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बावन अस्थायी शेल्टर होम में 1021 व्यक्तियों को ठहराया
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झज्जर में अस्थायी शेल्टर होम का निरीक्षण कर प्रवासी श्रमिकों को आवश्यक वस्तुएं प्रदान करतीं एसड
- फोटो : Jhjhar
कोरोना वायरस से लोगों का बचाव करने के लिए किए लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों व जरूरतमंद व्यक्तियों को प्रशासनिक स्तर पर पूरी राहत दी जा रही है। उपायुक्त जितेंद्र कुमार ने बताया कि झज्जर जिले में अब तक 52 अस्थायी शेल्टर होम चल रहे हैं जिनमें मंगलवार को दोपहर बाद तक 1021 व्यक्तियों को ठहराया गया है।
प्रशासन की ओर से प्रवासी श्रमिकों व जरूरतमंद लोगों की संख्या के अनुसार शेल्टर होम में लोगों को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई और चिकित्सा सुविधा प्रदान करते हुए नियमित तौर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग है। अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह पूरे जिले के सभी शेल्टर होम के ऑवर आल प्रभारी हैं, जिनकी देखरेख में अस्थायी शेल्टर होम में ठहराव, भोजन व चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
अस्थायी शेल्टर होम में हर परिस्थिति की गंभीरता से मॉनीटरिंग
उपायुक्त ने बताया कि जिला झज्जर के चारों उपमंडलों में शेल्टर होम बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि झज्जर में 22, बहादुरगढ़ में 26, बेरी में 2 और बादली उपमंडल में 2 अस्थायी शेल्टर होम बनाए गए हैं। झज्जर शहर में बने शेल्टर होम में अब तक 524, बहादुरगढ़ में 389, बेरी में 70 और बादली के शेल्टर होम में 38 लोगों को ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि शेल्टर होम में हर परिस्थिति की गंभीरता से मॉनीटरिंग की जा रही है। डिस्टेंस मेंनटेंन रखने के लिए श्रमिकों को जागरूक किया जा रहा है और कोरोना वायरस से बचाव के लिए सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला झज्जर में अब तक 17780 फूड पैकेट स्थानीय एनजीओ व जिला प्रशासन ने वितरित किए हैं।
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एसडीएम शिखा ने शेल्टर होम में वितरित की आवश्यक सामग्री
उपायुक्त के दिशा-निर्देशानुसार एसडीएम शिखा ने शहर में बने शेल्टर होम में पहुंचकर प्रवासी श्रमिकों व जरूरतमंद लोगों को लॉकडाउन खुलने तक का इंतजार करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि इन शेल्टर होम में जो प्रवासी मजदूर रूके हुए हैं, उनके खाने-पीने व रहने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से बेहतर तरीके से की गई है। प्रवासी श्रमिकों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर पालिका सचिव अरूण नांदल सहित नगरपालिका के वाइस चेयरमैन प्रवीण गर्ग और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा जरूरतमंद लोगों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में बेरी के एसडीएम डॉ. राहुल नरवाल, बहादुरगढ़ के एसडीएम तरुण पावरिया, एसडीएम बादली संबंधित शेल्टर होम के साथ ही लॉकडाउन की हर परिस्थिति में नजर रखे हुए हैं।
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प्रशासन की ओर से प्रवासी श्रमिकों व जरूरतमंद लोगों की संख्या के अनुसार शेल्टर होम में लोगों को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई और चिकित्सा सुविधा प्रदान करते हुए नियमित तौर पर स्वास्थ्य जांच की जा रही है। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से सजग है। अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह पूरे जिले के सभी शेल्टर होम के ऑवर आल प्रभारी हैं, जिनकी देखरेख में अस्थायी शेल्टर होम में ठहराव, भोजन व चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
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अस्थायी शेल्टर होम में हर परिस्थिति की गंभीरता से मॉनीटरिंग
उपायुक्त ने बताया कि जिला झज्जर के चारों उपमंडलों में शेल्टर होम बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि झज्जर में 22, बहादुरगढ़ में 26, बेरी में 2 और बादली उपमंडल में 2 अस्थायी शेल्टर होम बनाए गए हैं। झज्जर शहर में बने शेल्टर होम में अब तक 524, बहादुरगढ़ में 389, बेरी में 70 और बादली के शेल्टर होम में 38 लोगों को ठहराया गया है। उन्होंने बताया कि शेल्टर होम में हर परिस्थिति की गंभीरता से मॉनीटरिंग की जा रही है। डिस्टेंस मेंनटेंन रखने के लिए श्रमिकों को जागरूक किया जा रहा है और कोरोना वायरस से बचाव के लिए सजग रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला झज्जर में अब तक 17780 फूड पैकेट स्थानीय एनजीओ व जिला प्रशासन ने वितरित किए हैं।
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एसडीएम शिखा ने शेल्टर होम में वितरित की आवश्यक सामग्री
उपायुक्त के दिशा-निर्देशानुसार एसडीएम शिखा ने शहर में बने शेल्टर होम में पहुंचकर प्रवासी श्रमिकों व जरूरतमंद लोगों को लॉकडाउन खुलने तक का इंतजार करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि इन शेल्टर होम में जो प्रवासी मजदूर रूके हुए हैं, उनके खाने-पीने व रहने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से बेहतर तरीके से की गई है। प्रवासी श्रमिकों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर पालिका सचिव अरूण नांदल सहित नगरपालिका के वाइस चेयरमैन प्रवीण गर्ग और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा जरूरतमंद लोगों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में बेरी के एसडीएम डॉ. राहुल नरवाल, बहादुरगढ़ के एसडीएम तरुण पावरिया, एसडीएम बादली संबंधित शेल्टर होम के साथ ही लॉकडाउन की हर परिस्थिति में नजर रखे हुए हैं।