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चालान से बचने के लिए सड़क किनारे खड़े ओवरलोड वाहन बन रहे दुर्घटनाओं का कारण

Thu, 22 Jul 2021 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 12:51 AM IST
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jhajjar bahadurgarh news,To avoid challan, overloaded vehicles parked on the side of the road are becoming the cause of accidents.
बाईपास पर सड़क किनारे खड़े वाहन। संवाद - फोटो : Jhjhar
सड़कों पर खड़े रहने वाले भारी और ओवरलोड वाहन सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन या आरटीए विभाग की तरफ से इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। रात को ही नहीं दिन के समय भी ये वाहन नो एंट्री के चक्कर में सड़कों पर या सड़कों के किनारे खड़े रहते हैं।
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जिले में अनेक बार इन भारी वाहनों के हादसे हो चुके हैं। लेकिन संबंधित विभाग इस प्रकार के हादसों से कोई सबक नहीं ले रहा है। अगर कोई इस प्रकार का हादसा होता है तो पुलिस प्रशासन की तरफ से केवल उस वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाती है, लेकिन भविष्य में इस प्रकार से खड़े वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अगर पुलिस प्रशासन की तरफ से इस प्रकार सड़क पर खड़े रहने वाले वाहनों के चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और इन्हें सड़कों से हटवा दिया जाए तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है। चरखी दादरी व नारनौल की तरफ से रोड़ी व क्रशर से भरे ओवरलोड ट्रक व डंपर दिल्ली व गुड़गांव की तरफ से जाते हैं। कई बार चेकिंग के दौरान भारी वाहन चालक अपनी गाड़ियों को सड़क के किनारे खड़ा करके चेकिंग से बचते नजर आते हैं। कई घंटों तक ट्रकों की लंबी लाइन सड़क के किनारे लगी रहती है।
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इसके कारण पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहन खड़े वाहन से टकरा जाते हैं। जिले में करीब 1400 किलोमीटर की सड़कें हैं। इनमें तीन नेशनल हाइवे भी शामिल हैं। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों की हालत अच्छी होने के कारण वाहन भी सरपट दौड़ते नजर आते हैं। सड़कों पर तेज गति से दौड़ने वाले वाहनों की वजह से सड़क दुर्घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। देखा जाए तो लापरवाही व ओवरलोड वाहन के कारण हो रहे सड़क हादसों में हर साल सैकड़ों लोग अकाल मौत के आगोश में समा जाते हैं।
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एक सप्ताह में ये हुईं दुर्घटना
पिछले तीन दिन पहले बाईपास पर कोसली मोड़ के पास तीन डंपर व ट्रकों की टक्कर हो गई थी। इनकी टक्कर होने के कारण दो वाहनों के चालक घायल हो गए थे, दोनों को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया था। पिछले सप्ताह एक हाईवा डंपर ने तलाव गांव के पास स्कूटी सवार नर्सिंग की दो छात्राओं को टक्कर मार दी थी। हादसे में छात्राओं की मौत हो गई। इसके अलावा 80 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं भारी व ओवरलोड वाहनों के कारण हो रही हैं। इसी प्रकार मुख्य मार्गों पर होटल व ढाबों के आगे भी भारी वाहन रात के समय खड़े रहते हैं।
भारी वाहनों के चालान आरटीए विभाग की तरफ से किए जाते हैं। पुलिस की तरफ से अन्य वाहनों के चालान किए जाते हैं। शहर के आसपास की सड़कों पर होटल व ढाबों के सामने खड़े वाहनों को हटवाया जाएगा।

- सुखबीर सिंह, शहर यातायात पुलिस प्रभारी, झज्जर।
होटल और ढाबों के सामने भारी वाहन सड़कों पर नहीं खड़े होते। होटल व ढाबे वालों की ओर से वाहनों को खड़ा करने के लिए पार्किंग बनाई जाती है। जहां पर भारी वाहन खड़े होते हैं। विभाग की ओर से ओवरलोड वाहनों के चालान भी किए जा रहे हैं।
- लायक राम, सचिव, आरटीए, बहादुरगढ़।
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