फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   Jhajjar, hindi news, leftinent, dhaudh village, Navita, Jhajjar

लेफ्टिनेंट बनकर लौटी धौड गांव की बेटी नविता

Tue, 15 Mar 2016 11:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर Updated Tue, 15 Mar 2016 11:40 PM IST
विज्ञापन
Jhajjar, hindi news, leftinent, dhaudh village, Navita, Jhajjar
लेफ्टिनेंट बनकर लौटी धौड गांव की बेटी नविता - फोटो : bureau

आप ने सुना होगा कि अगर मनुष्य में कुछ कर जाने का जज्बा हो तो जिंदगी हर कठिनाइयों को पार कर अपनी मंजिल हासिल कर लेती है। ऐसे ही जज्बे की मिशाल जिले के गांव धौड़ की नविता राजन ने कायम की है। देश की सेवा करने के जज्बे से जिंदगी में आगे बढ़ी नविता राजन आज आर्मी में लेफ्टिनेंट बनी हैं।

विज्ञापन


मंगलवार को उनके गांव  पहुंचने पर भूतपूर्व सैनिकों ने गांव की बेटी का फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। जिसमें गांव के दर्जनों से ज्यादा भूतपूर्व सैनिकों ने भाग लिया। नवनियुक्त नविता राजन गांव धौड़ निवासी है। नविता के परिवार में उसके पिता सुरेंद्र, माता सुरेश देवी, दादा मांगेराम, दादी किताबों देवी और उनका भाई नवीन राजन हैं।
विज्ञापन


दादा मागेंराम गुरुकुल आर्य समाज में मंत्री भी रह चुके हैं। दादी और माता गृहणी हैं, वहीं भाई नवीन कुरुक्षेत्र एनआईटी कॉलेज में बीटेक सिविल इंजीनियर कर रहा है। नविता ने अपनी पढ़ाई गांव में पहली कक्षा से की। 2010 में इंडिया इंटर नेशनल स्कूल जयपुर से 12वीं कक्षा 79 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


2013 में दिल्ली यूनिवसिर्टी से बीए की डिग्री 56 प्रतिशत अंक प्राप्त की उसके बाद मद्रास में मॉस्टर इकोनामिक्स मेें चयन हुआ इसके बाद देश की सेवा का जुनून था कि आज इस जज्बे ने उसे लेफ्टिनेंट बना दिया।

दादा के सपने ने बनाया लेफ्टिनेंट
नवनियुक्त लेफ्टिनेंट नविता राजन ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह टीचर की नौकरी कर सकती थी, इसके लिए 11 माह  की ट्रेनिंग ली। लेकिन देश की सेवा करने के जुनून ने उन्हें इस क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित किया। दादा मांगेराम का सपना था कि उसकी पोती आर्मी में भर्ती होकर देश की सेवा करेंगी।

नविता ने बताया कि दादा के इसी सपने को मन में संजोकर देश की सेवा करने का एक जज्बा रखा और मद्रास में टीचर के पद प्रथम सेमेस्टर कर रही थीं और साथ पर चयन हो गया था और मेरा बाद में आर्मी में मेरिट में चयन हो गया। नविता राजन ने बताया कि इस सफलता में परिवार का बहुत सहयोग रहा। परिवार के किसी भी सदस्य से जो मांगा वहीं दिया और आज इस पर खरा उतरते हुए वह आर्मी में एक ऊंचे पद पर नियुक्त हुई है।

ट्रेनिंग के दौरान मिलीं कई उपलब्धियां
नविता राजन ने बताया कि उन्हें ट्रेनिंग के दौरान जूड़ो- कराटों में दो गोल्ड जीते, बास्केट बाल में एक गोल्ड मेडल जीते।  

पिता बोले, गांव की पहली बेटी आर्मी में बनी लेफ्टिनेंट
नविता के पिता सुरेंद्र जयपुर जेडीए में सिविल इंजीनियर हैं। उन्होंने अपनी बेटी को सेना को समर्पित किया। झज्जर जिले के गांव धौड़ की पहली लड़की आर्मी में लेफ्टिनेंट बनने पर पिता सुरेंद्र गदगद हो उठे हैं। उनका कहना है कि देश के प्रत्येक घर से एक बेटी देश की सेवा करने के लिए आगे आए और सेना में भर्ती होकर अपने माता-पिता और देश का नाम रोशन करें।

लड़कियां भी किसी क्षेत्र में लड़कों से कम नहीं हैं। समाज को अपनी सोच बदलनी चाहिए और लड़कियों को पढ़ाई करानी चाहिए जिस फील्ड में इंटरेस्ट हो उसे वहां पर जाने देना चाहिए। नविता राजन की मां सुरेश देवी ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी है उनकी बेटी इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट बनी है।


जब नविता लेफ्टिनेंट की शपथ ले रही तो लगा कि स्वर्ग धरती पर ही है। उन्होंने कहा कि बेटियां देश की शक्ति स्वरूप है। सभी को अपनी बेटियों के साथ देश के लिए आगे आकर कदम से कदम मिला कर आगे बढ़ना ही होगा। क्योंकि बेटियां गर्भ में ही मिटाने की वस्तु नहीं, बल्कि बेटियां भारत देश की शान हैं। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी छोटू राम, जयचंद, सुभाष, कैप्टन प्रेमचंद्र, दयांनद, बस्ती राम, वेदपाल ठेकेदार हवा सिंह, राजवीर, भूतपूर्व सैनिक, बुआ अनीता, सुमित्रा मौजूद रहे और नविता को बधाई दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed