दिल्ली में जंतर-मंतर पर शुक्रवार को चली किसान संसद में बिजली बिल 2021 पर भी चर्चा हुई। आंदोलनकारी नेताओं ने इस बिल को आम आदमी विरोधी बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की राज्य कमेटी सदस्य रामकुमार, किसान नेता गिरवर सिंह और किसान नेता राहुल ने किसान संसद की कार्रवाई में भाग लिया। बिजली बिल (संशोधन) 2021 चर्चा का विषय रहा।
चर्चा में भाग लेते हुए राहुल ने सरकार से कहा कि आजादी के वक्त बिजली सेवा क्षेत्र में आती थी। बिजली संशोधन बिल 2021 पास होने पर बिजली उत्पादन व वितरण प्राइवेट हाथों में चला जाएगा। निजीकरण से किसानों, गरीब परिवारों व बीपीएल परिवारों को मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएंगी। किसानों और आम उपभोक्ताओं को कॉमर्शियल आधार पर बिजली बिलों का भुगतान करना पड़ेगा। एक यूनिट कम से कम 10 रुपये की पड़ेगी। एक अनुमान के अनुसार किसानों को प्रति मास करीब 6000 बिजली का बिल भरना पड़ेगा और जो किसान बिल का भुगतान नहीं कर पाएंगे उनका कनेक्शन काट दिया जाएगा। इस तरह फसल और किसान बर्बाद हो जाएंगे। जनता पहले ही महंगाई से त्राहि-त्राहि कर रही है। बिजली के निजीकरण से उस पर बेतहाशा बोझ बढ़ जाएगा। इसलिए बिजली बिल संशोधन 2021 को तुरंत वापस लिया जाए।