने की प्रक्रिया की रफ्तार थम गई है।
फसल की इस बार अच्छी बढ़वार होने से दिन के समय सिंचाई करने से गिरने का भय बना रहता है। कृषि बिजली आपूर्ति दिन व रात को बारी-बारी से होती है जिसके कारण रात के समय पूरे खेतों में एक साथ सिंचाई करना संभव नहीं है। हल्की गर्म हवाओं से गेहूं की नीचे की पत्तियां सूखने लगी हैं। दाने का पूरा भराव नहीं होने से उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है।
वर्जन
30 डिग्री से अधिक तापमान हो तो किसान हल्की सिंचाई कर खेतों में उचित नमी की मात्रा रखें। दो किलोग्राम पोटेशियम नाइट्रेट 13.0.45 का 150 लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे कर सकते हैं। दिन के समय गहरी सिंचाई से फसल गिरने का भय बना रहेगा। संभव हो तो रात के समय ही सिंचाई करें या दिन में करनी है तो फिर हल्की सिंचाई कर नमी की मात्रा उचित बना सकते हैं। -डॉ. अजय यादव, उपमंडल अधिकारी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग महेंद्रगढ़।