झज्जर: संघर्षपूर्ण रहा अमन का जीवन, 11 साल पहले उठ गया मां-बाप का साया, विश्व कुश्ती में रचा इतिहास
चाचा, ताऊ और दादा ने मिलकर अमन की परवरिश की है। अमन बोले कि अब उनका लक्ष्य पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। बिरहोड़ के अमन ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में तुर्की के पहलवान को 12-4 से पराजित कर पदक जीता है।
विस्तार
बिरहोड़ गांव के लाडले अमन सहरावत का जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है। अमन के पिता सोमबीर सहरावत और मां कमलेश का 11 साल पहले निधन हो चुका है। इसके बावजूद अमन ने हार नहीं मानी और लगातार आगे बढ़ते चले गए।
19 वर्षीय फ्री स्टाइल पहलवान अमन सहरावत ने स्पेन में चल रही 23वीं विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के 57 किलो भार वर्ग में तुर्की के पहलवान अहमद टुमान को 12-4 से पराजित किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमन का यह चौथा पदक है। इससे पहले उन्होंने अल्माटी में स्वर्ण पदक, दान कोलाव में रजत और यासर दोगू में कांस्य पदक जीता है। बेटे की इस उपलब्धि पर गांव में खुशी की लहर है।
अमन ने प्राथमिक स्तर की शिक्षा कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल बिरड़ से प्राप्त की। आठ वर्षीय अमन को जब परिजनों ने दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में भेजने की योजना बनाई, तब दिल्ली जाने से छह महीने पूर्व उनकी माता का निधन हो गया और दिल्ली जाने के छह महीने बाद उनके पिता का निधन हो गया। वह फिलहाल छत्रसाल स्टेडियम दिल्ली में सतपाल महाबली पहलवान से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
अमन साधारण किसान परिवार से हैं। उनके हिस्से में केवल ढाई एकड़ जमीन आती है। माता-पिता के निधन के बाद अमन की परवरिश उनके चाचा-ताऊ व दादा ने मिलकर की। अमन की बहन पूजा फिलहाल 12वीं कक्षा में पढ़ रही है। वर्तमान में अमन के दादा मांगेराम, उनके ताऊ सुधीर, जयवीर व चाचा रणवीर, कर्मवीर, वेद प्रकाश आदि परिजन गांव से दो किलोमीटर दूर नौगांव की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते पर बनी छोटी सी ढाणी में रहते हैं।
घर में है बिजली और पेयजल की समस्या
अमन सहरावत के दादा मांगेराम ने बताया कि वे खेतों में बनी ढाणी में रहते हैं। जहां पर ट्यूबवेल के लिए दी जाने वाली बिजली की सप्लाई आती है। बिजली की सप्लाई तीन दिन तक दिन में छह घंटे के लिए दी जाती है और तीन दिन रात के समय छह घंटे के लिए दी जाती है। पेयजल के लिए उन्हें पड़ोसियों के ट्यूबवेल पर जाना पड़ता है क्योंकि उनके के खेेत के ट्यूबवेल का पानी बिल्कुल खारा है, जो पीने के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि गांव की बिजली की सप्लाई उनसे 700 मीटर की दूरी पर है। यदि वहां से उन्हें बिजली उपलब्ध करवा दी जाए तो कुछ सुधार हो सकता है।
रेलवे में क्लर्क पद के लिए पेशकश
अमन को केंद्र सरकार की तरफ से रेलवे में क्लर्क के पद पर नौकरी के लिए ऑफर दिया था। जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया और कुश्ती प्रतियोगिता में और ज्यादा पदक जीतना चाहते हैं। वर्ष 2024 में पेरिस में आयोजित होने वाले ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना उनका लक्ष्य है।
गाधणी आश्रम से की कुश्ती की शुरुआत
अमन ने गांव बिरहोड़ स्थित गाधणी आश्रम में बने छोटे से अखाड़े में कुश्ती की शुरुआत की थी। उनके भाई राकेश ने बताया कि उनके परिजनों में चाचा, ताऊ और वे सभी भाई कुश्ती खेलने के शौकीन रहे हैं। अमन भी बचपन से ही कुश्ती का शौकीन रहा है।
अमन की उपलब्धियां
- अंडर-17 फ्री स्टाइल 2022 में किर्गिस्तान में स्वर्ण पदक जीता
- रैंकिंग सीरीज अल्माटी में स्वर्ण पदक जीता, जो जून 2022 में हुई थी
- खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2019 में स्वर्ण पदक जीता
- 2018 चैंपियनशिप मनामा 2022 में स्वर्ण पदक जीता
- एशियन चैंपियनशिप 2019 में स्वर्ण पदक जीता
- तीन बार भारत कुमार रह चुके हैं
- 62वीं राष्ट्रीय शालेय फ्री-स्टाइल 2016 खंडवा मध्यप्रदेश में स्वर्ण पदक हासिल किया
- टाटा मोटर्स 39 फ्री स्टाइल नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता
- टाटा मोटर्स 32 बॉयज फ्री-स्टाइल नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता
- टाटा मोटर्स 2021 जूनियर बॉयज नोएडा में स्वर्ण पदक जीता
- टाटा मोटर्स 2020 में 23 व जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता
- नेशनल स्कूली खेल 2015-16 में स्वर्ण पदक जीता
- 64वीं नेशनल स्कूल की खेल 2018-19 में स्वर्ण पदक जीता
- 65वीं नेशनल स्कूल 2019-2020 में स्वर्ण पदक जीता
- एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप फ्री स्टाइल ईरान 2018 में स्वर्ण पदक जीता
- खेलो इंडिया 2020 में स्वर्ण पदक जीता
- सीनियर मेन फ्री स्टाइल यूपी गोंडा 2021 में स्वर्ण पदक जीता
- अंडर 15 फ्री स्टाइल यूपी मेरठ 2018 में स्वर्ण पदक जीता
- बाबा हरिदास कुश्ती दंगल बेरी में स्वर्ण पदक जीता
- खेलो इंडिया 2021 में स्वर्ण पदक जीता
- महाराष्ट्र जूनियर कैडेट रेसलिंग चैंपियनशिप 2018 में स्वर्ण पदक जीता
- हरियाणा स्टेट सब जूनियर 2020 में स्वर्ण पदक जीता
- कजाकिस्तान 2022 अल्माटी रैंकिंग सीरीज में स्वर्ण पदक जीता
- रैंकिंग सीरीज 2022 इस्तांबूल में कांस्य पदक जीता जीता
- कैडेट वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप सोफिया 2019 में कांस्य पदक, गोजिरिया में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता में 2018 में स्वर्ण पदक जीता
- रैंकिंग सीरीज ट्यूनेशिया 2022 में रजत पदक जीता
अमन के गांव बिरहोड़ में मूलभूत सुविधाएं नहीं
अमन के गांव बिरहोड़ में अभी भी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। गांव की गलियां टूटी हुई हैं। मान वाला रास्ता व अमन के घर की तरफ जाने वाला नौगांव का रास्ता अभी भी कच्चा है। बड़ा भूत व सुंदराण पाने में दूषित पानी की निकासी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। गांव में बने स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी है। आपातकालीन स्थिति में गांव वालों को चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती है। बच गढ़ की भूमि पर लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है, जहां पर अतिक्रमण हटवाने की वह चहारदीवारी करवाए जाने की मुख्य समस्या आज भी है।