फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   martyr last rites performed in Jhajjar with slogans of Karn Amar Rahe brother Arjun and son Honey lit pyre

Jhajjar: कर्ण अमर रहे के नारों के साथ हुआ शहीद का अंतिम संस्कार, भाई अर्जुन व बेटे हन्नी ने दी मुख़ाग्नि

Thu, 05 Sep 2024 02:05 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Thu, 05 Sep 2024 02:05 PM IST
सार

शहीद कर्ण सिंह पार्थिव शव को सीधे एम्बुलेंस में घर ले जाया गया, जहां शव को देखकर मां सुमित्रा देवी और बहन बेसुध हो गई। मां और बहनों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। पार्थिव शरीर को जैसे ही घर की बैठक में रखा तो मां और बहन उसे निहारती रही।

विज्ञापन
martyr last rites performed in Jhajjar with slogans of Karn Amar Rahe brother Arjun and son Honey lit pyre
बेटे हन्नी ने दी मुख़ाग्नि - फोटो : संवाद

विस्तार

झज्जर के डावला गांव निवासी शहीद कर्ण सिंह का शव वीरवार सुबह झज्जर पहुंचा। बादली बाईपास से काफिले में शव को गांव तक लाया गया। जैसे ही शहीद का शव गांव पहुंचा तो गांव के बस स्टैंड पर लोगों की भीड़ ने भारत माता की जय, कर्ण अमर रहे के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजाएमान कर दिया। शहीद के शव साथ भाई अर्जुन और भारतीय नेवी के जवान साथ थे।

विज्ञापन


पार्थिव शव को सीधे एम्बुलेंस में घर ले जाया गया, जहां शव को देखकर मां सुमित्रा देवी और बहन बेसुध हो गई। मां और बहनों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। पार्थिव शरीर को जैसे ही घर की बैठक में रखा तो मां और बहन उसे निहारती रही। हर किसी की आंखों नें आंसू थे। उसके बाद पार्थिव शरीर को तागे वाले तालाब पर लाया गया, जहां जवानों ने पहले मातमी धुन बजाई और उसके बाद हवाई फायर कर सलामी दी गई। पूर्व मंत्री ओमप्रकाश धनखड़, विधायक कुलदीप वत्स, डीसी शक्ति सिंह सहित नेवी के साथ आए जवानों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।
विज्ञापन




भाई और बेटे ने दी मुख़ाग्नि 
श्रद्धांजलि देने के बाद शहीद को अंतिम विदाई दी गई। शहीद को उसके भाई अर्जुन और 8 माह के बेटे हन्नी ने मुख़ाग्नि दी। इससे पहले नेवी के जवानों ने शहीद की मां सुमित्रा और भाई अर्जुन को तिरंगा सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मां ने तीन बार दी सलामी
अपने शहीद बेटे को मां सुमित्रा ने तीन बार जोर से पैर जमीन पर एक जवान की तरह अंतिम सलामी दी। मां की आंखों नें आंसू तो थे ही, साथ ही मां को अपने बेटे की कुर्बानी पर गर्व भी था।

हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और झज्जर के विधायक कुलदीप वत्स ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद की वीरता और देश के प्रति उनके समर्पण को सलाम किया। पूर्व मंत्री धनखड़ ने कहा कि शहीद ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, और हम हमेशा उनके ऋणी रहेंगे। उनका बलिदान हमें प्रेरित करता रहेगा।

विधायक कुलदीप वत्स ने भी शहीद के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि झज्जर का यह वीर सपूत हमेशा हमारी यादों में रहेगा। पूरा देश उनके बलिदान को कभी नहीं भुला पाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed