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Jhajjar-Bahadurgarh News: एशियन अंडर-18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में झज्जर के लाडले ने 67.56 मीटर भाला फेंक जीता स्वर्ण पदक
Sun, 20 Apr 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Sun, 20 Apr 2025 01:34 AM IST
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19jjrp05- हिमांशु जाखड़।
- फोटो : reasi news
साल्हावास। गत 15 से 18 अप्रैल तक सऊदी अरब के दमम शहर में आयोजित की गई एशियाई अंडर 18 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में साल्हावास के हिमांशु जाखड़ ने भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीता है। हिमांशु ने 67.57 मीटर भाला फेंककर भारत के लिए पहला और एकमात्र स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है। इस प्रतियोगिता में भारत एक स्वर्ण, पांच रजत व पांच कांस्य पदक लेकर दूसरे स्थान पर रहा। इसमें स्वर्ण पदक अपने झज्जर जिले के हिमांशु जाखड़ ने जीता है, जबकि 100 मीटर व 200 मीटर दौड़ में आरती जटवाड़ा ने 16 अप्रैल को कांस्य पदक प्राप्त किए थे।
इससे पहले भी हिमांशु ने नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024 में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। जिला एथलेटिक्स संघ के प्रधान जयप्रकाश जाखड़ ने बताया की गत दिनों (पटना) बिहार में आयोजित की गई राष्ट्रीय अंडर 18 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक लेकर हिमांशु जाखड़ ने इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया था। अब अपने स्वर्णिम सफर को जारी रखते हुए एशिया महाद्वीप में स्वर्ण पदक लेकर देश का मान बढ़ाया है। हिमांशु जाखड़ ने अपने खेल की शुरुआत एचडी स्कूल साल्हावास में वर्ष 2022 में दसवीं कक्षा के दौरान की थी। वह सुबह-शाम अभ्यास के लिए अकेहडी मदनपुर के स्टेडियम में अपने कोच नवीन जाखड़ के पास जाता था, जो जैवलिन थ्रो के राष्ट्रीय पदक विजेता व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं। हिमांशु जाखड़ की मां रीना गृहणी है और पिता दलबीर कृषि उपकरणों के निर्माता व विक्रेता हैं।
नीरज चोपड़ा से प्रभावित होकर जैवलिन थ्रो खेल अपनाया
नीरज चोपड़ा से प्रभावित होकर हिमांशु जाखड़ ने जैवलिन थ्रो खेल में अपना भविष्य बनाने की सोची। सबसे पहले उसने पहली नीरज चोपड़ा भाला फेंक स्पर्धा में भाग लिया था। यह प्रतियोगिता कर्ण स्टेडियम करनाल में 7 अगस्त 2022 को आयोजित हुई थी। वह इसमें चौथे स्थान पर रहा था। उसके बाद जिलास्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिता राजीव गांधी स्टेडियम तलाव में हुई, जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त किया। उसके बाद हिमांशु जाखड़ चार बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीत चुका है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश व देश का मान बढ़ाया है।
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साल्हावास क्षेत्र रोज नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा
सीमित संसाधनों के होते हुए साल्हावास व मातनहेल ब्लॉक के खिलाड़ी नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा हैं। चाहे बॉक्सिंग, कुश्ती, शूटिंग खेल की बात हो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के गौरव को हमारे खिलाड़ियों ने बढ़ाया है। गांव पहुंचने पर जिला एथलेटिक्स संघ व 36 जाखड़ खाप की तरफ से हिमांशु जाखड़ का जोरदार स्वागत किया जाएगा व सम्मानित किया जाएगा।
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इससे पहले भी हिमांशु ने नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024 में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। जिला एथलेटिक्स संघ के प्रधान जयप्रकाश जाखड़ ने बताया की गत दिनों (पटना) बिहार में आयोजित की गई राष्ट्रीय अंडर 18 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक लेकर हिमांशु जाखड़ ने इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया था। अब अपने स्वर्णिम सफर को जारी रखते हुए एशिया महाद्वीप में स्वर्ण पदक लेकर देश का मान बढ़ाया है। हिमांशु जाखड़ ने अपने खेल की शुरुआत एचडी स्कूल साल्हावास में वर्ष 2022 में दसवीं कक्षा के दौरान की थी। वह सुबह-शाम अभ्यास के लिए अकेहडी मदनपुर के स्टेडियम में अपने कोच नवीन जाखड़ के पास जाता था, जो जैवलिन थ्रो के राष्ट्रीय पदक विजेता व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रहे हैं। हिमांशु जाखड़ की मां रीना गृहणी है और पिता दलबीर कृषि उपकरणों के निर्माता व विक्रेता हैं।
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नीरज चोपड़ा से प्रभावित होकर जैवलिन थ्रो खेल अपनाया
नीरज चोपड़ा से प्रभावित होकर हिमांशु जाखड़ ने जैवलिन थ्रो खेल में अपना भविष्य बनाने की सोची। सबसे पहले उसने पहली नीरज चोपड़ा भाला फेंक स्पर्धा में भाग लिया था। यह प्रतियोगिता कर्ण स्टेडियम करनाल में 7 अगस्त 2022 को आयोजित हुई थी। वह इसमें चौथे स्थान पर रहा था। उसके बाद जिलास्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिता राजीव गांधी स्टेडियम तलाव में हुई, जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त किया। उसके बाद हिमांशु जाखड़ चार बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीत चुका है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश व देश का मान बढ़ाया है।
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साल्हावास क्षेत्र रोज नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा
सीमित संसाधनों के होते हुए साल्हावास व मातनहेल ब्लॉक के खिलाड़ी नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा हैं। चाहे बॉक्सिंग, कुश्ती, शूटिंग खेल की बात हो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के गौरव को हमारे खिलाड़ियों ने बढ़ाया है। गांव पहुंचने पर जिला एथलेटिक्स संघ व 36 जाखड़ खाप की तरफ से हिमांशु जाखड़ का जोरदार स्वागत किया जाएगा व सम्मानित किया जाएगा।