फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   jhajjar bahadurgarh news,Farmers demand MSP guarantee

किसानों ने की एमएसपी गारंटी देने की मांग

Thu, 05 Aug 2021 01:42 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 05 Aug 2021 01:42 AM IST
विज्ञापन
jhajjar bahadurgarh news,Farmers demand MSP guarantee
दिल्ली में जंतर-मंतर पर बुधवार को चली किसान संसद में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चर्चा की गई। किसान प्रतिनिधियों ने सरकार से एमएसपी पर फसल खरीद का कानून बनाकर उनकी फसल खरीद की गारंटी देने और कॉरपोरेट के शोषण से बचाने की मांग की।
विज्ञापन

संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों के नेताओं ईश्वर सिंह दहिया, सत्यवीर सिंह तथा विक्रम तांबरे ने भी जंतर मंतर पर किसान संसद की कार्रवाई में भाग लिया। किसान संसद में चर्चा में भाग लेते हुए किसान नेता ईश्वर सिंह दहिया ने कहा कि किसानों की लंबे समय से मांग है कि उन्हें सी-2 फार्मूले के आधार पर अर्थात (कंप्रिहेंसिव कॉस्ट) संपूर्ण लागत पर कम से कम डेढ़ गुना एमएसपी दिया जाए और इस घोषित एमएसपी पर उनकी फसल खरीद की गारंटी दी जाए। यह स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश है। इसके बारे में 2014 के चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी ने कहा था कि यदि हमारी पार्टी सत्ता में आई तो पहली ही मीटिंग में पहली ही कलम से हम किसानों को लागत से डेढ़ गुना दाम देंगे। परंतु आज तक उन्होंने अपने वादे को लागू नहीं किया।
विज्ञापन

94 फीसदी को नहीं मिलता एमएसपी
किसान नेता विक्रम तांबरे ने कहा कि डीजल, खाद व बीज आदि हर साल मंहगे हो जाते हैं, जिससे खेती में लागत बढ़ती ही जा रही है। उसी अनुपात में फसलों के दाम नहीं बढ़ाए जाते और पुराने फॉर्मूले के आधार पर एमएसपी घोषित कर दिया जाता है। 94 फीसदी से ज्यादा किसानों की इस घोषित मूल्य पर फसल खरीद नहीं होती। मजबूरन उन्हें औने पौने दामों में अपनी फसल बाजार के हवाले करनी पड़ती है। परिणाम स्वरूप किसान कर्ज जाल में फंस जाते हैं और आत्महत्या तक करने को मजबूर हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पैसे की कमी का बहाना
एआईकेकेएमएस के नेता सत्यवीर सिंह ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपने हलफनामे में कहा है कि सभी किसानों की सभी फसलें एमएसपी पर खरीद करने के लिए उनके खजाने में पैसे नहीं हैं। किसानों के नाम पर इनके खजाने खाली हैं, परंतु कॉरपोरेट घरानों के टैक्सों में छूट देने, बैंकों के बकाया लाखों करोड़ रुपये माफ करने और उन्हें तरह-तरह के राहत पैकेज देने में इस सरकार के पास पैसे की कोई कमी आड़े नहीं आती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed